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शराब कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाने का समय!

Last Updated- December 11, 2022 | 5:55 PM IST

शराब निर्माता कंपनियों के शेयर कैलेंडर वर्ष 2022 में अब तक 8 से लेकर 32 प्रतिशत के बीच कमजोर हुए हैं, क्योंकि कच्चे माल की कीमतों में तेजी और कमजोर मांग से ब्रुअरीज एवं डिस्टिलरीज कंपनियां प्रभावित हुई हैं। एसीई इक्विटी डेटा से पता चलता है कि तुलनात्मक तौर पर, निफ्टी-50 सूचकांक और निफ्टी-500 में इस अवधि के दौरान 8.6 प्रतिशत और 10.2 प्रतिशत की गिरावट आई।
विश्लेषकों का मानना है कि आउट-ऑफ-होम (ओओएच) खपत में तेजी के साथ क्षेत्र के लिए खराब समय बीत चुका है, और कुछ राज्य सरकारों ने कर घटाया है जिससे संबद्ध कंपनियों के लिए लागत दबाव उपभोक्ताओं पर डालने की संभावना मजबूत हुई है।
इन घटनाक्रम के बीच, ऑफिसर्स च्वाइस व्हिस्की निर्माता अलायड ब्लेंडर्स ऐंड डिस्टिलरीज लिमिटेड ने आईपीओ के जरिये 2,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी के पास दस्तावेज सौंपे हैं।
आनंद राठी शेयर्स ऐंड स्टॉक ब्रोकर्स में इस क्षेत्र पर नजर रखने वाले अजय ठाकुर ने कहा, ‘हम ओओएच खपत में सुधार को देखते हुए शराब निर्माता कंपनियों पर आशान्वित हैं और कुल मांग में इनका 20-25 प्रतिशत योगदान है। भविष्य में हमें इनसे संबंधित शेयरों में ज्यादा गिरावट की आशंका नहीं दिख रही है, क्योंकि रिकवरी थीम मजबूत है। हालांकि कुछ मुद्रास्फीति दबाव देखा जा सकता है, लेकिन मजबूत बिक्री से लागत दबाव की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है।’
शराब निर्माता कंपनियों में यूनाइटेड स्पिरिट्स, यूनाइटेड ब्रुअरीज, रेडिको खेतान, और ग्लोबस स्पिरिट्स ने जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 4 से 41 प्रतिशत के बीच वृद्धि दर्ज की और रिपोर्टों से पता चलता है कि कंपनियों को सालाना आधार पर 34 प्रतिशत तक की शानदार राजस्व वृद्धि दर्ज करने में मदद मिल रही है।
इस बीच, केरल, राजस्थान और असम समेत कई राज्यों ने उद्योग को इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) की कीमतें बढ़ाने की अनुमति दी है, जो इनकी राजस्व वृद्धि के लिए अच्छा संकेत है। हालांकि विश्लेषकों को कुछ महीनों तक मार्जिन दबाव बरकरार रहने की संभावना है, क्योंकि आपूर्ति शृंखला से संबंधित समस्याएं कुछ और महीनों तक बनी रह सकती हैं।
चावल और जौ की कीमतें पिछले 6 महीनों के दौरान 15 से 59 प्रतिशत के बीच बढ़ी हैं, जबकि गिलास और पैकेजिंग की कीमतों में 15-40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। यही वजह है वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में कंपनियों का एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 800 आधार अंक तक घट गया।

निवेश रणनीति
संपूर्ण बाजार धारणा को देखते हुए कई विश्लेषकों ने निवेशकों को मध्यावधि के नजरिये से इन शेयरों को खरीदने का सुझाव दिया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने यूनाइटेड ब्रुअरीज पर 1,800 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ खरीदें की रेटिंग दी है। और बिक्री वृद्धि की रफ्तार वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में बरकरार रहने की संभावना जताई है।

First Published - June 30, 2022 | 1:42 AM IST

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