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AutoPay से अपने आप कट रहे पैसे? Google Pay, PhonePe और Paytm में ऐसे करें बंद

AutoPay की वजह से अपने आप कट रहे पैसे को रोकने के लिए Google Pay, PhonePe और Paytm में सेटिंग्स में जाकर इसे आसानी से कैंसिल किया जा सकता है।

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मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- March 25, 2026 | 3:26 PM IST

डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स ने AutoPay यानी ऑटो डेबिट की सुविधा को आसान बना दिया है। इस फीचर के जरिए मोबाइल रिचार्ज, OTT सब्सक्रिप्शन, बिजली-पानी के बिल, EMI या SIP जैसे भुगतान अपने आप हो जाते हैं। इससे समय बचता है और पेमेंट मिस होने की चिंता नहीं रहती।

लेकिन कई बार यही सुविधा परेशानी का कारण बन जाती है। यूजर्स को पता ही नहीं चलता कि किस-किस सर्विस के लिए ऑटो पे चालू है और पैसे अपने आप कट जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप समय-समय पर अपने ऑटो पेमेंट्स को चेक करें और जरूरत न होने पर उन्हें बंद कर दें।

ऑटो पे रोकने के दो तरीके

ऑटो पे को आप दो तरह से कंट्रोल कर सकते हैं। पहला, इसे कुछ समय के लिए पॉज कर सकते हैं जिससे तय समय तक पैसे नहीं कटेंगे। दूसरा, इसे पूरी तरह कैंसिल कर सकते हैं जिससे ऑटो पेमेंट बंद हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे दोबारा शुरू भी किया जा सकता है।

Paytm में ऐसे बंद करें AutoPay

  • ऐप खोलकर प्रोफाइल सेक्शन में जाएं
  • UPI Settings पर क्लिक करें
  • Automatic Payments या Payment Management चुनें
  • जिस पेमेंट को बंद करना है उसे सिलेक्ट करें
  • Cancel Automatic Payment पर क्लिक करके कन्फर्म करें

Google Pay में AutoPay कैसे कैंसिल करें

  • ऐप खोलकर You टैब पर जाएं
  • AutoPay ऑप्शन पर क्लिक करें
  • Live सेक्शन में जाएं
  • जिस सर्विस को बंद करना है उसे चुनें
  • Cancel AutoPay पर क्लिक करें और UPI PIN डालें

PhonePe में AutoPay बंद करने का तरीका

  • ऐप ओपन करके प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें
  • Manage Payments में जाएं
  • More Options के तहत AutoPay चुनें
  • Ongoing सेक्शन में एक्टिव पेमेंट्स देखें
  • जिस सर्विस को बंद करना है उसे सिलेक्ट करके कैंसिल करें
  • UPI PIN डालकर प्रक्रिया पूरी करें

ऑटो डेबिट पर एक्सपर्ट की राय

Ezeepay के सह-संस्थापक और सीईओ Shams Tabrej के अनुसार, UPI ऑटो डेबिट मैंडेट भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। देश में हर महीने 10 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं, ऐसे में यह सुविधा लगातार लोकप्रिय हो रही है।

उन्होंने बताया कि UPI मैंडेट के जरिए लोन की ईएमआई, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम और बिजली-पानी जैसे बिलों का भुगतान अपने आप हो सकता है। अनुमान है कि ऐसे रिकरिंग डिजिटल पेमेंट हर साल 20 से 25 प्रतिशत की दर से बढ़ सकते हैं, क्योंकि लोग सुविधा और भरोसे को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

Shams Tabrej ने कहा कि इस सिस्टम में प्री-डेबिट नोटिफिकेशन, ट्रांजैक्शन लिमिट और मजबूत सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे भुगतान सुरक्षित और पारदर्शी बनता है। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और फिनटेक, एनबीएफसी और अन्य कंपनियों को समय पर भुगतान मिलने में मदद मिलती है।

उन्होंने यह भी कहा कि UPI ऑटो डेबिट खासकर टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ावा दे सकता है। आने वाले समय में यह रिकरिंग पेमेंट का एक आम तरीका बन सकता है।

हालांकि, इस सिस्टम के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। लोगों में जागरूकता की कमी, मैंडेट को मैनेज करने में दिक्कत और भरोसे की समस्या अभी भी बनी हुई है, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में। कई यूजर्स को यह जानकारी नहीं होती कि वे अपने मैंडेट को कैसे बदल सकते हैं, रोक सकते हैं या खत्म कर सकते हैं।

इसके अलावा, कई बार बैलेंस कम होने, तकनीकी गड़बड़ी या बैंकिंग सिस्टम में दिक्कत के कारण पेमेंट फेल या देर से होता है, जिससे यूजर्स का भरोसा कम होता है।

First Published : March 25, 2026 | 2:41 PM IST