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एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की लंबी लाइनों से हो जाते हैं परेशान? ‘ई-गेट्स’ से कुछ ही सेकंड में ऐसे मिलेगी क्लियरेंस!

सरकार का FTI-TTP प्रोग्राम बायोमेट्रिक ई-गेट्स के जरिए एयरपोर्ट इमिग्रेशन को सुपरफास्ट बना रहा है। लंबी कतारों से बचने के लिए यात्री अब ऑनलाइन या ऑफलाइन नामांकन कर सकते हैं

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अमित कुमार   
Last Updated- April 12, 2026 | 5:52 PM IST

देश के बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर इन दिनों भारी भीड़ और लंबी इमिग्रेशन लाइनों से गुजरना आम बात हो गई है। इसी परेशानी को कम करने के लिए सरकार ने फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन–ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) शुरू किया है, जो पहले से वेरिफाइड यात्रियों को ई-गेट्स के जरिए कुछ ही सेकंड में क्लियरेंस देता है। इसके बावजूद जागरूकता और इस्तेमाल दोनों अभी भी सीमित हैं, जिससे यह सुविधा पूरी तरह काम में नहीं आ पा रही है।

क्या है फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) प्रोग्राम

इसे गृह मंत्रालय ने शुरू किया है। यह उन यात्रियों के लिए है जिनकी पहले से जांच हो चुकी है। मंजूरी मिलने के बाद ये यात्री आम काउंटर की लंबी लाइनों को छोड़कर ऑटोमेटेड ई-गेट्स से गुजर सकते हैं।

ई-गेट्स बायोमेट्रिक्स यानी फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान से काम करते हैं। इससे इमिग्रेशन क्लियरेंस कुछ ही सेकंड में हो जाता है। विदेश जाने वाले बिजनेस वाले लोग और बार-बार यात्रा करने वाले इस सुविधा से काफी फायदा उठा सकते हैं।

कहां उपलब्ध है यह सुविधा?

यह सुविधा अभी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रही है। बाद में इसे और कई जगहों पर बढ़ाने की योजना है। कुल मिलाकर यह 13 हवाई अड्डों तक पहुंच चुकी है और आगे 21 तक जाने की तैयारी है।

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दो तरीके से नामांकन कैसे करें?

नामांकन के लिए दो आसान रास्ते हैं। एक आप एयरपोर्ट पर ऑफलाइन कर सकते हैं और दूसरा घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं।

ऑफलाइन नामांकन (एयरपोर्ट पर)

जिन लोगों को जल्दी यात्रा करनी है, उनके लिए यह तेज तरीका है। एयरपोर्ट पर FTI-TTP काउंटर या ई-गेट लेन पर जाएं। पासपोर्ट दिखाएं जिसमें कम से कम छह महीने की वैलिडिटी हो। फिर फिंगरप्रिंट और फेशियल स्कैन करवाएं। जांच के बाद मंजूरी मिल जाती है और आप ई-गेट इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। हालांकि व्यस्त समय में काउंटर पर भीड़ हो सकती है और मंजूरी रीयल-टाइम चेक पर निर्भर करती है।

ऑनलाइन नामांकन (सबसे अच्छा विकल्प)

यह तरीका ज्यादा व्यवस्थित है और आखिरी समय की टेंशन से बचाता है। सबसे पहले ftittp.mha.gov.in/fti वेबसाइट पर जाएं। रजिस्टर करें, लॉगिन करें और फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। अभी इस प्रक्रिया में कोई फीस नहीं लगती। आवेदन जमा करने के बाद बैकग्राउंड वेरिफिकेशन होता है। फिर बायोमेट्रिक कैप्चर के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें।

बायोमेट्रिक्स जरूरी है। इसे दिल्ली एयरपोर्ट के इमिग्रेशन चेक पोस्ट या मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे शहरों के FRRO ऑफिस में पूरा किया जा सकता है।

आवेदन करते समय ध्यान रखने वाली बातें

  • पासपोर्ट की सही कैटेगरी चुनें। ज्यादातर भारतीय यात्रियों को ECNR (Emigration Check Not Required) चुनना चाहिए।
  • दस्तावेज साफ-सुथरे और गाइडलाइंस के मुताबिक अपलोड करें। धुंधले फोटो या गलत अपलोड से प्रोसेसिंग रुक सकती है।
  • सब डिटेल्स दोबारा चेक कर लें, ताकि दोबारा आवेदन न करना पड़े।

मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोग्राम की मेंबरशिप पासपोर्ट की वैलिडिटी या अधिकतम 10 साल तक रहती है, जो भी पहले खत्म हो। इसके बाद यात्री ‘Departure’ और ‘Arrival’ दोनों जगह ई-गेट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे मैनुअल स्टैंपिंग और लंबी कतारों से काफी हद तक छुटकारा मिल जाता है।

क्यों जरूरी है यह प्रोग्राम?

आजकल विदेश यात्राएं तेजी से बढ़ रही हैं और बड़े एयरपोर्ट्स पर टर्मिनल्स अक्सर खचाखच भरे रहते हैं। ऐसे में इमिग्रेशन काउंटर पर लंबा इंतजार करना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। इसी को आसान बनाने के लिए FTI-TTP जैसी सुविधा लाई गई है, जो अमेरिका के ‘ग्लोबल एंट्री’ की तरह तेज और आसान क्लियरेंस का विकल्प देती है।

खासकर बार-बार विदेश जाने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह काफी फायदेमंद है, क्योंकि हर यात्रा में 30-45 मिनट तक की बचत लंबे समय में बड़ी राहत बन जाती है। सरकार अब इस सुविधा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है, ताकि हवाई यात्रा और सुगम हो सके।

First Published : April 12, 2026 | 5:43 PM IST