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डीमैट खाते खोलने की धीमी पड़ी रफ्तार

Last Updated- December 11, 2022 | 5:40 PM IST

शेयर बाजार में गिरावट के कारण नए निवेशकों का जोश भी ठंडा पड़ता दिख रहा है। यही वजह है कि जून में केवल 17.9 लाख नए डीमैट खाते खुले, जो फरवरी 2021 के बाद सबसे कम संख्या है। उद्योग भागीदारों का कहना है कि शेयर बाजार 13 महीने के सबसे निचले मुकाम पर है और स्मॉलकैप तथा मिडकैप में भारी गिरावट आई है, जिससे खुदरा निवेशकों का हौसला कमजोर पड़ा है।
अक्टूबर 2021 में सबसे अ​धिक 35 लाख डीमैट खाते खोले गए थे। उस समय सेंसेक्स और निफ्टी अपने इतिहास की सबसे अधिक ऊंचाई पर थे। इसके बाद रूस-यूक्रेन युद्ध, जिंसों के दाम में तेजी और मंदी की आशंका जैसी तमाम चुनौतियों के बीच बाजार ने कई बार वापसी का प्रयास किया, लेकिन इसमें गिरावट का रुख बना हुआ है। नए डीमैट खाते खोलने में ही कमी नहीं आई है ब​​ल्कि कारोबार की मात्रा भी घटी है। खुदरा निवेशकों के वर्चस्व वाली नकद श्रेणी में औसत दैनिक कारोबार जून में खासा गिरा है और फरवरी 2020 के बाद सबसे कम है।
देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध ब्रोकरेज कंपनी आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्या​धिकारी विजय चंडोक ने कहा, ‘बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी में खासी गिरावट आई है। कोविड के दौरान वित्त वर्ष 2020 में 50 लाख डीमैट खाते खोले गए थे। वित्त वर्ष 2021 में यह आंकड़ा तिगुना होकर 1.5 करोड़ पहुंच गया और वित्त वर्ष 2022 में दोगुना यानी 3 करोड़ के पार पहुंच गया। नए डीमैट खाते के मामले में यह अब तक का रिकॉर्ड है। मगर अक्टूबर 2021 में उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से बाजार में गिरावट का रुख बना हुआ है, जिससे नए निवेशक बाजार में आने से परहेज कर रहे हैं।’
देश में कुल डीमैट खातों की संख्या 9.65 करोड़ है, जिनमें से 1.6 करोड़ नए खाते वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में खोले गए। दूसरी छमाही में 1.85 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए।

First Published - July 11, 2022 | 11:07 PM IST

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