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EPFO Update: नौकरी 10 साल से पहले छोड़ी? फिर भी मिलेगा पेंशन का पैसा, जानें EPFO का ये बड़ा नियम

EPFO का Form 10C 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों को पेंशन फंड निकालने या स्कीम सर्टिफिकेट के जरिए भविष्य की पेंशन सुरक्षित रखने की सुविधा देता है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- June 15, 2026 | 4:01 PM IST

EPFO Update:  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO की कई योजनाएं बेहद अहम होती हैं। इन्हीं में से एक है EPF Form 10C, जो उन कर्मचारियों के लिए खास राहत लेकर आता है जिन्होंने 10 साल की सेवा पूरी नहीं की है।

यह फॉर्म न सिर्फ पेंशन फंड निकालने का विकल्प देता है, बल्कि नौकरी बदलने की स्थिति में भविष्य के लिए पेंशन अधिकार को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।

EPF Form 10C क्या है और क्यों जरूरी है

EPFO की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में हर महीने कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा जमा होता है। कंपनी के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा EPS में जाता है, जो भविष्य की पेंशन के रूप में सुरक्षित रहता है।

अगर कोई कर्मचारी 10 साल की न्यूनतम सेवा पूरी नहीं कर पाता, तो उसे नियमित मासिक पेंशन का लाभ नहीं मिलता। ऐसे में Form 10C के जरिए वह अपने EPS खाते में जमा राशि निकाल सकता है या उसे स्कीम सर्टिफिकेट के रूप में सुरक्षित रख सकता है।

कब किया जाता है Form 10C का इस्तेमाल

Form 10C का उपयोग कई परिस्थितियों में किया जा सकता है। अगर कर्मचारी ने नौकरी छोड़ दी है और लगातार लंबे समय तक बेरोजगार है, तो वह इस फॉर्म के जरिए अपने पेंशन फंड का क्लेम कर सकता है। इसके अलावा, नौकरी बदलने पर पेंशन अधिकार को आगे जोड़ने के लिए स्कीम सर्टिफिकेट भी लिया जा सकता है।

58 वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले अगर 10 साल की सेवा नहीं हुई है, तो भी यह फॉर्म उपयोगी होता है। वहीं कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में भी इसका लाभ लिया जा सकता है।

Form 10C के मुख्य फायदे

Form 10C केवल पैसा निकालने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भविष्य की वित्तीय सुरक्षा से भी जुड़ा है।

इससे कर्मचारी को अपने EPS खाते में जमा राशि एकमुश्त प्राप्त करने का विकल्प मिलता है। इसके अलावा, नौकरी बदलने पर स्कीम सर्टिफिकेट के जरिए पेंशन सेवा को जोड़ा जा सकता है, जिससे आगे चलकर पेंशन का लाभ मिल सके।

यह सुविधा उन लोगों के लिए भी उपयोगी है जो छोटी अवधि की नौकरियों में काम करते हैं और बार-बार जॉब बदलते हैं।

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जरूरी डॉक्यूमेंट और एलिजिबिलिटी

Form 10C भरने के लिए कर्मचारी के पास UAN नंबर सक्रिय होना चाहिए। इसके साथ PAN कार्ड, बैंक खाता विवरण, पता और पहचान संबंधी जानकारी जरूरी होती है।

बैंक वेरिफिकेशन के लिए कैंसिल्ड चेक भी देना होता है। अगर स्कीम सर्टिफिकेट लिया जा रहा है, तो अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है। सदस्य की मृत्यु की स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

EPFO के सदस्य अपने घर बैठे ई-सेवा पोर्टल (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) के जरिए आवेदन कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद ‘Online Services’ में जाकर Claim सेक्शन चुनना होता है।

इसके बाद Form 10C का विकल्प चुनकर अपनी जानकारी भरनी होती है और OTP वेरिफिकेशन के जरिए आवेदन सबमिट किया जा सकता है। आवेदन सफल होने के बाद क्लेम प्रोसेस शुरू हो जाता है और राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

Form 10C और 10D में अंतर

Form 10C और Form 10D अक्सर लोगों में भ्रम पैदा करते हैं। जहां Form 10C का इस्तेमाल 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए होता है, वहीं Form 10D उन लोगों के लिए है जो मासिक पेंशन के पात्र बन चुके हैं।

Form 10D के जरिए नियमित पेंशन शुरू होती है, जबकि Form 10C एकमुश्त राशि या स्कीम सर्टिफिकेट का विकल्प देता है।

First Published : June 15, 2026 | 4:01 PM IST