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नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सिर्फ रिटायरमेंट के लिए बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके साथ कई ऐसे लाभ भी जुड़े हैं जिनके बारे में अधिकांश कर्मचारियों को पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण योजना है Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) Scheme, जो EPF सदस्यों को बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के जीवन बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।
कई कर्मचारी हर महीने EPF में योगदान तो करते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि उनकी EPF सदस्यता के साथ एक बीमा कवर भी जुड़ा हुआ है। यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को EDLI योजना के तहत वित्तीय सहायता मिल सकती है। यह राशि कठिन समय में परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि EDLI योजना का लाभ तभी आसानी से मिल पाता है, जब कर्मचारी अपने EPF खाते में नॉमिनेशन और अन्य जरूरी जानकारी समय-समय पर अपडेट रखते हैं। इसलिए हर EPF सदस्य के लिए इस योजना को समझना बेहद जरूरी है।
टीमलीज रेगटेक के सीईओ और सह-संस्थापक ऋषि अग्रवाल के अनुसार, EDLI एक जीवन बीमा योजना है जो EPF सदस्यता के साथ स्वतः जुड़ी होती है। इसके लिए कर्मचारी को अलग से कोई आवेदन करने या प्रीमियम भरने की जरूरत नहीं होती। इस योजना का पूरा खर्च नियोक्ता वहन करता है।
यदि किसी सक्रिय EPF सदस्य की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामित व्यक्ति (Nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी को अधिकतम 7 लाख रुपये तक की एकमुश्त राशि दी जाती है। यह भुगतान पूरी तरह टैक्स फ्री होता है।
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ऋषि अग्रवाल बताते हैं कि EDLI का लाभ पाने के लिए तीन शर्तें पूरी होना जरूरी हैं।
उनके मुताबिक सबसे जरूरी बात यह है कि कर्मचारी अपने EPFO पोर्टल पर नॉमिनेशन को अपडेट रखें। शादी, तलाक या परिवार में किसी बड़े बदलाव के बाद नॉमिनी की जानकारी अपडेट नहीं करने से क्लेम में देरी या विवाद की स्थिति बन सकती है। साथ ही परिवार के किसी सदस्य को कर्मचारी का UAN नंबर भी पता होना चाहिए।
EDLI के तहत मिलने वाली राशि एक तय फॉर्मूले के आधार पर तय होती है।
पहला हिस्सा पिछले 12 महीनों के औसत मासिक वेतन का 35 गुना होता है। इसके लिए अधिकतम वेतन सीमा 15,000 रुपये मानी जाती है, जिससे अधिकतम 5.25 लाख रुपये तक का लाभ बनता है।
दूसरा हिस्सा पिछले 12 महीनों के औसत PF बैलेंस का 50 प्रतिशत होता है, जिसकी अधिकतम सीमा 1.75 लाख रुपये है।
दोनों को जोड़ने पर अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है।
ऋषि अग्रवाल के अनुसार, EDLI में न्यूनतम लाभ की भी व्यवस्था है। वर्तमान नियमों के तहत न्यूनतम 2.5 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है। वहीं जुलाई 2025 में हुए संशोधन के बाद कम PF बैलेंस वाले सदस्यों के लिए कम से कम 50,000 रुपये की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है।
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विशेषज्ञों के अनुसार कर्मचारी का 12 प्रतिशत योगदान केवल EPF में जाता है। वहीं नियोक्ता द्वारा जमा किए जाने वाले 12 प्रतिशत योगदान को तीन हिस्सों में बांटा जाता है।
| योजना | कर्मचारी का योगदान | नियोक्ता का योगदान | वेतन सीमा | उद्देश्य |
|---|---|---|---|---|
| EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) | वेतन का 12% | वेतन का 3.67% | कर्मचारी के योगदान पर कोई सीमा नहीं, नियोक्ता का हिस्सा ₹15,000 की वैधानिक वेतन सीमा पर आधारित | रिटायरमेंट के लिए बचत, जिस पर EPFO द्वारा सालाना ब्याज दिया जाता है |
| EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) | कोई योगदान नहीं | वेतन का 8.33% (अधिकतम ₹1,250 प्रति माह) | ₹15,000 | 58 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन |
| EDLI (बीमा योजना) | कोई योगदान नहीं | वेतन का 0.50% (अधिकतम ₹75 प्रति माह) | ₹15,000 | कर्मचारी की मृत्यु पर नामित व्यक्ति को अधिकतम ₹7 लाख तक का एकमुश्त बीमा लाभ |
विशेषज्ञों के अनुसार, कर्मचारी का 12 प्रतिशत योगदान पूरी तरह EPF में जमा होता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान को EPF, EPS और EDLI के बीच बांटा जाता है। इसका मतलब है कि पेंशन योजना (EPS) और बीमा योजना (EDLI) का पूरा खर्च नियोक्ता उठाता है, कर्मचारी को इसके लिए अलग से कोई राशि नहीं देनी पड़ती।
ईज़ीपे के सीनियर अकाउंटेंट आदिल मलिक के मुताबिक, यदि कर्मचारी ने EPFO पोर्टल पर सही तरीके से नॉमिनेशन अपडेट किया हुआ है तो नामित व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से Form 5 IF भरकर क्लेम कर सकता है। यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज और आसान होती है।
हालांकि यदि नॉमिनेशन अपडेट नहीं है, तो कानूनी उत्तराधिकारी को संबंधित EPFO कार्यालय में जाकर फिजिकल तरीके से दावा करना पड़ता है। इस दौरान कई अतिरिक्त दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है, जिससे क्लेम में अधिक समय लग सकता है।
आदिल मलिक का कहना है कि हर कर्मचारी को अपने EPF खाते में नॉमिनेशन की जानकारी नियमित रूप से जांचनी और अपडेट करनी चाहिए। इसके अलावा परिवार के कम से कम एक सदस्य को UAN नंबर की जानकारी जरूर होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मिनट का यह छोटा-सा कदम भविष्य में परिवार को लंबी कागजी प्रक्रिया और अनावश्यक परेशानियों से बचा सकता है। ऐसे समय में जब वित्तीय सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, EDLI योजना नौकरीपेशा लोगों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करती है।