आपका पैसा

क्रेडिट कार्ड बंद कराने से बिगड़ जाएगा CIBIL स्कोर? क्या कहते हैं एक्सपर्ट

क्रेडिट कार्ड बंद करना आपके CIBIL स्कोर को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इससे क्रेडिट लिमिट और क्रेडिट हिस्ट्री दोनों पर असर पड़ता है।

Published by
मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- May 19, 2026 | 12:33 PM IST

CIBIL Score Tips: आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ एक पेमेंट टूल नहीं रह गया है, बल्कि यह किसी व्यक्ति की वित्तीय विश्वसनीयता का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल बुकिंग, बिल पेमेंट और इमरजेंसी खर्चों तक, लोग तेजी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी के साथ CIBIL स्कोर का महत्व भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।

हालांकि, कई लोग ऐसे भी हैं जो लंबे समय से इस्तेमाल न हो रहे क्रेडिट कार्ड को बिना ज्यादा सोचे-समझे बंद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि अनयूज्ड कार्ड हटाना एक बेहतर वित्तीय फैसला है। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम कई बार उल्टा पड़ सकता है और आपके CIBIL स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा है क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल

LoansJagat की को-फाउंडर सारिका ग्रोवर के अनुसार, मार्च 2026 तक भारत में सक्रिय क्रेडिट कार्ड्स की संख्या 11.8 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले करीब 8% ज्यादा है।

उन्होंने कहा, “करीब 18.3 करोड़ भारतीय अब सक्रिय रूप से अपना CIBIL स्कोर ट्रैक कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग पुराने क्रेडिट कार्ड बंद कर देते हैं, बिना यह समझे कि इसका असर उनकी क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ सकता है।”

क्या क्रेडिट कार्ड बंद करने से CIBIL स्कोर घट सकता है?

Ezeepay के MD और CMO राशिद अली के अनुसार, हर क्रेडिट कार्ड बंद करना सही फैसला नहीं होता। खासकर तब, जब कार्ड काफी पुराना हो या उसकी क्रेडिट लिमिट ज्यादा हो।

उन्होंने कहा, “कई लोग यह सोचकर पुराने क्रेडिट कार्ड बंद कर देते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे उनकी कुल क्रेडिट लिमिट घट जाती है और क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाता है, जो CIBIL स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।”

क्रेडिट लिमिट कम होने से बढ़ सकता है जोखिम

जब कोई व्यक्ति अपना क्रेडिट कार्ड बंद करता है, तो उसकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है। अगर बाकी कार्ड्स पर खर्च जारी रहता है, तो क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ने लगता है।

मान लीजिए आपके पास कुल 5 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट है और आप हर महीने 1 लाख रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में आपका यूटिलाइजेशन रेशियो 20% होगा।

लेकिन अगर आपने एक कार्ड बंद कर दिया और आपकी कुल लिमिट घटकर 3 लाख रुपये रह गई, तो वही खर्च अब 33% यूटिलाइजेशन दिखाएगा।

आमतौर पर 30% से कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन को बेहतर माना जाता है।

20 से 50 अंकों तक गिर सकता है CIBIL स्कोर

सारिका ग्रोवर के अनुसार, “क्रेडिट यूटिलाइजेशन अकेले ही CIBIL स्कोर का करीब 30% हिस्सा तय करता है। ऐसे में पुराना कार्ड बंद करने पर स्कोर 20 से 50 अंक तक गिर सकता है, खासकर तब जब यूटिलाइजेशन महत्वपूर्ण सीमा पार कर जाए।”

उन्होंने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि LoansJagat के एक यूजर का CIBIL स्कोर 810 से घटकर 780 पर आ गया था। इसकी वजह सिर्फ इतनी थी कि उसका 10 साल पुराना ICICI Bank क्रेडिट कार्ड बंद दिखाया गया था। इसके अलावा उसकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई और बदलाव नहीं हुआ था।

पुराना कार्ड क्यों होता है इतना महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों के मुताबिक, आपका सबसे पुराना क्रेडिट कार्ड आपकी क्रेडिट हिस्ट्री का आधार माना जाता है। बैंक और वित्तीय संस्थान यह देखते हैं कि आपने कितने लंबे समय तक जिम्मेदारी से क्रेडिट का उपयोग किया है।

राशिद अली कहते हैं, “पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करने से आपकी औसत क्रेडिट हिस्ट्री कम हो सकती है, जिससे बैंक आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को कमजोर मान सकते हैं।”

हर स्थिति में कार्ड बंद करना गलत नहीं

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि हर कार्ड को हमेशा बनाए रखना जरूरी नहीं है। अगर किसी कार्ड पर ज्यादा annual fee लगती है या उसके misuse का खतरा है, तो उसे बंद करना सही कदम हो सकता है।

लेकिन एक साथ कई कार्ड बंद करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आपकी कुल क्रेडिट लिमिट तेजी से घट सकती है।

कार्ड बंद करने से पहले क्या करें?

सारिका ग्रोवर सलाह देती हैं कि कार्ड बंद करने से पहले बैंक से यह पूछना चाहिए कि क्या उसे किसी no-fee या low-fee वेरिएंट में बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा, “अगर संभव हो तो कार्ड बंद करने के बजाय उसे downgrade कराना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री भी बनी रहती है और CIBIL स्कोर पर असर भी कम पड़ता है।”

मजबूत CIBIL स्कोर क्यों जरूरी है?

आज के दौर में CIBIL स्कोर आपकी वित्तीय पहचान बन चुका है। अच्छा स्कोर होने पर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन आसानी से मिल सकते हैं। साथ ही ब्याज दर भी कम मिलती है।

वहीं खराब स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने या ज्यादा ब्याज दर चुकाने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।

First Published : May 13, 2026 | 1:44 PM IST