शेयर बाजार में मंगलवार को पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई। कमजोर वैश्विक रुख के बीच आईटी तथा पेट्रोलियम कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स में 199 अंक की गिरावट आई। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 199.17 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 73,128.77 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स कमजोर खुला लेकिन बाद में इसमें तेजी आई और यह अबतक के उच्चतम स्तर 73,427.59 अंक तक पहुंच गया। हालांकि, मुनाफावसूली के कारण वह इस बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया और एक समय यह 367.65 अंक खिसक कर 72,960.29 अंक के निचले स्तर तक आ गया था।
एनएसई निफ्टी कारोबार के दौरान 22,124.15 के उच्चस्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, अंत में यह 65.15 अंक यानी 0.29 फीसदी की गिरावट के साथ 22,032.30 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 शेयरों में 33 नुकसान में जबकि 17 लाभ में रहे। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स 1,972.72 अंक यानी 2.76 फीसदी और निफ्टी 584.45 अंक मजबूत हुआ।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘आईटी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के बाद वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया। निवेशक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि बाजार में जो उत्साह है, वह खासकर घरेलू बाजार में मझोले और छोटे शेयरों के उच्च मूल्यांकन के कारण संभवत: भरोसे वाला नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘नए संकेतकों के अभाव में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) का पूंजी प्रवाह मिला-जुला रहा। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बीच तेल कीमतें मजबूत रहीं।’
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजिज में सर्वाधिक 2.05 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा, विप्रो, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल और एसबीआई के शेयर भी नीचे आए। आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से तेज गिरावट आई। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा स्टील, टाइटन, मारुति, लार्सन ऐंड टुब्रो, आईटीसी और जेएसडब्ल्यू स्टील शामिल हैं।
एचडीएफसी बैंक के वित्तीय परिणाम से पहले उसका शेयर 0.42 फीसदी चढ़ा। बैंक का तीसरी तिमाही का परिणाम बाजार बंद होने के बाद आया। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 16,373 करोड़ रुपये रहा।
लिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा, ‘आईटी, रियल्टी और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से धारणा प्रभावित हुई। वहीं धातु और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में मजबूती दिखी। अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले सूचकांकों (मिड कैप और स्मॉल कैप) में भी गिरावट का रुख रहा।’