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LPG को लेकर डर के बीच यह सरकारी योजना बनी बड़ी राहत, 300 रुपये सस्ता मिल रहा सिलेंडर; ऐसे उठाएं लाभ

उज्ज्वला योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को स्वच्छ एलपीजी ईंधन देकर रसोई को आसान और सुरक्षित बनाया है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 04, 2026 | 5:40 PM IST

देश में स्वच्छ रसोई ईंधन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आज करोड़ों परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक ईंधनों की जगह सुरक्षित और साफ ईंधन का उपयोग कर सकें।

पारंपरिक ईंधन से स्वास्थ्य पर असर

ग्रामीण और गरीब इलाकों में पहले खाना पकाने के लिए लकड़ी, कोयला और गोबर जैसे ईंधनों का इस्तेमाल आम था। इससे घरों में धुआं भर जाता था और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता था। उज्ज्वला योजना ने इस समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और स्वच्छ रसोई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

एलपीजी सप्लाई को लेकर सरकार का आश्वासन

हाल के समय में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर एलपीजी आपूर्ति पर सवाल उठे हैं, हालांकि सरकार लगातार यह साफ कर रही है कि देश में एलपीजी की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसी दौरान एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत दी जा रही है।

लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती है, जिससे उन्हें सिलेंडर कम कीमत पर मिल जाता है। इसके अलावा, कनेक्शन लेने के लिए किसी तरह की सिक्योरिटी डिपॉजिट या इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं लिया जाता। यह सुविधा गरीब परिवारों के लिए एलपीजी को और सुलभ बनाती है।

रसोई में आया बड़ा बदलाव

देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों तक साफ और सुरक्षित ईंधन यानी एलपीजी गैस पहुंचाना है।

सरकार इस योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही हर साल 12 सिलेंडर तक सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। अब तक इस योजना से 10 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं और इसका सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुधार

इस योजना ने गांवों में रहने वाले परिवारों की रसोई के तरीके को बदल दिया है। पहले खाना बनाने के लिए लकड़ी और पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल होता था, जिसमें समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। अब गैस चूल्हे के जरिए खाना बनाना आसान और तेज हो गया है।

इस बदलाव से खासतौर पर महिलाओं को राहत मिली है। अब उनका समय बचता है और उन्हें धुएं से होने वाली परेशानियों का सामना भी कम करना पड़ता है। आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी सुधार देखा गया है।

World Health Organization के अनुसार घर के अंदर होने वाला प्रदूषण कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उज्ज्वला योजना ने इस तरह के प्रदूषण को कम करने में मदद की है और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया है।

First Published : April 4, 2026 | 5:39 PM IST