पीरामल फार्मा (पीपीएल) बुधवार को भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हुई। अक्टूबर 2021 में, पीरामल एंटरप्राइेज के बोर्ड ने फार्मास्युटिकल व्यवसाय को अलग करने और कॉरपोरेट ढांचे को आसान बनाने के लिए मंजूरी दी थी। सोहिनी दास के साथ बातचीत में पीरामल फार्मा की अध्यक्ष नंदिनी पीरामल ने फार्मा इकाई के लिए अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बताया। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
विलय समाप्त होने से क्या लाभ होगा? क्या किसी अन्य पुनर्गठन की योजना है?
निवेशक, शेयरधारक कह रहे थे कि वित्तीय सेवा और फार्मास्युटिकल, दोनों व्यवसायों को समझना बेहद मुश्किल है। इनके लिए रिस्क-रिवार्ड को समझना काफी कठिन हो गया था। वर्ष 2020 में हमने कार्लाइल से पूंजी जुटाई थी और विलय समाप्त करने की राह पर जोर दिया। इससे प्रत्येक कंपनी के लिए व्यवसाय के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी, और हितधारकों – नियामकों या शेयरधारकों के साथ संवाद भी बेहतर होगा।
आपने जेनेरिक दवाओं के जरिये भारतीय घरेलू बाजार में उपस्थिति बढ़ाने के बारे में बात की है और साथ ही अधिग्रहण के लिए भी स्वतंत्र हैं। नई जानकारी क्या है?
हम वास्तव में अपने उपभोक्ता उत्पाद खंड को पसंद करते हैं, और ओटीसी में हम भारत में सबसे बड़ी कंपनियों में से एक हैं। हम यहां दायरा बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। हमने शानदार वृद्धि दर्ज की है। अधिग्रहण के लिए मूल्यांकन पिछले कुछ वर्षों में ऊंचा रहा है। हम सिर्फ इसलिए अधिग्रहण नहीं करेंगे क्योंकि हमें ऐसा करना ही है। यह हमारी रणनीति और साथ ही मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। यदि मूल्यांकन में बदलाव आता है तो हम इस पर विचार करेंगे। लेकिन, फिलहाल हम अपने ओटीसी व्यवसाय के मौजूदा विस्तार से मिलने वाले लाभ पर ध्यान दे रहे हैं।
भारतीय उपभोक्ता स्वास्थ्य व्यवसाय ने वित्त वर्ष 2017 और वित्त वर्ष 2022 के बीच 15 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की। ब्रांड पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए क्या योजनाएं हैं?
वृद्धि न्यून आधार से दर्ज की जा रही है, इसलिए प्रतिशत और आंकड़े अच्छे दिख सकते हैं। हम इसमें निवेश करना चाहेंगे। हमने इस साल अब तक 12 नए उत्पाद पेश किए हैं। हम खासकर बेबी केयर और वूमेंस रेंज में नई पेशकशें बरकरार रखेंगे।
फार्मा कंपनियां कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी के लिए तैयारी कर रही हैं। क्या आपने इसमें प्रवेश करने की कोई योजना बनाई है?
हमने लैक्टो कैलामाइन ब्रांड में कई नए उत्पाद जोड़े हैं, जिनमें फेस वॉश से लेकर मास्क और लोशन आदि शामिल हैं। हम डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन पर भी ध्यान देंगे, लेकिन इस व्यवसाय के उपभोक्ता खंड पर जोर रहेगा।
सीडीएमओ व्यवसाय को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कोविड-19 के दौरान कुछ अस्पतालों में जेनेरिक्स का भी दबाव देखा गया था। मौजूदा समय में परिदृश्य कैसा है?
हम मांग को लेकर चिंतित नहीं हैं। विनिमय दर जैसी अस्थिरता अल्पावधि में चुनौती है, लेकिन आखिरकार यह दूर हो जाएगी। कोविड-19 के दौरान हर कोई इस महामारी पर ध्यान दे रहा था और इसके अलावा दूसरी कोई बड़ी चिंता नहीं थी। अब अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड मरीजों की संख्या काफी कम रह गई है।
हाल में, पीपीएल ने हेम्मो फार्मा जैसे कई अधिग्रहण किए हैं। राजस्व और मुनाफा वृद्धि में इनका योगदान कैसा है?
वर्ष 2020 से हमने फार्मा सॉल्युशन क्षेत्र में दो अधिग्रहण किए। इनमें एक अमेरिका में और दूसरा नवी मुंबई के तुर्भे में हेम्मो फार्मा से जुड़ा हुआ था। हम इन्हें लेकर उत्साहित बने हुए हैं। हम अपने लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।