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सावधान! रेलवे ने बदल दिए टिकट कैंसिलेशन के सारे नियम, अब कुछ मामलों में नहीं मिलेगा कोई रिफंड

रेलवे के नए नियमों से अब टिकट कैंसिल करना महंगा पड़ेगा। 8 घंटे पहले रद्द करने पर जीरो रिफंड और बुकिंग के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है

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ऋषभ राज   
Last Updated- March 24, 2026 | 6:55 PM IST

ट्रेन टिकट कैंसिल करने से पहले अब जरा संभलकर फैसला लेना होगा। इंडियन रेलवे ने नियमों में ऐसा बदलाव किया है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। पहले जहां टिकट रद्द करने पर कुछ राहत मिल जाती थी, अब समय के हिसाब से कटने वाली रकम काफी बढ़ गई है और आखिरी घंटों में तो पूरा पैसा भी डूब सकता है। यही नहीं, बुकिंग सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए आधार वेरिफिकेशन और एजेंट्स पर सख्ती जैसे कदम भी पहले ही लागू किए जा चुके हैं। ऐसे में अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो इन नए नियमों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।

कैंसिलेशन पर बढ़ी सख्ती

यह नई व्यवस्था अप्रैल 2026 के पहले दो हफ्तों में धीरे लागू की जाएगी। ट्रेन के खुलने के 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटेगा और बाकी पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन अगर आप 24 घंटे से 72 घंटे के बीच रद्द करते हैं, तो किराए का 25 फीसदी कटौती होगी। न्यूनतम चार्ज भी लागू रहेगा।

24 घंटे से 8 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50 फीसदी किराया कटेगा। और सबसे सख्त नियम ये है कि ट्रेन के चलने से 8 घंटे से कम समय बाकी हो तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पूरा टिकट अमाउंट जब्त हो जाएगा।

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रेलवे का कहना है कि ये बदलाव इसलिए लाया गया है ताकि एजेंट और दलाल पहले से टिकट बुक करके बाद में रद्द कर रिफंड का फायदा न उठा सकें। इससे असली यात्रियों को बेहतर मौका मिलेगा।

टिकट सिस्टम में रेलवे कर चुका है कई बदलाव

पिछले साल भी रेलवे ने बुकिंग सिस्टम को और साफ-सुथरा बनाने के लिए कई कदम उठाए थे। अक्टूबर 2025 से जनरल कोटे की रिजर्व्ड टिकट बुकिंग के पहले 15 मिनट में IRCTC वेबसाइट या ऐप पर आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया गया। इसका मकसद ये था कि बॉट्स या एजेंट्स जल्दी-जल्दी टिकट न पकड़ लें और आम आदमी को सीट मिल सके।

इससे पहले जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए भी आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया। अब तत्काल टिकट सिर्फ आधिकारिक IRCTC प्लेटफॉर्म से ही और आधार चेक के बाद ही बुक हो पाते हैं।

एजेंट्स पर भी नई पाबंदी लगाई गई। तत्काल बुकिंग के पहले 30 मिनट में उन्हें टिकट बुक करने की इजाजत नहीं है। एसी क्लास के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे तक और नॉन-एसी के लिए 11 से 11:30 बजे तक एजेंट्स टिकट नहीं बुक कर सकते।

रेलवे का दावा है कि ये सारे बदलाव यात्रियों को असुविधा से बचाने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए हैं। लेकिन अब यात्रियों को टिकट बुक करते या रद्द करते समय समय का खास ध्यान रखना होगा, वरना पैसे का नुकसान हो सकता है।

First Published : March 24, 2026 | 6:55 PM IST