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1 रुपये का सिक्का बनाना नहीं है आसान! खर्च सुनकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे

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RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है।

Last Updated- June 08, 2025 | 9:42 AM IST
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आपको जानकर हैरानी होगी कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में उसकी असली कीमत से भी ज्यादा खर्च आता है। एक RTI के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2018 में बताया था कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में 1.11 रुपये का खर्च आता है। यानी सरकार को हर सिक्के पर 11 पैसे का घाटा उठाना पड़ता है।

सिर्फ 1 रुपये नहीं, बाकी सिक्के भी हैं घाटे का सौदा

RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 2 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 1.28 रुपये
  • 5 रुपये का सिक्का बनाने में खर्च लगभग 3.69 रुपये
  • 10 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 5.54 रुपये आती है

इन सिक्कों की ढलाई भारत सरकार की मुंबई और हैदराबाद की टकसालों में होती है।

1 रुपये के सिक्के की खासियत

1 रुपये का सिक्का स्टेनलेस स्टील से बनता है। इसका:

  • वजन: 3.76 ग्राम
  • व्यास (डायमीटर): 21.93 मिमी
  • मोटाई: 1.45 मिमी

यह सिक्का मजबूत और टिकाऊ होता है, जो सालों तक आसानी से चल सकता है।

नुकसान के बावजूद सिक्के क्यों बनाए जाते हैं?

भले ही कुछ सिक्कों को बनाने में सरकार को नुकसान होता है, लेकिन सिक्के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं। नोटों को कुछ सालों में बदलना पड़ता है, लेकिन सिक्के सालों तक चलते हैं। इससे मुद्रा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है।

हालांकि यह कैलकुलेशन चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन सरकार का मानना है कि सिक्कों का निर्माण एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णय है। ये सिक्के नकद लेनदेन को आसान और स्थिर बनाते हैं, इसलिए घाटा उठाकर भी सरकार इन्हें बनाती है।

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First Published - June 8, 2025 | 9:42 AM IST

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