प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब यात्री ट्रेन के चलने से सिर्फ 30 मिनट पहले भी अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो किसी वजह से अपने मूल स्टेशन पर चढ़ नहीं पाते। यह बदलाव रेलवे के “52 हफ्ते in 52 बदलाव” कार्यक्रम का हिस्सा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अब अगर यात्री मूल स्टेशन पर चढ़ने से चूक जाते हैं तो वे रास्ते में किसी और सुविधाजनक स्टेशन से बिना अपनी कन्फर्म सीट खोए चढ़ सकते हैं।”
पहले बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए कम से कम 24 घंटे पहले अप्लाई करना पड़ता था और चार्ट तैयार होने से पहले ही यह काम पूरा करना जरूरी था। नया नियम इस सख्ती को काफी हद तक कम कर देता है।
अब बदला हुआ बोर्डिंग पॉइंट पहले रिजर्वेशन चार्ट में नहीं दिखेगा। इसे दूसरी रिजर्वेशन चार्ट में शामिल किया जाएगा, जो ट्रेन के रवाना होने से काफी करीब तैयार होता है। यही वजह है कि आखिरी समय तक भी बदलाव संभव हो पा रहा है।
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बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा सिर्फ कन्फर्म या RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) टिकट वाले यात्रियों को मिलेगी। वेटलिस्ट टिकट वाले इस सुविधा का फायदा नहीं ले सकेंगे। एक टिकट पर सिर्फ एक बार ही बोर्डिंग पॉइंट बदला जा सकता है। बदलाव का अनुरोध दूसरी चार्ट तैयार होने से पहले करना होगा।
ऑनलाइन बदलाव IRCTC वेबसाइट या ऐप पर आसानी से किया जा सकता है। अपने अकाउंट में लॉगिन करें, My Transactions में जाकर Booked Ticket History चुनें, फिर Change Boarding Point का ऑप्शन दबाएं। रूट के किसी स्टेशन को चुनकर रिक्वेस्ट कन्फर्म कर दें। अपडेट होने पर मैसेज आ जाएगा।
ऑफलाइन बदलाव के लिए नजदीकी रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर जाना होगा। साथ में टिकट और जरूरी ID प्रूफ ले जाना जरूरी है।
बता दें कि रेलवे ने साथ ही टिकट कैंसिलेशन के नियम भी सख्त कर दिए हैं। 1 से 15 अप्रैल 2026 तक नये रिफंड नियम लागू हो रहे हैं। अब 72 घंटे पहले तक कैंसिल करने पर पूरा रिफंड मिलेगा। 24 से 72 घंटे के बीच 25 फीसदी कटौती होगी। 8 से 24 घंटे पहले 50 फीसदी कटौती के साथ रिफंड मिलेगा और 8 घंटे के अंदर कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।