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डिजिटल गोल्ड vs फिजिकल ज्वेलरी: इस अक्षय तृतीया निवेश के लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर?

एक्सपर्ट के मुताबिक, अक्षय तृतीया पर बढ़ती कीमतों और भीड़ के बीच डिजिटल गोल्ड एक स्मार्ट विकल्प बनकर उभरा है, जो परंपरा को आधुनिक सुविधा और सुरक्षा के साथ जोड़ता है

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- April 18, 2026 | 8:05 PM IST

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया भारतीय संस्कृति में सौभाग्य और समृद्धि का महापर्व है। साल 2026 में यह त्योहार 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर सोने की खरीदारी की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन क्या तकनीक के इस दौर में खरीदारी का तरीका बदल रहा है? क्या डिजिटल गोल्ड हमारी रीतियों को चुनौती दे रहा है? आइए, समझते हैं कि एक्सपर्ट इसपर क्या सोचते हैं।

परंपरा और तकनीक का नया संगम

भारत में अक्षय तृतीया और धनतेरस ऐसे दो बड़े मौके हैं जब सोना खरीदना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। पहले लोग इस दिन के लिए पहले से ही प्लानिंग करते थे, चाहे शादी के लिए गहने खरीदने हों, किसी को गिफ्ट देना हो या फिर सिर्फ एक छोटे से सोने के सिक्के के तौर पर खरीदारी करनी हो। ज्यादातर लोगों का मकसद यही होता था कि अक्षय तृतीया के दिन सोने की डिलीवरी उनके घर तक पहुंच जाए।

आज के दौर में डिजिटल गोल्ड और ETF जैसे नए विकल्पों ने इस परंपरा को एक नया रूप दे दिया है। मुथूट एक्जिम के CEO केयूर शाह का कहना है कि डिजिटल गोल्ड किसी भी परंपरा को खत्म या चुनौती नहीं दे रहा है, बल्कि यह लोगों के लिए इसे और ज्यादा आसान और सुविधाजनक बना रहा है। उनके मुताबिक, जो लोग इस शुभ दिन पर सिर्फ एक टोकन के तौर पर छोटी खरीदारी करना चाहते हैं, वे अब एक बटन क्लिक करके भी आसानी से ऐसा कर सकते हैं और इसमें उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होती।

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स्मार्ट प्लानिंग और आसान डिलीवरी

अक्षय तृतीया पर ज्वेलरी स्टोर में लगने वाली भारी भीड़ किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में डिजिटल गोल्ड एक स्मार्ट विकल्प बनकर सामने आया है। केयूर शाह बताते हैं कि जो लोग अक्षय तृतीया पर फिजिकल डिलीवरी ही चाहते हैं, वे भी अब डिजिटल गोल्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। डिजिटल गोल्ड प्लेयर्स आसान रिडेम्पशन और होम डिलीवरी की सुविधा देते हैं, जिससे लोगों के लिए खरीदारी और भी सरल हो जाती है।

शाह बताते हैं कि ग्राहक पहले से ही धीरे-धीरे डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं और फिर अक्षय तृतीया के दिन उसे फिजिकल ज्वेलरी या सिक्कों में बदलकर अपने घर पर डिलीवरी शेड्यूल कर सकते हैं। यानी परंपरा वही रहती है, लेकिन भीड़ और जल्दबाजी से बचने का तरीका बदल गया है। हालांकि, शाह यह भी साफ करते हैं कि जो लोग इस दिन एक व्यक्तिगत अनुभव चाहते हैं, वे आज भी अपने पसंदीदा रिटेल स्टोर पर जाकर ही फिजिकल डिलीवरी लेना पसंद करते हैं।

निवेश का बदलता नजरिया और बाजार के आंकड़े

2026 के ताजा बिजनेस डेटा बताते हैं कि सोने की कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद अक्षय तृतीया पर मांग मजबूत बनी हुई है। इस साल सोने की कीमतें MCX पर लगभग 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास देखी जा रही हैं, जो पिछले साल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत ज्यादा है। ऐसे में डिजिटल गोल्ड का महत्व और बढ़ गया है क्योंकि इसमें निवेश की शुरुआत बहुत छोटी राशि जैसे 1 रुपये से भी की जा सकती है और लोगों को अपने हिसाब से धीरे धीरे निवेश करने की आजादी मिलती है।

जियो फाइनेंस जैसे बड़े प्लेयर्स भी इस मौके पर डिजिटल गोल्ड पर आकर्षक ऑफर्स दे रहे हैं, जिनमें लगभग 1 प्रतिशत अतिरिक्त गोल्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब लोग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपने निवेश पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के मकसद से भी सोना खरीद रहे हैं। डिजिटल गोल्ड ने शुद्धता को लेकर होने वाली चिंता और उसे रखने के लिए लॉकर जैसी स्टोरेज की परेशानी को काफी हद तक खत्म कर दिया है, जिसकी वजह से यह धीरे धीरे आधुनिक भारत की एक नई परंपरा की तरह उभरता जा रहा है।

First Published : April 18, 2026 | 7:36 PM IST