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ITR Filing 2026: इस बार नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा या पुराना? एक्सपर्ट से दूर करें सारा कंफ्यूजन

जैसे-जैसे ITR फाइल करने की तारीख नजदीक आती जा रही है, टैक्सपेयर्स के मन में एक सवाल घूम रहा है कि इस बार ITR कौन से नियम से फाइल होगा, नया या पुराना

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- March 28, 2026 | 4:32 PM IST

साल 2026 में ITR फाइलिंग को लेकर टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बारा पुराना इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा या नया? बजट के बाद से नई टैक्स व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा है, जिससे कंफ्यूजन और बढ़ गया है। हालांकि, हकीकत काफी साफ है। 1 अप्रैल 2026 से भले नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होने वाला है, लेकिन उससे पहले की कमाई पर पुराना कानून ही लागू रहेगा। यानी FY 2025-26 की इनकम को AY 2026-27 में फाइल करते समय किसी नए नियम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इस बार की ITR पर पुराना कानून ही चलेगा

नेक्सडिग्म के ग्लोबल पेरोल और कंप्लायंस मैनेजर अमित कामथे कहते हैं कि आपकी सैलरी, बिजनेस या कोई भी आय अगर 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच की है, तो AY 2026-27 में उसकी रिपोर्टिंग पुराने कानून के तहत ही होगी। नया कानून FY 2026-27 की कमाई पर लागू होगा। इसका मतलब है कि ITR फॉर्म, टैक्स कैलकुलेशन के नियम, डिडक्शन और एग्जेम्प्शन, सब वही पुराने रहेंगे। CBDT ने भी AY 2026-27 के लिए पुराने ही फॉर्म जारी किए हैं। कोई नया फॉर्म या प्रक्रिया नहीं आएगी।

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नए एक्ट में फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह सिर्फ एक ‘टैक्स ईयर’ का कॉन्सेप्ट आएगा, जो चीजों को आसान बनाएगा। लेकिन ये बदलाव अगले साल की फाइलिंग से शुरू होगा। इस बार का ITR बिल्कुल सामान्य रहेगा।

ट्रांजिशन का मतलब और आगे की तैयारी!

नए कानून में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जैसे HRA के लिए मेट्रो शहरों की परिभाषा बढ़ सकती है, पेरक्विजिट्स की वैल्यू तय करने के नियम बदल सकते हैं और एग्जेम्प्शन-डिडक्शन लेने के लिए ज्यादा सख्त जानकारी देनी पड़ सकती है। हालांकि ये सभी बदलाव FY 2026-27 की कमाई पर ही लागू होंगे।

अमित कामथे के मुताबिक, “इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। FY 2025-26 की कमाई पुराने एक्ट 1961 के तहत ही रहेगी और AY 2026-27 में रिपोर्ट होगी। इससे ट्रांजिशन साफ रहेगा और एक ही फाइलिंग साइकिल में दो कानूनों का टकराव नहीं होगा।”

वे आगे कहते हैं, “अभी टैक्सपेयर्स को मौजूदा नियमों के अनुसार ही काम करना चाहिए। लेकिन बिजनेस और प्रोफेशनल्स को नए सिस्टम के हिसाब से ज्यादा डॉक्यूमेंटेशन और रिपोर्टिंग की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए।”

अमित के अनुसार, नए कानून में अलाउंस से जुड़े नियम बदले जा सकते हैं। HRA के लिए मेट्रो शहरों की परिभाषा बढ़ सकती है और पेरक्विजिट्स की वैल्यू कैसे तय होगी, उसमें भी बदलाव आएगा। इसके अलावा एग्जेम्प्शन और डिडक्शन लेने के लिए ज्यादा सख्त जानकारी देनी पड़ सकती है।

फिलहाल न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट है, जिसमें टैक्स रेट कम हैं लेकिन डिडक्शन ज्यादा नहीं मिलते। वहीं ओल्ड रिजीम में 80C, HRA और होम लोन के ब्याज जैसी छूटें मिलती हैं। इसलिए सैलरीड लोगों को अपनी कमाई और खर्च के हिसाब से सही रिजीम चुननी चाहिए। अगर कोई बिजनेस वाला पुरानी रिजीम चुनना चाहता है, तो उसे फॉर्म 10-IEA समय पर भरना जरूरी होगा।

अमित के मुताबिक, कुल मिलाकर, 2026 में ITR भरते समय घबराने की कोई बात नहीं। पुराने नियमों से ही काम चलेगा। बस, सही डेटा भरें, प्री-फिल्ड जानकारी चेक करें और समय पर फाइल कर दें। आगे के सालों के लिए नए कानून की तैयारी जरूर शुरू कर दें ताकि कंप्लायंस आसान रहे।

First Published : March 28, 2026 | 4:00 PM IST