प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल-बेस्ड यूटिलिटीज को धीरे-धीरे लाइव करना शुरू कर दिया है।
इस सिलसिले में डिपार्टमेंट ने 15 मई को ITR-1 और ITR-4 फाइल करने का विकल्प दे दिया था, जिसके बाद 27 मई से ITR-2 के लिए भी ऑनलाइन फाइलिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि, जिन टैक्सपेयर्स को ITR-3 फाइल करना है, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि यह फॉर्म अभी पोर्टल पर एक्टिव नहीं हुआ है।
वित्त वर्ष (FY) 2025-26 के लिए रिटर्न फाइल करते समय टैक्सपेयर्स, खासकर सीनियर सिटीजंस के सामने सबसे बड़ी उलझन सही ITR फॉर्म चुनने की होती है। गलत फॉर्म चुनने से न केवल प्रोसेसिंग में देरी होती है, बल्कि टैक्स नोटिस आने का डर भी बना रहता है। आइए जानते हैं कि सीनियर सिटीजंस को अपनी कमाई के हिसाब से कौन सा फॉर्म चुनना चाहिए।
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आपकी उम्र यह तय नहीं करेगी कि आपको कौन सा ITR फॉर्म भरना है। इसके बजाय, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई के सोर्सेज क्या हैं।
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देश के सुपर सीनियर सिटीजंस (75 वर्ष से अधिक उम्र के लोग) को टैक्स में कुछ खास रियायतें मिलती हैं। फॉर्म नंबर 125 की मदद से वे चाहें तो ITR फाइल करने के झंझट से पूरी तरह बच सकते हैं।
फॉर्म 125 (जिसे पहले फॉर्म 12BBA के नाम से जाना जाता था) इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत एक जरूरी डिक्लेरेशन (घोषणा पत्र) है। इसे भरकर ‘स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजंस’ को टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट मिल जाती है।
सीनियर सिटीजंस के लिए यह समझना जरूरी है कि दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में उनके लिए क्या अलग है:
ओल्ड टैक्स रिजीम में सीनियर सिटीजंस को ज्यादा राहत मिलती है। जहां आम टैक्सपेयर्स के लिए 2.5 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री है, वहीं 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 3 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होता। इसके अलावा, 80 साल या उससे ऊपर के सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए यह बेसिक छूट सीमा 5 लाख रुपये सालाना है।
न्यू टैक्स रिजीम में सीनियर सिटीजंस के लिए कोई अलग से स्पेशल कैटेगरी या एक्स्ट्रा छूट नहीं रखी गई है। इसमें आम टैक्सपेयर्स और सीनियर सिटीजंस, दोनों के लिए ही बेसिक टैक्स छूट की सीमा एक समान यानी 4 लाख रुपये सालाना तय की गई है।