अगर कोई कॉरपोरेट कार आपको फार्मूला वन(एफ-वन) कार जैसा ही अहसास दे तो है न बड़ी दिलचस्प बात। जी हां हम वैसे ही एक कार की बात कर रहे हैं जिसकी तेज रफ्तार ही इसकी सारी खूबियां बयां कर देती है।
जर्मन कंपनी की कार ऑडी की नई आरएस 6 एवेंट कार वैसे तो कॉरपोरेट कार है और यह फार्मूला वन(एफ-वन) की कारों से थोड़ी अलग जरूर है। लेकिन इसकी बहुत सारी खूबियां आपको फार्मूला वन कारों का अहसास दिलाएंगी। अगर आपको इस बात का यकीन अब भी नहीं हो रहा है तो आप अपने लिए ऑडी आरएस 6 खरीद सकते हैं।
आपने अब तक कोई एफ-वन कार नहीं चलाई है तो इस बात को आप शायद ही समझ पाएं। इसीलिए अगर आप इस कार को किसी एफ-वन ड्राइवर को चलाने के लिए देंगे तो उसे शायद ही कोई ज्यादा फर्क महसूस होगा की वह कोई तेज रफ्तार वाली कॉरपोरेट कार चला रहा है।
जब आप किसी सिग्नल पर रुकते हैं तो आप बेहतर गाड़ियों पर काफी गौर करते हैं लेकिन जब आप इस कार को चलाएंगे तो किमस्टर और सुटिल जैसी गाड़ियों को भी भूल जाएंगे। आरएस6 लगभग 4.6 सेकेण्ड में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है और 14.9 सेके ण्ड में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है। अपनी ऐसी ही खूबियों की वजह से यह सुपर कार के दर्जे में आ जाता है।
आपको यह कार बेहतर रफ्तार के साथ ही पूरी तरह से आरामदेह भी लगेगा। आरएस 6 कार के मोटर में टि्वन टर्बो यूनिट होता है जो पेट्रोल के डायरेक्ट इंजेक्शन के लिए काफी मुफीद होता है और वह 572 बीएचपी की क्षमता वाली कार को चलाने में सक्षम होता है। इस कार के 65 किलोग्राम टार्क की वजह से गाड़ी मुश्किल सड़क पर भी बिना किसी दिक्कत के बड़ी आसानी से घूम जाती है।
इस कार के दो इंजन कंट्रोल यूनिट के जरिए इसके पॉवर का संतुलन बना रहता है और यह फोर व्हील ड्राइव को आसान बना देती है। मुझे इस शाही क ार के साथ ही आर 8 जैसी सुपरकार को भी ड्राइव करने का मौका मिला। मैं ये बता दूं कि अगर किसी ने इस नई सुपर कार को जानने और समझने के लिए अपना वक्त दिया है और इसे ड्राइव किया है तो कोई दूसरी कार को पसंद करना बेहद मुश्किल होगा।
जाहिर है कार के दीवानों को कार की रफ्तार से प्यार तो होता ही है और उन्हें कार की बेहतर ड्राइविंग की चाहत भी होती है। पहले बहुत कम ही आरएस 6 की तरह ही इलेक्ट्रिक नीली कारें थीं। ये कार इतनी खूबसूरत दिखती है कि इसकी तस्वीरें बहुत अच्छी आती हैं। इसीलिए इस तरह की ज्यादातर कारों का इस्तेमाल फोटोग्राफी के लिए होता था जिसमें आर8एस मॉडल की तस्वीरे लेने की ज्यादा होड़ होती थी।
हालांकि ये कार स्टार्ट में ज्यादा वक्त नहीं लेती। इसके ओरिजनल मॉडल को बेहतरीन कहा जा सकता है क्योंकि इसकी रफ्तार भी ठीक है। आप जैसे ही इसके दाहिने पैडल पर अपना पांव रखते हैं वैसे ही यह अपनी पूरी रफ्तार में आ जाती है। अब बात करते हैं गियरबॉक्स की। जब भी इसके काफी अत्याधुनिक सिक्स स्पीड वाले गियर को बदलते हैं और क्लच को दबाते हैं तो इसमें से बहुत तेज आवाज आती है।
दरअसल होता यह है कि गियर बदलने पर थोड़ी देर के लिए इंजन बंद हो जाता है और इसमें से बहुत तेज आवाज आती है। उसके बाद आखिरकार गाड़ी की रफ्तार तेज हो जाती है। इस तरह की प्रक्रिया पर तो मैं और भी ज्यादा लिख सकता हूं लेकिन फिर भी आरएस 6 के बारे में बहुत सारी बातें फिर भी कम पड़ जाएंगी।
यह कार रेस ट्रैक पर कुछ ऐसी रफ्तार से घुमती हैं मानो वह अपने लिए कई मुसीबतों को बुलावा दे रही हो। अगर आप वास्तविकता से रूबरू होते हैं तो कई तरह की चीजों के लिए आपको समझौता भी करना पड़ता है। दूसरे शब्दों में हम ये कह सकते हैं कि इस कार का आगे का हिस्सा थोड़ा नीचे है जिसकी वजह से स्टीयरिंग काफी आसान हो जाती है।
हालांकि इसके लिए कोई और दूसरा तरीका नहीं था और मैं इस तरह की बेहतरीन कार के साथ दूसरी चीजों का घालमेल कर रहा था। दरअसल आर 8 मॉडल की तुलना में इसे घुमाना काफी आसान है। यह तो बिल्कुल ऐसा ही है कि सिल्ड्रेला जैसी खूबसूरत लड़की की तुलना हम उसकी सौतेली बहनों से करें। अगर आप ऑडी को बहुत गंभीर निगाहों से देखे तो आपको इसकी डिजाइनिंग में खामियां भी बड़ी आसानी से दिख जाएंगी।
मसलन इसका रियर डिफ्यूजर और ओवल स्पोर्ट-एक्जॉस्ट टिप्स ठंडा होने पर बड़ा अजीब सा दिखता है। आपको यह बता दें कि ऑडी ने भारत में अपनी खूबसूरत आर 8 मॉडल को उतारने की योजना बना डाली है। हालांकि आरएस 6 एवांट के मामले में अभी ऐसी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
लेकिन अगर आप अपनी छुट्टियों के दौरान यूरोप के सफर पर होंगे तो वहां इस गाड़ी की ड्राइविंग का मजा ले सकते हैं। आपको यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि जिन जगहों पर आप घूमने जा रहे हैं उस जगह के पर्यटन की बीमा पॉलिसी लागू होती है कि नहीं जैसे कि नरबर्गरिंग जैसी जगहों के लिए बीमा पॉलिसी लागू होती है।