डॉलर के मुकाबले रुपये में शुक्रवार को खासा सुधार हुआ क्योंकि वैश्विक स्तर डॉलर थोड़ा नरम हुआ। साथ ही खबर है कि आरबीआई ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को हाजिर बाजार से डॉलर की खरीद घटाने को कहा है। डीलरों ने यह जानकारी दी।
देसी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 81.35 पर टिका, जो एक दिन पहले 81.85 पर बंद हुआ था। इस कैलेंडर वर्ष में अभी तक डॉलर के मुकाबले रुपया 8.6 फीसदी कमजोर हो चुका है।
रुपये में गिरावट की रफ्तार हालांकि 21 सितंबर के बाद तेज हो गई क्योंकि तब फेडरल रिजर्व ने अमेरिका में ब्याज बढ़ोतरी का चक्र अनुमान से ज्यादा लंबा चलने का संकेत दिया था। तब से देसी मुद्रा में 1.7 फीसदी की गिरावट आई है।
शुक्रवार को ब्याज दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी के आरबीआई के फैसले ने भी रुपये को थोड़ा सहारा दिया। डीलरों ने कहा कि बाहर की स्थिति पर आरबीआई से लगातार मिल रही टिप्पणी बताती है कि वह स्थानीय मुद्रा की चाल पर नजर रखेगा।
देसी ब्याज दर में बढ़ोतरी ने स्थानीय परिसंपत्तियों के लिए अपील बढ़ा दी और अमेरिका के साथ दरों का अंतर और चौड़ा कर दिया। सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स ने शुक्रवार को कहा कि हाजिर बाजार से डॉलर की खरीद के बजाय आरबीआई ने कुछ भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं में देश की तीन सरकारी रिफाइनरी के लिए 9 अरब डॉलर की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
रॉयटर्स ने कहा, क्रेडिट लाइन सिर्फ इंडियन ऑयल कॉर्प, एचपीसीएल और भारत पेट्रोलियम के लिए उपलब्ध है। डॉलर इंडेक्स तेजी से घटकर 114.80 से 111.60 के स्तर पर आ गया, लेकिन कुछ समर्थन मिलने के बाद एक बार फिर पिछले स्तर की ओर चला गया। कुल मिलाकर डॉलर-रुपये का रेंज 80.60 से 82.00 बनी रहेगी।