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Home Buying: घर खरीदना आसान हुआ, अब 10% देकर बुक करें प्रॉपर्टी

बढ़ती कीमतों के बीच डेवलपर्स लचीली भुगतान योजनाएं ला रहे हैं, जिससे खरीदार कम शुरुआती रकम देकर घर बुक कर सकते हैं और बाकी भुगतान बाद में कर सकते हैं

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प्राची पिसल   
Last Updated- April 27, 2026 | 7:58 AM IST

मकानों की बढ़ती कीमतों और खरीद क्षमता पर दबाव के बीच रियल एस्टेट डेवलपर अपनी बिक्री की रफ्तार बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसके तहत वे मूल कीमत को कम किए बगैर लचीली भुगतान योजनाएं दे रहे हैं। इनमें कम बुकिंग राशि, बाद में भुगतान और किस्तों में भुगतान के मॉडल शामिल हैं।

उद्योग के अधिकारियों के अनुसार इन योजनाओं इस्तेमाल पहले प्रोजेक्ट के स्तर पर चुनिंदा तरीके से किया जाता था। लेकिन अब बिक्री बढ़ाने यानी सौदों को अंतिम रूप देने के तरीके के तौर पर इन्हें तेजी से अपनाया जा रहा है, खास तौर पर प्रीमियम और मिड-सेगमेंट की प्रॉपर्टीज में, जहां खरीदार अब शुरू में ही बड़ी रकम चुकाने को लेकर ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं।

शोभा लिमिटेड के मुख्य विपणन और संचार अधिकारी सुमीत चुंखारे ने कहा, ‘बाजार के मौजूदा माहौल में लचीले भुगतान तरीके निश्चित ही महत्त्वपूर्ण होते जा रहे हैं, लेकिन ये सब पर लागू नहीं होते।’ मुंबई की कंपनी कल्पतरु ने 10:90 पेमेंट स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत खरीदार 10 प्रतिशत रकम पहले दे सकते हैं और बाकी रकम ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) पर चुका सकते हैं।

इससे खरीदारों पर शुरुआती आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है। कंपनी के प्रबंध निदेशक पराग मुनोत ने बताया कि यह स्कीम बदलते हालात को देखते हुए लाई गई है। आजकल घर खरीदने वाले लोग वित्तीय रूप से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। वे अब घर की कीमत, नकदी प्रवाह के सही प्रबंधन और भुगतान के सही समय पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

मुनोट ने कहा, ‘हम सोच-समझकर तैयार की गई ऐसी योजनाओं के लिए जबरदस्त रुझान देख रहे हैं, क्योंकि ये न केवल किफायत बढ़ाती हैं, बल्कि खरीदारों में ज्यादा भरोसा भी जगाती हैं। ये पेशकश ग्राहकों को अपने निवेश की बेहतर योजना बनाने में मदद कर रही हैं, क्योंकि इनमें भुगतान का एक बड़ा हिस्सा वे कब्जा मिलने तक टाल सकते हैं।’

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी एनारॉक ग्रुप के अनुसार, 2025 में पूरे भारत में घरों की बिक्री की मात्रा में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट आई। इसकी वजह प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें, आईटी क्षेत्र में छंटनी, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य अनिश्चितताएं थीं, हालांकि, कुल बिक्री मूल्य में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। औसत कीमतों में सालाना 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और वे लगभग 9,260 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं।

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First Published : April 27, 2026 | 7:58 AM IST