आपका पैसा

हर महीने सिर्फ ₹55 करें जमा और बुढ़ापे में मिलेगी ₹3,000 पेंशन मासिक पेंशन, समझें इस सरकारी स्कीम का कमाल

PM Shram Yogi Maandhan Yojana: संगठित क्षेत्र के कामगार PM-SYM योजना में उम्र के हिसाब से 55 रुपये से निवेश शुरू कर 60 वर्ष के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन पा सकते हैं

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ऋषभ राज   
Last Updated- May 29, 2026 | 5:25 PM IST

PM Shram Yogi Maandhan Yojana: आज के दौर में हर कोई अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना चाहता है। खासकर देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों मजदूरों और कामगारों के लिए बुढ़ापे की चिंता सबसे बड़ी होती है। इसी चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार एक बेहद शानदार और सस्ती पेंशन योजना चला रही है, जिसका नाम है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको महज 55 रुपये प्रति माह से निवेश की शुरुआत करनी होती है और बुढ़ापे में हर महीने 3,000 रुपये की फिक्स्ड पेंशन यानी सालाना 36,000 रुपये की सरकारी गारंटी मिलती है। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।

क्या है पीएम श्रम योगी मानधन योजना?

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना मुख्य रूप से देश के उन कामगारों के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इसके दायरे में घर पर काम करने वाले मेड, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य में लगे मजदूर, खेतिहर मजदूर, मोची, धोबी और बुनकर जैसे लोग आते हैं। इस योजना का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद आसान और स्पष्ट नियम तय किए हैं।

नियमों के मुताबिक, इस योजना में शामिल होने के लिए आवेदक की उम्र 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही, एक सबसे जरूरी शर्त यह है कि असंगठित क्षेत्र के इस कामगार की मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किसी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे EPFO, ESIC या NPS का मेंबर है, या वह इनकम टैक्सपेयर है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

₹55 का निवेश और उम्र के हिसाब से योगदान का गणित

इस सरकारी पेंशन योजना की सबसे खूबसूरत बात इसका ‘कॉन्ट्रीब्यूशन मॉडल’ है। इसमें आप जितनी राशि हर महीने अपनी जेब से जमा करते हैं, ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी आपके पेंशन खाते में अपनी तरफ से जमा करती है। योजना में प्रीमियम की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस उम्र में इससे जुड़ रहे हैं।

यदि आपकी उम्र 18 वर्ष है, तो आपको 60 वर्ष की आयु तक हर महीने केवल 55 रुपये का योगदान देना होगा। इसके बदले में सरकार भी हर महीने 55 रुपये का ही योगदान देगी, यानी आपके खाते में कुल 110 रुपये जमा होंगे। वहीं, अगर कोई व्यक्ति 29 वर्ष की उम्र में इस योजना से जुड़ता है, तो उसे हर महीने 100 रुपये का प्रीमियम देना होगा। इसी तरह, 40 वर्ष की अधिकतम पात्रता वाली उम्र में जुड़ने वाले व्यक्ति को हर महीने 200 रुपये का कॉन्ट्रीब्यूशन देना होता है। आप जिस भी उम्र में जुड़ेंगे, आपको 60 वर्ष की आयु तक नियमित रूप से यह प्रीमियम चुकाना होगा। जैसे ही आपकी उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाएगी, आपका प्रीमियम बंद हो जाएगा और आपको आजीवन 3,000 रुपये मासिक की पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी।

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आवेदक की उम्र आपका मासिक योगदान सरकार का योगदान कुल मासिक जमा
18 साल ₹55 ₹55 ₹110
19 साल ₹58 ₹58 ₹116
20 साल ₹61 ₹61 ₹122
21 साल ₹64 ₹64 ₹128
22 साल ₹68 ₹68 ₹136
23 साल ₹72 ₹72 ₹144
24 साल ₹76 ₹76 ₹152
25 साल ₹80 ₹80 ₹160
26 साल ₹85 ₹85 ₹170
27 साल ₹90 ₹90 ₹180
28 साल ₹95 ₹95 ₹190
29 साल ₹100 ₹100 ₹200
30 साल ₹105 ₹105 ₹210
31 साल ₹110 ₹110 ₹220
32 साल ₹120 ₹120 ₹240
33 साल ₹130 ₹130 ₹260
34 साल ₹140 ₹140 ₹280
35 साल ₹150 ₹150 ₹300
36 साल ₹160 ₹160 ₹320
37 साल ₹170 ₹170 ₹340
38 साल ₹180 ₹180 ₹360
39 साल ₹190 ₹190 ₹380
40 साल ₹200 ₹200 ₹400

रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस और जरूरी डॉक्यूमेंट

इस सरकारी पेंशन गारंटी का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बनाया गया है। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा कागजी कार्रवाई के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं होती। आवेदन के लिए आपके पास मुख्य रूप से दो चीजें होनी बेहद जरूरी हैं, पहला आपका आधार कार्ड और दूसरा आपका एक बचत बैंक खाता या जनधन खाता, जिसमें ऑटो-डेबिट की सुविधा हो। इसके साथ ही आपके पास एक चालू मोबाइल नंबर होना चाहिए।

रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं। वहां CSC एजेंट आपके आधार कार्ड और बैंक पासबुक की मदद से आपका ऑनलाइन फॉर्म भर देगा। शुरुआती महीने का प्रीमियम आपको नकद के रूप में CSC केंद्र पर ही देना होगा। इसके बाद, आपके बैंक खाते को योजना से लिंक कर दिया जाएगा और हर महीने प्रीमियम की राशि आपके अकाउंट से अपने आप कटती रहेगी।

इसके अलावा, जो लोग खुद तकनीक की समझ रखते हैं, वे सीधे श्रम और रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक मानधन (maandhan.in) वेबसाइट पर जाकर भी सेल्फ-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही आपको एक ‘श्रम योगी पेंशन कार्ड’ जारी कर दिया जाएगा, जिस पर आपका यूनिक पेंशन नंबर दर्ज होता है।

बीच में योजना छोड़ने या मृत्यु होने पर क्या हैं नियम?

कई बार लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर वे किसी कारणवश बीच में ही इस योजना से बाहर निकलना चाहें, तो उनके जमा पैसे का क्या होगा? सरकार ने इसके लिए भी बेहद आसान नियम बनाए हैं। अगर आप योजना से जुड़ने के 10 साल के भीतर इससे बाहर निकलते हैं, तो आपको केवल आपके द्वारा जमा की गई राशि और उस पर बैंक के सेविंग्स अकाउंट के बराबर मिलने वाला ब्याज वापस कर दिया जाएगा।

वहीं, अगर आप 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र पूरी होने से पहले योजना छोड़ते हैं, तो आपको संचित ब्याज या फंड द्वारा अर्जित वास्तविक ब्याज (जो भी अधिक हो) के साथ आपका पैसा वापस मिल जाएगा।

इसके अलावा, यदि पेंशन शुरू होने से पहले (60 वर्ष की आयु से पहले) किसी कारणवश लाभार्थी कामगार की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (Spouse) को योजना को आगे जारी रखने का अधिकार होता है। वे नियमित प्रीमियम देकर इसे चला सकते हैं। वहीं, अगर 60 वर्ष के बाद पेंशनभोगी की मृत्यु होती है, तो उसके जीवनसाथी को कुल पेंशन राशि का 50 फीसदी हिस्सा (यानी 1,500 रुपये हर महीने) पारिवारिक पेंशन के रूप में आजीवन मिलता रहेगा।

First Published : May 29, 2026 | 5:19 PM IST