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ITR-1 से लेकर ITR-4 तक, सीनियर सिटीजन कौन सा फॉर्म चुनें और कहां मिल सकती है छूट?

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ई-फाइलिंग शुरू हो चुकी है। सीनियर सिटीजंस को ITR फाइल करने से पहले टैक्स स्लैब का पूरा गणित और सही फॉर्म के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- May 31, 2026 | 12:16 PM IST

ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल-बेस्ड यूटिलिटीज को धीरे-धीरे लाइव करना शुरू कर दिया है।

इस सिलसिले में डिपार्टमेंट ने 15 मई को ITR-1 और ITR-4 फाइल करने का विकल्प दे दिया था, जिसके बाद 27 मई से ITR-2 के लिए भी ऑनलाइन फाइलिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि, जिन टैक्सपेयर्स को ITR-3 फाइल करना है, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि यह फॉर्म अभी पोर्टल पर एक्टिव नहीं हुआ है।

वित्त वर्ष (FY) 2025-26 के लिए रिटर्न फाइल करते समय टैक्सपेयर्स, खासकर सीनियर सिटीजंस के सामने सबसे बड़ी उलझन सही ITR फॉर्म चुनने की होती है। गलत फॉर्म चुनने से न केवल प्रोसेसिंग में देरी होती है, बल्कि टैक्स नोटिस आने का डर भी बना रहता है। आइए जानते हैं कि सीनियर सिटीजंस को अपनी कमाई के हिसाब से कौन सा फॉर्म चुनना चाहिए।

उम्र नहीं, कमाई का जरिया तय करेगा फॉर्म

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आपकी उम्र यह तय नहीं करेगी कि आपको कौन सा ITR फॉर्म भरना है। इसके बजाय, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई के सोर्सेज क्या हैं।

  • ITR-1 (सहज): यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिन्हें पेंशन मिलती है, जिनके पास दो तक हाउस प्रॉपर्टी हैं और जिनकी ब्याज से होने वाली कुल कमाई 50 लाख रुपये से कम है।
  • ITR-2: अगर आपने कैपिटल गेंस (शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से मुनाफा) कमाया है या आपके पास दो से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी हैं, तो आपको ITR-2 भरना होगा।
  • ITR-3: जिन बुजुर्गों को किसी बिजनेस या प्रोफेशन से सीधे आमदनी हो रही है, उन्हें ITR-3 चुनना होगा।
  • ITR-4 (सुगम): ITR-4 (सुगम) उन छोटे व्यापारियों, डॉक्टरों या फ्रीलांसरों के लिए है जो अपनी अनुमानित कमाई (Presumptive Taxation) के आधार पर आसान तरीके से टैक्स चुकाना चाहते हैं।

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75 साल से ऊपर वालों को ITR से छूट, लेकिन कुछ शर्तों के साथ

देश के सुपर सीनियर सिटीजंस (75 वर्ष से अधिक उम्र के लोग) को टैक्स में कुछ खास रियायतें मिलती हैं। फॉर्म नंबर 125 की मदद से वे चाहें तो ITR फाइल करने के झंझट से पूरी तरह बच सकते हैं।

क्या है फॉर्म नंबर 125?

फॉर्म 125 (जिसे पहले फॉर्म 12BBA के नाम से जाना जाता था) इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत एक जरूरी डिक्लेरेशन (घोषणा पत्र) है। इसे भरकर ‘स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजंस’ को टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट मिल जाती है।

कौन ले सकता है इसका फायदा?

  • इस सुविधा का लाभ केवल वही भारतीय नागरिक उठा सकते हैं जिनकी उम्र 75 वर्ष या उससे ज्यादा है।
  • यह छूट सिर्फ उन बुजुर्गों के लिए है जिनकी कमाई का जरिया केवल पेंशन और बैंक ब्याज है। साथ ही, यह ब्याज भी उसी बैंक से आना चाहिए जहां उनकी पेंशन आती है और जहां वे यह फॉर्म जमा कर रहे हैं।
  • अगर इन दो जरियों के अलावा कोई और कमाई है, जैसे किराये से आमदनी, कैपिटल गेंस या बिजनेस से मुनाफा हो तो वे इस सुविधा के हकदार नहीं होंगे और उन्हें नॉर्मल तरीके से रिटर्न भरना होगा।

टैक्स स्लैब: ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम

सीनियर सिटीजंस के लिए यह समझना जरूरी है कि दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में उनके लिए क्या अलग है:

ओल्ड टैक्स रिजीम (पुरानी व्यवस्था)

ओल्ड टैक्स रिजीम में सीनियर सिटीजंस को ज्यादा राहत मिलती है। जहां आम टैक्सपेयर्स के लिए 2.5 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री है, वहीं 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 3 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होता। इसके अलावा, 80 साल या उससे ऊपर के सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए यह बेसिक छूट सीमा 5 लाख रुपये सालाना है।

न्यू टैक्स रिजीम (नई व्यवस्था)

न्यू टैक्स रिजीम में सीनियर सिटीजंस के लिए कोई अलग से स्पेशल कैटेगरी या एक्स्ट्रा छूट नहीं रखी गई है। इसमें आम टैक्सपेयर्स और सीनियर सिटीजंस, दोनों के लिए ही बेसिक टैक्स छूट की सीमा एक समान यानी 4 लाख रुपये सालाना तय की गई है।

First Published : May 31, 2026 | 11:56 AM IST