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Small Saving Schemes: PPF, NSC, SSY निवेशकों के लिए बड़ी खबर, सरकार का ब्याज दरों पर बड़ा फैसला; जानें पूरी डिटेल

Small Savings Schemes: सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों को आठवीं बार भी बिना बदलाव के जारी रखा, निवेशकों को मिलेगा पहले जैसा रिटर्न।

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मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- April 02, 2026 | 8:01 PM IST

Small Saving Schemes: स्मॉल सेविंग स्कीम्स में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने एक बार फिर इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी आने वाली तिमाही में निवेशकों को पहले जैसा ही रिटर्न मिलता रहेगा।

सरकार हर तिमाही में इन दरों की समीक्षा करती है। इस बार अनुमान लगाया जा रहा था कि ब्याज दरें घट सकती हैं, लेकिन सरकार ने दरों को स्थिर रखने का फैसला लिया। यह दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक लागू रहेंगी।

लगातार आठवीं बार ऐसा हुआ है जब स्मॉल सेविंग योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए मौजूदा दरें ही जारी रहेंगी।

इन योजनाओं पर मिल रहा है इतना ब्याज

पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1 प्रतिशत, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 7.7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश करने पर 8.2 प्रतिशत रिटर्न दिया जा रहा है।

इसके अलावा, 3 साल की पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट पर 7.1 प्रतिशत, सेविंग अकाउंट पर 4 प्रतिशत और किसान विकास पत्र पर 7.5 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है, जिसकी मैच्योरिटी अवधि 115 महीने है। मासिक आय योजना में निवेश पर 7.4 प्रतिशत रिटर्न तय किया गया है।

देखें ब्याज दरें:

योजना का नाम ब्याज दर अन्य जानकारी
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) 7.1% लंबी अवधि की बचत योजना
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) 7.7% निश्चित अवधि निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 8.2% बेटियों के लिए विशेष योजना
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) 8.2% वरिष्ठ नागरिकों के लिए
3 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट 7.1% पोस्ट ऑफिस योजना
पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट 4% सामान्य बचत खाता
किसान विकास पत्र (KVP) 7.5% 115 महीने में मैच्योर
मासिक आय योजना (MIS) 7.4% हर महीने आय का विकल्प

सरकार के इस फैसले के बाद पोस्ट ऑफिस और बैंकों के माध्यम से चलने वाली स्मॉल सेविंग योजनाओं की ब्याज दरें लगातार आठवीं तिमाही तक बिना किसी बदलाव के बनी हुई हैं। आखिरी बार इन दरों में बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया गया था, जब कुछ योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन हुआ था।

कैसे तय होती हैं ब्याज दरें

पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तीन महीने में करती है। इन दरों को तय करने के लिए श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों को आधार माना जाता है। समिति के अनुसार, इन योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज संबंधित अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड से 0.25 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक अधिक होना चाहिए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि छोटी बचत योजनाएं निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रहें और उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सके। हालांकि, सरकार हर बार इस फॉर्मूले का सख्ती से पालन नहीं करती। कई बार आम लोगों के हित और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार अपने स्तर पर ब्याज दरों पर फैसला लेती है।

First Published : March 31, 2026 | 2:58 PM IST