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दो सबसे बड़े बैंक जुटाएंगे रकम

Last Updated- December 11, 2022 | 3:55 PM IST

 बॉन्ड बाजार के लिए अहम घटनाक्रम वाले हफ्ते में देश के दो सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक व एचडीएफसी बैंक अगले कुछ दिनों में 10,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने जा रहे हैं।
बैंकिंग क्षेत्र के दो दिग्गज बैंकों की तरफ से जारी होने वाले इन बॉन्डों की कटऑफ दरें अन्य बैंकों के बॉन्ड की कीमत पर असर डालेंगे, खास तौर से इसलिए क्योंकि एचडीएफसी बैंक का एटी-1 बॉन्ड इस साल किसी निजी बैंक का पहला इश्यू होगा।
देश का सबसे बड़ा निजी बैंक साल 2017 के बाद पहली बार एटी-1 इश्यू के जरिए डेट कैपिटल मार्केट में उतर रहा है। सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि ऐक्सिस बैंक भी एटी-1 बॉन्ड के जरिए रकम जुटाने के लिए बाजार पर नजर रखे हुए है। एचडीएफसी बैंक के बॉन्ड की कीमत का असर ऐक्सिस बैंक के बॉन्ड पर पड़ेगा।
मंगलवार को एचडीएफसी बैंक ने 3,000 करोड़ रुपये के एटी-1  बॉन्ड बेचने की योजना बनाई है और इसके साथ 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवेदन को बनाए रखने का विकल्प रखा गया है। ट्रेजरी अधिकारियों को उम्मीद है कि एचडीएफसी बैंक के बॉन्ड की कटऑफ दर 7.80-7.90 फीसदी के दायरे में होगी।
बॉन्ड के साथ पांचवें साल के बाद से कॉल ऑप्शन होगा और इसकी रेटिंग क्रिसिल, केयर और इंडिया रेटिंग्स ने एए प्लस की है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक की योजना 7,000 करोड़ रुपये  का एटी-1 बॉन्ड जारी करने की है, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवेदन को बनाए रखने का विकल्प होगा। एसबीआई की बॉन्ड बिक्री इस वित्त वर्ष में एटी-1 बॉन्ड के जरिए एकबार में सबसे बड़ी रकम जुटाने को रेखांकित करेगी। एसबीआई के बॉन्ड की कटऑफ दर करीब 7.75 फीसदी रह सकती है, जो पिछले हफ्ते बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से जारी एटी-1 बॉन्ड की 7.88 फीसदी से कम है और जुलाई में पीएनबी की तरफ से जारी एटी-1 बॉन्ड की दर  8.75 फीसदी से काफी कम है।
ट्रेजरी अधिकारियों ने कहा, बाजार में खबर है कि एसबीआई की बॉन्ड बिक्री संभालने वालों को अच्छी खासी बोली (बिक्री का करीब 50 फीसदी) 7.75 फीसदी पर मिल चुकी है। कुछ का मानना है कि कटऑफ दर और कम हो सकती है। कुछ कंपनियां भी कामयाब होने के लिए कम दर पर बोली लगाएगी।
उन्होंने कहा, पिछले हफ्ते एचडीएफसी बैंक उस दर की बात कर रहा था जो बैंक ऑफ बड़ौदा की दर से कम है। कुछ धनाढ्य बात कर रहे हैं कि एचडीएफसी बैंक ने 2017 के बाद से एटी-1 बॉन्ड जारी नहीं की है, ऐसे में इसकी काफी मांग होगी। ऐक्सिस बैंक भी इस संबंध में पूछताछ कर रहा है। उसकी कटऑफ दर पर एचडीएफसी बैंक व एसबीआई की कटऑफ दर का असर होगा।  यह करीब 7.90 से 7.95 फीसदी हो सकता है।
मध्य जून के बाद से सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल नरम हुआ है, ऐसे में क्रेडिट की बढ़ती मांग के बीच बैंक अपेक्षाकृत सस्ते पूंजी बाजारों का रुख कर रहा है। सॉवरिन बॉन्ड प्रतिफल कॉरपोरेट डेट की बेंचमार्क कीमत होती है।
16 जून को 3 साल के उच्चस्तर 7.62 फीसदी को छूने के बाद 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल 40 आधार अंक से  ज्यादा फिसला है, जिसकी वजह वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट और देश में महंगाई में आई नरमी है। सोमवार को 10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल 7.22 फीसदी पर बंद हुआ।
दो बड़े बैंकों के अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी मंगलवार को एटी-1 बॉन्ड के जरिये 710 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई  है। इस वित्त वर्ष में बैंकों की तरफसे इन प्रतिभूतियों से जुटाई गई रकम 18,504 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी।

First Published - September 5, 2022 | 10:04 PM IST

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