Stock Market: शेयर बाजारों में सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। मूडीज के 2024 के लिए आर्थिक वृद्धि अनुमान बढ़ाये जाने के बीच ऊर्जा और बैंक शेयरों में लिवाली से बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी बनी रही।
30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 66.14 अंक यानी 0.09 फीसदी चढ़कर अपने अबतक के उच्चतम स्तर 73,872.29 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह एक समय 183.98 अंक तक उछल गया था। निफ्टी भी 27.20 अंक यानी 0.12 फीसदी की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर 22,405.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह अपने अबतक के उच्चतम स्तर 22,440.90 अंक तक चला गया था। लगातार चार सत्रों से जारी तेजी में सेंसेक्स 1,567 अंक यानी 2.15 फीसदी जबकि निफ्टी 454 अंक मजबूत हुआ।
विश्लेषकों के मुताबिक, मानक सूचकांक जरूर रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए लेकिन बाजार दायरे में रहा। मुख्य रूप से बैंक, ऊर्जा और दवा शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी रही। जबकि आईटी, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों और वाहन शेयर नुकसान में रहे।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘कमजोर वैश्विक रुख से बाजार सीमित दायरे में रहा। वहीं सतर्क रुख जारी रहने के साथ निवेशकों का ध्यान खास शेयरों पर रहा। इसके अलावा उपभोग आंकड़ा नरम रहने से निवेशक की धारणा प्रभावित हुई और वे दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों जैसे शेयरों से दूर रहे।’
नायर ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के वक्तव्य और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की इस सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा आने से पहले वैश्विक धारणा का रुख सतर्क रह सकता है। सेंसेक्स के शेयरों में एनटीपीसी सबसे ज्यादा 3.5 फीसदी चढ़ा। इसके अलावा, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, ऐक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और इंडसइंड बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में जेएसडब्ल्यू स्टील में सर्वाधिक 2.49 फीसदी की गिरावट रही। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस और टाइटन भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वर्ष 2024 के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.8 फीसदी कर दिया है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.1 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। बीते वर्ष के लिए भारत के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं, जिसकी वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाया है। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.16 फीसदी लाभ में रहा जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 0.78 फीसदी नुकसान में रहा।