facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

C2C एडवांस्ड सिस्टम्स IPO से 80% रिटेल निवेशकों ने वापस लिया आवेदन, आखिर क्यों?

Advertisement

SEBI ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को IPO से जुटाई गई राशि के उपयोग की निगरानी के लिए एक एजेंसी बनाने को भी कहा है।

Last Updated- November 28, 2024 | 6:58 PM IST
Gaudium IVF IPO

C2C एडवांस्ड सिस्टम्स के IPO से लगभग 80% व्यक्तिगत निवेशकों ने अपनी बोलियां वापस ले ली हैं। यह कदम कंपनी की लिस्टिंग को नियामकीय चिंताओं के चलते टालने के बाद उठाया गया है।

SEBI ने कंपनी को अपने वित्तीय खातों की जांच के लिए स्वतंत्र ऑडिटर्स नियुक्त करने का निर्देश दिया था। साथ ही, SEBI ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को IPO से जुटाई गई राशि के उपयोग की निगरानी के लिए एक एजेंसी बनाने को भी कहा है।

SEBI के निर्देश के बाद निवेशकों को 99 करोड़ रुपये के IPO से अपनी बोलियां वापस लेने का विकल्प दिया गया। सभी श्रेणियों के लिए बोलियां वापस लेने का यह विकल्प गुरुवार को समाप्त हुआ।

व्यक्तिगत निवेशकों की कैटेगरी में लगभग 4.42 लाख बोलियों में से 3.5 लाख बोलियां वापस ले ली गईं। संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी में सात बोलियां वापस ली गईं, जबकि HNI कैटेगरी में 14,000 से अधिक बोलियां वापस ली गईं।

यह SME IPO अपनी पेशकश से 100 गुना अधिक मांग के साथ काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा था।

गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब SEBI ने SME कंपनियों की लिस्टिंग से पहले उनकी क्वालिटी को लेकर दखल दिया है।

इस साल की शुरुआत में, BSE ने Trafiksol, जो ट्रैफिक सिस्टम्स के लिए सॉफ्टवेयर प्रदान करती है, की लिस्टिंग रोक दी थी। यह कदम IPO से जुटाई गई राशि के उपयोग और गलत जानकारियों को लेकर चिंताओं के बाद उठाया गया था।

अक्टूबर में, SEBI ने Trafiksol द्वारा पेशकश दस्तावेजों में दी गई जानकारियों की गहन जांच का आदेश दिया। IPO से जुटाई गई राशि को एस्क्रो खाते में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां Trafiksol को उस पर कोई एक्सेस नहीं दी गई।

SEBI ने SME कंपनियों की लिस्टिंग, मुख्य बोर्ड पर ट्रांसफर और अधिक पारदर्शिता के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव दिया है। इन प्रस्तावों में पात्रता शर्तों को सख्त करना, न्यूनतम आवेदन राशि बढ़ाना, प्रमोटरों के लिए लॉक-इन अवधि, मुख्य बोर्ड पर ट्रांसफर के लिए कड़े नियम और सख्त कॉर्पोरेट गवर्नेंस उपाय शामिल हैं।

यह कदम तब उठाया गया जब SEBI को IPO से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग, संबंधित पक्षों के साथ लेन-देन के जरिए कीमतें बढ़ाने और निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना पैदा करने के लिए फर्जी लेन-देन के मामले मिले।

Advertisement
First Published - November 28, 2024 | 6:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement