facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पेंट, टायर शेयरों का मूल्यांकन महंगा; एक साल में आई 99 फीसदी तेजी, रेटिंग घटने के आसार

Advertisement
Last Updated- May 25, 2023 | 10:33 PM IST
Paint Sector

कच्चे माल की कीमतों में नरमी के बीच, कच्चे तेल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में पिछले एक साल में शानदार तेजी आई है। संबं​धित कंपनियों के शेयर इस अव​धि में 99 प्रतिशत तक चढ़े जबकि सेंसेक्स में 14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों क्षेत्रों के मूल्यांकन में तेजी की वजह से इनकी रेटिंग में कमी को बढ़ावा मिल सकता है।

IDBI Capital के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर का कहना है, ‘पेंट और टायर कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2023 की मजबूत जनवरी-मार्च तिमाही के बावजूद हमारा मानना है कि सकारात्मक बदलावों का असर कीमतों पर दिख चुका है। हमें महंगे मूल्यांकन की वजह से इन शेयरों में अल्पाव​धि गिरावट आने का अनुमान है। जहां पेंट कंपनियों का औसत मूल्यांकन पिछले 12 महीनों के मुकाबले करीब 55 गुना पर है, वहीं टायर निर्माता कंपनियों के शेयर 12 महीने पिछली अव​धि के 33 गुना पर कारोबार कर रहे हैं।’

तुलनात्मक तौर पर, औसत मूल्यांकन ऐतिहासिक तौर पर पेंट के लिए 36 गुना से नीचे और टायर शेयरों के लिए 12 गुना से नीचे पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इसके अलावा पेंट क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से संभावित कीमत टकराव से दीर्घाव​धि में दबाव पड़ सकता है।

HDFC Securities में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी का कहना है कि जहां पेंट उद्योग का मध्याव​धि परिदृश्य मजबूत रहेगा, वहीं मूल्यांकन की वजह से दीर्घाव​धि में रेटिंग में कमी की आशंका है।

वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में, ए​शियन पेंट्स (Asian Paints), बर्जर पेंट‌्स (Berger Paints) और कनसाई नैरोलैक (Kansai Nerolac ) ने एक साल पहले के मुकाबले 12.8 प्रतिशत तकी की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जबकि शुद्ध मुनाफा वृद्धि 401 प्रतिशत तक रही।

जिंस कीमतों से जुड़ी लागत में नरमी से पेंट कंपनियों को चौथी तिमाही में अपना एबिटा मार्जिन 5 प्रतिशत तक बढ़ाने में मदद मिली। इसमें कच्चा तेल (सालाना आधार पर 50 प्रतिशत कम), और टाइटेनियम डाई ऑक्साइड (28 प्रतिशत कम) में नरमी से इन कंपनियों को राहत मिली।

इस बीच, टायर कंपनियों अपोलो टायर्स (Apollo Tyres), सिएट (Ceat), और जेके टायर (JK Tyre) का समेकित शुद्ध लाभ कम उत्पादन लागत और मजबूत मांग की वजह से चार गुना बढ़ गया। दूसरी तरफ, परिचालन से राजस्व 12 प्रतिशत तक बढ़ गया।

Also read: साल 2024 की शुरुआत में IPO लाने की तैयारी में Ola Electric

इसके बावजूद, ब्रोकर इन दोनों क्षेत्रों पर सतर्क बने हुए हैं, और उन्होंने संबं​धित क्षेत्रों के शेयरों के लिए कीमत लक्ष्य घटाए हैं।

ICICI Securities के विश्लेषकों का कहना है कि जहां बर्जर पेंट्स का अल्पाव​धि परिदृश्य मजबूत बना हुआ है वहीं ज्यादा विज्ञापन खर्च के जरिये बाजार भागीदारी पुन: बढ़ाने के लिए कंपनी के प्रयासों से अल्पाव​धि में मार्जिन पर दबाव पड़ेगा।

ब्रोकरेज फर्म ने लिखा है, ‘हमारा मानना है कि शेयर भाव में तेजी मौजूदा मूल्यांकन (वित्त वर्ष 2025 की अनुमानित EPS के 48.7 गुना) पर सीमित है। इसलिए, हमने 547 रुपये के संशो​धित कीमत लक्ष्य के साथ ’घटाएं’ रेटिंग बरकरार रखी है।

Also read: भारत-अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल अंतर 14 वर्ष के निचले स्तर पर: विश्लेषक

इसके अलावा, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कनसाई नैरोलैक के लिए वित्त वर्ष 2024/वित्त वर्ष 2025 के ईपीएस अनुमान 3.3 प्रतिशत या 4.1 प्रतिशत तक घटाए हैं।

नुवामा हो​ल्डिंग्स के विश्लेषकों द्वारा सिएट की रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ की है, क्योंकि वित्त वर्ष 2024 का मार्जिन में तेजी बनाए रखने के लिए उत्पादन लागत मिश्रित (फरवरी 2023 से रबर कीमतों में 7 प्रतिशत की तेजी) और स्थानीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की जरूरत होगी।

Advertisement
First Published - May 25, 2023 | 7:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement