facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

हमले थमने से बाजार में राहत के आसार

Advertisement

शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

Last Updated- May 11, 2025 | 11:03 PM IST
Stock Market

घरेलू इक्विटी बाजार सोमवार को तेजी के साथ खुल सकते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों की लड़ाई के बाद अमेरिका की कथित मध्यस्थता से युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी दिख सकती है। हालांकि यह तेजी अल्पकालिक हो सकती है।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि निवेशकों का ध्यान वैश्विक संकेतों और स्थानीय कारकों पर लौटेगा, जिनमें मॉनसून की जानकारी और नतीजों की घोषणाएं शामिल हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच 3,800 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

येस सिक्योरिटीज में कार्यकारी निदेशक अमर अंबानी ने कहा, ‘यदि दोनों देशों के बीच टकराव समाप्त हुआ तो सब कुछ सामान्य हो जाएगा। अतीत पर नजर डालें तो पता चलता है कि ऐसे टकरावों का शेयरों पर लंबे समय तक प्रभाव नहीं रहा है। लेकिन इस बार स्थिति अलग हो सकती है।  ताजा टकराव को देखते हुए उतार-चढ़ाव कई महीनों तक रह सकता है।’

शुक्रवार को सेंसेक्स 1.1 फीसदी या 880 अंक गिरकर 79,454 पर जबकि निफ्टी-50 सूचकांक 1.1 फीसदी या 266 अंक लुढ़ककर 24,008 पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि तनाव कम हो जाए और कोई नई झड़पें न हों तो बाजार शुक्रवार के नुकसान की भरपाई कर सकता है।

शुक्रवार की बिकवाली से पहले एफपीआई ने 15 अप्रैल से भारतीय शेयरों में लगभग 50,000 करोड़ रुपये डाले थे जो जून-जुलाई 2023 के बाद से उनकी सबसे लंबी खरीदारी (लगातार 16 सत्र) है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट ने कहा कि इस घटना ने उन विदेशी निवेशकों को हिलाकर रख दिया है जिन्होंने भारत में इस तरह के युद्धकालीन परिदृश्य का पहले कभी सामना नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछला पूर्ण युद्ध वर्ष 1971 में हुआ था। तब से, हमने केवल संक्षिप्त झड़पें देखी हैं। अगर यह और बढ़ता तो बाजारों को और अधिक नुकसान हो सकता था। अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बाद शेयर बाजार मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर हो सकते हैं या ऊपर भी जा सकते हैं।’

तकनीकी तौर पर बाजार अल्पावधि में सीमित दायरे में रह सकते हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा, ‘निफ्टी को 24,545 पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। यह स्तर 26,277 के अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तर से 7 अप्रैल के निचले स्तर 21,743 तक की गिरावट का 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट है। सूचकांक के लिए 23,870 के पिछले ऊंचे स्तर के आसपास समर्थन दिखता है।’

Advertisement
First Published - May 11, 2025 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement