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आयुष्मान भारत के साथ प्राइवेट इंश्योरेंस लेंगे तो ज्यादा फायदे में रहेंगे, जानें कैसे?

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है

Last Updated- October 05, 2024 | 8:59 PM IST
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स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते खर्च के चलते, वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्याप्त मेडिकल कवरेज बहुत जरूरी हो गया है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे स्वास्थ्य बीमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। अब वरिष्ठ नागरिक प्राइवेट इंश्योरेंस और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का लाभ उठाकर अपनी सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं। इन दोनों योजनाओं को मिलाकर वे मेडिकल इमरजेंसी में आर्थिक बोझ से बच सकते हैं। आइए जानें कि वे इन योजनाओं का सही तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।

आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे लें

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। हाल ही में इस योजना का विस्तार करते हुए 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया गया है।

इस योजना के तहत, वरिष्ठ नागरिक 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालों में करा सकते हैं। इसके साथ ही, यदि उनके पास प्राइवेट इंश्योरेंस भी है, तो वे दोनों योजनाओं को मिलाकर अपनी मेडिकल सुरक्षा को और बढ़ा सकते हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 70 साल से ऊपर के जो लोग पहले से आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर हैं, उन्हें 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप कवरेज मिलेगा। इसका मतलब है कि परिवार के सदस्य इस कवरेज को अपने वरिष्ठ सदस्यों के बीच साझा कर सकते हैं।

प्राइवेट इंश्योरेंस का साथ

कई वरिष्ठ नागरिकों के पास पहले से निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां हैं, जो उन्होंने सालों से बनाए रखी हैं। अच्छी बात यह है कि आयुष्मान भारत योजना को प्राइवेट इंश्योरेंस के साथ मिलाने पर कोई रोक नहीं है। इसका मतलब है कि वरिष्ठ नागरिक अपने प्राइवेट इंश्योरेंस को प्राथमिक कवरेज के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और अतिरिक्त खर्चों के लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह संयोजन एक मजबूत सुरक्षा कवच बनाता है, जिससे वे मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए कई स्रोतों से धन प्राप्त कर सकते हैं।

पॉलिसीबाजार के हेल्थ इंश्योरेंस प्रमुख सिद्धार्थ सिंघल का कहना है, “जो लोग निजी स्वास्थ्य कवर का खर्च उठा सकते हैं, उन्हें आयुष्मान भारत योजना के साथ इसे जरूर लेना चाहिए। निजी पॉलिसियों में आमतौर पर ओपीडी सेवाएं, वेलनेस प्रोग्राम और गंभीर बीमारियों का कवर शामिल होता है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत फायदेमंद है।”

सही कवरेज रणनीति कैसे बनाएं

अपनी ज़रूरतों का आकलन करें: सबसे पहले अपनी सेहत, पारिवारिक इतिहास और भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए बीमा का चुनाव करें।

आयुष्मान भारत की पात्रता जांचें: अगर आप आयुष्मान भारत के लिए पात्र हैं, तो इसे अपने बेस कवरेज के रूप में इस्तेमाल करें।

सही प्राइवेट इंश्योरेंस चुनें: ऐसी पॉलिसी लें जो आयुष्मान भारत के कवर से अलग क्षेत्र को कवर करती हो।

टॉप-अप योजनाओं का लाभ लें: ये योजनाएं अतिरिक्त कवरेज देती हैं और इनके प्रीमियम भी कम होते हैं।

गंभीर बीमारियों के लिए कवर लें: गंभीर बीमारियों के लिए अलग पॉलिसी लें, जो बीमारियों के निदान पर एकमुश्त राशि देती है और इलाज के खर्चों को संभालने में मदद करती है।

इन योजनाओं और सही बीमा का चुनाव करके वरिष्ठ नागरिक अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बना सकते हैं और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आर्थिक बोझ से बच सकते हैं।

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First Published - October 5, 2024 | 8:59 PM IST

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