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व्यापार गोष्ठी: मौजूदा माहौल में कहां लगाएं पैसा?

Last Updated- December 07, 2022 | 11:00 AM IST

शेयर में पैसा लगाने में ही समझदारी
राजेंद्र प्रसाद मधुबनी, व्याख्याता मनोविज्ञान एवं स्वतंत्र लेखक पत्रकार, फ्रेंड्स कॉलोनी, मधुबनी, बिहार


माहौल हमेशा एक सा नहीं रहता है। यह व्यापार का नियम है। माहौल मौका पाकर बदल जाता है। जरूरत रहती है कि आप कितने अनुभवी हैं। अभी शेयर बाजार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्थिति में राजनीतिक माहौल के कारण मंदी की डगर पर है। जल्द ही स्थिति सुधरते यह आसमान छूने चल देगा, क्योंकि भारत एक महाशक्ति बनने की राह पर है। भविष्य उज्जवल है, फिर भला इधर-उधर धन को लगाने की क्या आवश्यकता है?

अगर अभी धन पास में है तो निश्चय ही शेयर में धन लगाना बुध्दिमानी है, क्योंकि शेयर के रेट कम हैं। कोई कमोडिटी या अन्य को अच्छा मान रहे हैं तो यह भी अच्छा है। मंदी और तेजी आते हैं, आप सही समय में सही निर्णय लेते हैं, फायदा उसी में है। म्यूचुअल फंड, जिसमें सारा कारोबार फंड कंपनी करती है और फायदा या घाटा सामूहिक होता है, जो व्यक्तिगत रूप में शेयर में पैसा लगाने से कुछ कम होता है, तो जोखिम कम लेना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा है।

लंबी अवधि के लिए करें निवेश
मुकेश रंगा, एमबीए (फाइनैंस), डागा चौक, बीकानेर, राजस्थान

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। वहीं दूसरी तरफ महंगाई दर भी अपने 13 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर है, जिसका सीधा प्रभाव शेयर बाजार पर पड़ा है। ऐसे में निवेशक भी असमंजस में हैं कि निवेश करे तो कहां करे। विशेषज्ञों की मानें तो मौजूदा स्तर निवेश के लिए काफी आकर्षक लग रहे  हैं।

ऐसे में निवेशक  दीर्घकालीन अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। लेकिन मेरी राय में शेयर बाजार में अभी भी अनिश्चितता बरकरार है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें और बढेंग़ी, वहीं दूसरी तरफ यह चुनावी साल है, इसलिए मेरी राय में 6 से 12 महीनों के लिए शेयर बाजार से दूर ही रहें। फिर भी आप अगर इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश कीजिए। इसमें आपका पैसा विभिन्न सेक्टरों में लगाया जाता है, जिससे जोखिम में कमी होती है और रिटर्न भी 15 से 20 फीसदी तक मिलता है।

टेलीकॉम क्षेत्र है फायदेमंद
अंजली, दिल्ली विश्वविधालय, नई दिल्ली

मेरे हिसाब से टेलीकॉम क्षेत्र में पैसा लगाना फायदेमंद हो सकता हैं, क्योंकि मंदी के इस माहौल में जरूरी है कि हम उन क्षेत्रों में पैसा लगाएं, जिनमें मंदी का असर बहुत ज्यादा न दिखाई दे रहा हो। इस हिसाब से टेलीकॉम बहुत ही बेहतर क्षेत्र है। देश में अभी काफी बड़ी जनसंख्या टेलीफोन और मोबाइल से दूर है। इसलिए अभी इस क्षेत्र के लिए हमारे देश में काफी संभावनाएं हैं। टेलीकॉम की अपेक्षा और किसी क्षेत्र में पैसा लगाने का मतलब पैसा डुबाना हो सकता है। क्योकि मंदी के असर ने सभी क्षेत्रों को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है।

भौचक्का और बेबस है आमजन
मुनीश्वर, बेगूसराय, बिहार

महामारी की तरह बढ़ती व फैलती महंगाई से त्रस्त बाजार, कारोबार, शेयर मार्केट में मंदी व मुद्रास्फीति की बढ़ोतरी से आमजन भौचक व बेबस है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई कहां निवेश करे? इस संदर्भ में सुलभ निवेश के अंतर्गत कुछ सार्वजनिक बैंकों की दीर्घकालीन जमायोजना में, सहारा इंडिया की अल्पकालीन बचत योजना, ब्राण्डेड इंश्योरेंस कंपनियों में लंबे अवधि की निवेश, सोने की खरीदारी, यूलिप में निवेश इत्यादि ऐसे सहज रास्ते हैं, जिस पर निवेशक राह पकड़ सकते हैं।

सौ फीसदी गारंटी में लगाना ही ठीक
ओ. पी. मालवीय, गौतम नगर, भोपाल

सबसे पहले यह सवाल है कि पैसा आए कहां से और आए तो लगाएं कहां। ऐसे में सबसे पहले जिसके पास भी पैसा है, वह अपने स्वयं के बिजनेस में लगाए। आजकल फर्जी कंपनियां भारत में काफी तादाद में आ रही हैं, इसलिए इस महंगाई के दौर में बिना सोचे-समझे गलत कंपनियों में पैसा न लगाएं। बेहतर सुझाव यह है कि आप अपने पैसों को राष्ट्रीयकृत बैंकों में लगाएं। मसलन एलआईसी, भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक आदि और अपने राज्य की रजिस्टर्ड बैंकों में जहां से हमें अपना पैसा वापस मिल सकें, जिसकी सौ फीसदी गारंटी होनी चाहिए, वहीं पैसा लगाना चाहिए।

कमोडिटी में निवेश करना अच्छा सौदा
अमर मल, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली

शेयर बाजार में आ रही गिरावट से न केवल निवेशकों को काफी घाटा हुआ है। बल्कि आने वाले समय में वे निवेश कहां करें, इसके लिए भी काफी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अगर बीते कुछ वर्षों या फिर मौजूदा स्थिति को देखें तो सोने और चांदी की कमोडिटी में पैसा लगाना काफी कारगर साबित हो सकता है।

पिछले दो सालों पर ही ध्यान दें तो पता चलता है कि सोने और चांदी के दाम दो से तीन गुने हो गये है। इसमें कोई शक नहीं कि सोने व चांदी की मांग में बढ़ोतरी की वजह से इनकी कीमतों में इजाफा होना तय है। इसलिए कमोडिटी में पैसा लगाना फायदे का सौदा हो सकता है। इससे पहली बात कि निवेशक को आने वाले दिनों में अच्छा रिटर्न मिलेगा और साथ ही कहीं न कहीं मंदी की मार से भी उबरने में सफल होगा।

कमोडिटी में निवेश करना उचित
डॉ. सतीश कुमार शुक्ल, पूर्व आईईएस अधिकारी एवं सलाहकार एफआईसीई, मुंबई

सेंसेक्स के उतार-चढ़ाव भरे माहौल में निवेश करना एक कठिन निर्णय है। जिस शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, इसमें निवेश करना खतरे से खाली नहीं होगा। लिहाजा ऐसे माहौल में कमोडिटी व धातुओं में (विशेषकर सोने में ) निवेश करना उचित होगा। ऊर्जा के क्षेत्र यूटीआई इनर्जी के यूनिट्स ज्यादा लाभकारी सिध्द हो सकते हैं। रिटेल सेक्टर भी निवेश के लिए उचित प्रतीत होता है, क्योेंकि इस क्षेत्र के विकास की संभावनाएं हैं। एग्री कमोडिटीज में एटीएफ मक्का, कपास उचित निवेश योग्य वस्तुएं है।

म्यूचुअल फंडों में जोखिम कम
निरंजन कुमार सिन्हा, रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, हजारीबाग, झारखंड

वर्तमान समय में कच्चे तेल की कीमत और मुद्रास्फीति की दर में तेजी से  शेयर बाजार पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। यद्यपि पैसा लगाने के कई विकल्प हैं, लेकिन बैंक या डाकघर में पैसा रखते हैं तो इनकी वर्तमान ब्याज दर जितनी है, उससे अधिक महंगाई दर हो गई है, जिससे अंतत: घाटा ही होगा। अभी शेयर बाजार में मंदी के कारण पैसा निवेश करना अधिक लाभदायक होगा।

लेकिन यहां प्रत्यक्ष रूप से निवेश करना, उतना ही जोखिम भरा होगा, इसलिए शेयर बाजार में प्रत्यक्ष निवेश न करके म्युचुअल फंडो के द्वारा निवेश करें तो जोखिम काफी कम हो जाता है, साथ ही अधिक लाभ मिलने की संभावना रहती है। सोना में निवेश करना भी एक अच्छा विकल्प है, लेकिन जहां शेयर बाजार में मंदी का दौर है, वहीं सोने का भाव आसमान चढ़कर बोल रहा है। शेयर बाजार के म्युचुअल फंडों के द्वारा निवेश करना बेहतर विकल्प होगा।

सोना है सबसे सोणा
संजीव शुक्ला, गंगा जमुना सोसायटी, मीरा रोड,  थाणे, महाराष्ट्र

मंदी का मौजूदा दौर पूरी दुनिया में चल रहा है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय मार्केट के साथ-साथ घरेलू बाजार भी गोते लगा रहे हैं। इस दौर में शेयर बाजार में कितनी और कब तक गिरावट होगी कह पाना मुश्किल है। बेहतर यहीं होगा की इस आग से अपने को दूर ही रखा जाए। पॉपर्टी में निवेश करना अच्छा तो साबित हो सकता है, लेकिन महंगाई के इस दौर में आम आदमी के बस की यह बात नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहे ताजा माहौल और घरेलू चाहत को देखते हुए मेरी समझ से आज सोना ही सबसे अच्छा निवेश का साधन साबित हो रहा है।

बीमा क्षेत्र और प्रापर्टी में लगाएं पैसा
स्नेहा असाटी, सिल्वर 1 सीडीए, रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, छिन्दवाड़ा

जहां तक मौजूदा हालात में पैसा लगाने की बात है, तो जो छोटे निवेशक हैं, यानी जो 20-30 हजार की सालाना बचत करना चाहते हैं, उन्हें बीमा क्षेत्र में पैसा लगाना चाहिए। आजकल कम अवधि की पॉलिसी उपलब्ध है। अलग-अलग फंड के रूप में जिसकी देखभाल बहुत ही समझदार, होनहार फंड मैनेजर करते हैं और तीन साल, छह साल जब आप चाहो पूरी पॉलिसी वापस कर सकते हैं।

इसके अलावा, उसमें हमें बीमा लाभ भी मिल जाता है। इनकम टैक्स में छूट भी मिल जाती है और एक अच्छी रकम किस्तों के रूप में जुड़ जाती है। यदि ज्यादा पैसा है तो प्रापर्टी में लगाकर 3 से 4 साल के लिए भूल जाना चाहिए। यहां भी 3 से 4 साल में रकम डबल से ज्यादा हो जाती है।

निजी तेल कंपनियों में निवेश बढ़िया
विजय प्रताप, भोपाल

निजी क्षेत्र की पेट्रोल कंपनियों में निवेश करना इस समय काफी लाभकारी साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि सरकारी तेल कंपनियां तो कर्ज के बोझ के तले डूबी हुई हैं। इसलिए इनमें निवेश करना आग में हाथ डालने के  समान होगा। लेकिन देश में बड़ी संख्या में निजी कंपनियां तेल खनन क्षेत्र में आई हैं और अपनी रिफाइनरियां स्थापित कर रहीं हैं।

वैश्विक बाजार को देखते हुए कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में समय में तेल की कीमतें बिना रुके तेजी से आगे बढ़ेंगी। ऐसी स्थिति में निजी पेट्रालियम कंपनियों में निवेश करने से निश्चित तौर पर अच्छा रिटर्न प्राप्त किया जा सकेगा। रिलांयस ऑयल लिमिटेड के शेयरों को हम उदाहरण के तौर पर देख सकते है। जिनसे निवेशकों को अच्छा खासा रिटर्न प्राप्त हुआ है।

माहौल से लेना-देना नहीं
कपिल अग्रवाल, पूर्व वरिष्ठ उप संपादक, दैनिक जागरण, 1915 थापर नगर, मेरठ

माहौल का निवेश से कोई लेना-देना नहीं है। निवेश का आधार है, किस ढंग से पैसा कमाया गया व कितना उपलब्ध है? यदि किसी के पास पैसा फालतू है, तो उसे सोना, जमीन-जायदाद, शेयरों, म्यूचुअल फंडों आदि जोखिम भरे कम तरल निवेश उपकरणों में लगाया जा सकता है।

परंतु जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी जैसे-तैसे करके पेट काटकर जोड़े गए पैसे को केवल बैंकों व डाकखानों के जोखिम रहित तत्काल तरल वाले निवेश उपकरणों में लगाना ही अति सर्वश्रेष्ठ रहता है। देश की 80 फीसदी जनता निम्न व मध्यम वर्गीय है और इनमें से केवल 40 फीसदी देशवासी ही मामूली बचत कर पाते हैं। उनके लिए आज भी बैंक व डाकखाने के अतिरिक्त कोई बेहतर निवेश विकल्प नहीं है। जबकि दूसरी ओर धनाढ्य वर्ग के दोनों हाथों में लड्डू रहते हैं, तेजी में भी मंदी में भी।

इन्फ्रा और रियल एस्टेट अच्छे विकल्प
जौली शर्मा, निरंकारी कालोनी, नई दिल्ली

मंदी के इस दौर में अगर कोई निवेशक थोड़ा धैर्य रख के लंबे समय के लिए निवेश करने का मन बना रहा है, तो बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट क्षेत्र निश्चित तौर पर एक बहुत अच्छा विकल्प है। अगर कोई निवेशक इस समय निवेश करना चाहता है तो उसे लंबे समय के लिए निवेश करना चाहिए। क्योकि अर्थव्यवस्था में चल रहे इस तरह की उठा-पठक को पुन: स्थिर होने में खासा वक्त लग जाएगा। आने वाला समय बुनियादी ढांचा क्षेत्र का ही है। इसलिए अगर लंबे निवेश करने है तो यह क्षेत्र निश्चित तौर पर काफी संभावनाओं वाला है।

एफडी से अच्छे रिटर्न की उम्मीद
जावेद खानम, मालाड, मुंबई

पिछले चार सालों में शेयर बाजार, रीयल इस्टेट और कमोडिटी सभी में अच्छा रिटर्न मिल रहा था, लेकिन अब तो लगता है कि सब कुछ खत्म हो चुका है। मंहगाई की मार ने अलग से हलाक करके रखा हुआ है, ऐसे में जाएं तो जाएं कहां? लेकिन इस समय बैंकों की ऊंची ब्याज दरों का फायदा उठाया जा सकता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण बैंकों की सावधि जमा योजना (एफडी) से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। मौजूदा महंगाई दर को देखते हुए यह तो कहा ही जा सकता है कि इसमें घाटा नहीं होने वाला है।

पुरस्कृत पत्र

सोना और प्रॉपर्टी ही बेहतर विकल्प
उर्मिला मिश्रा, नालासोपार, थाणे महाराष्ट्र

पिछले कुछ महीनों से ऐसा लग रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कोई बदलाव आने वाला है। शेयर बाजार की गिरावट ने तो कई निवेशकों को बर्बाद ही कर दिया, जबकि सोना में दिन प्रति दिन आ रही मजबूती उसे एक सुरक्षित निवेश का साधन बना दिया है। रियल एस्टेट की कीमतों में बदलाव आने की खबर भी खबरनवीसों से मिल रही है। 

ऐसे में निवेशकों के बीच इस बात को लेकर खलबली मचना लाजमी है कि निवेश कहां किया जाए। इस हाल मे यदि आप 15-20 हजार का निवेश करना चाहते हैं तो सोना और 15-20 लाख का तो प्रॉपर्टी ही निवेश का बेहतर विकल्प है। इसके जरिए न सिर्फ महंगाई की मार से बचा जा सकता है बल्कि आपके निवेश पर पड़ने वाले इसके असर से भी आप बच जाएंगे। अंतत: फायदा ही मिलेगा।

ब्लूचिप कंपनियों में निवेश बेहतर
विश्वदेव राव, शोध प्रभारी, द जर्नलिस्ट, लखनऊ

निवेश के हमेशा दो पहलू होते हैं-नफा और नुकसान। निवेशकर्ता इस जोखिम को अच्छी तरह जानते हैं और उसी आधार पर निवेश करते हैं। मंदी के दौर में भी ब्लूचिप कंपनियों में पैसा लगाना दीर्घकाल के लिए बेहतर है। शेयर बाजार में निवेश दिनों का खेल नहीं बरसों का खेल है। आज कमाई, कल घाटा इस धंधे का उसूल है। अगर बाजार डावांडोल है, तो निवेशक म्यूचुअल फंड की ओर रुख करें। साथ ही निवेशक सोने को भी बेहतर निवेश विकल्प मान सकते हैं। बीमा पॉलिसी में निवेश करना अब कोई लाभ का सौदा नहीं रहा है।

पैसा बचा ही कहां है कि निवेश होगा
सुनील जैन ‘राना’, छत्ता जम्बू दास, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

मौजूदा कमरतोड़ महंगाई एवं शेयर बाजार की भयंकर गिरावट के बाद मध्यम वर्ग के पास पैसा बचा ही कहां  है, जो वह लगाने की सोचे। निचला तबका पहले ही भरपेट खाने से ज्यादा की नहीं सोचता। लोकसभा चुनावों तक देश की स्थिति ठीक नहीं लगती। ऐसे में शेयर बाजार व प्रापर्टी बाजार में जोखिम बहुत नजर आ रहा है। कच्चे तेल की धार को देखते सोना-चांदी में निवेश फिर भी ठीक लग रहा है, लेकिन इसमें भी समय-समय पर मुनाफा वसूली करते रहना चाहिए। चुनावों तक सबसे सुरक्षित निवेश फिक्स डिपोजिट ही है।

पोर्टफोलियो का बेहतर प्रबंधन हो
विवेक मिश्रा , क्षेत्रीय प्रतिनिधि, नेरोलक पेंट्स, लखनऊ

शेयर बाजार का उठना गिरना कोई नई बात नहीं है। यह बरसों से होता आया है। आज जरूरत पोर्टफोलियों के  बेहतर प्रबंधन की है। मंदी के दौर की खरीदारी मुनाफे का खेल हो सकता है, लेकिन जरूरत है सही समय पर सही खरीद की। मंदी के  दौर में फौरी लाभ नहीं बल्कि भविष्य का मुनाफा देखें। हां, म्यूचुअल फंड बीमा जरूर तुलनात्मक रूप से सुरक्षित उत्पाद है, पर इसका रिटर्न वह नहीं है, जो शेयर बाजार में मिलता है। बैंक और डाकखाना अब बीते जमाने की बातें हैं। यहां कम समय में अच्छा कमाने की होड़ चल रही है।

सोच कर निवेश हमेशा अच्छा
प्रमोद कुमार, कॉर्पोरेट ट्रेनर, लखनऊ

शेयर बाजार जोखिम का धंधा जरूर है, पर नौसिखियों की इसमें कोई जगह नहीं है। सोच कर निवेश करने वाला हमेशा मुनाफा कमाएगा। समय को साथ लेकर चलना ज्यादा अच्छा होता है। लोग कहते हैं कि प्रापर्टी में निवेश करना अच्छा है, लेकिन पैसा भी तो फंसा रहता है। जहां तक सुरक्षित निवेश बीमा का सवाल है तो यह सुरक्षित तो है पर इसमें रिटर्न बहुत कम मिलता है। अत: इसे ध्यान में रख कर ही निवेश करना होगा। इसमें अतिशयोक्ति नहीं कि प्रापर्टी में निवेश करने में जोखिम ज्यादा है और लाभ कम है।

बकौल विश्लेषक

निवेशकों के पास एक ही रास्ता है, वह है कमोडिटी
शैलेंद्र कुमार, निदेशक, कमोडिटी रिसर्च ग्रुप, मुंबई

निवेश का एक चक्र होता है। जब आप एक ओर फंसने लगो तो देखो हवा का रुख किधर है और उधर अपने पोर्टफोलियो को मोड दो। निवेश के लिए पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या फिर रियल इस्टेट को प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन ये तीनों एक दूसरे से जुड़े हुए निवेश के साधन हैं। पिछले छह महीनों में सेंसेक्स 8000 अंक लुढ़क चुका है और इसका असर अब म्यूचुअल फंडों में भी दिखाई देने लगा है। इनमें गिरावट से अब रियल इस्टेट अपने आप को ज्यादा दिन तक नहीं बचा पायेगा।

शेयरों में निवेश से 9-10 फीसदी रिटर्न तो नहीं, बल्कि 10 फीसदी तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में निवेशकों के  पास एक ही रास्ता बचता है कि वे कमोडिटी की तरफ रुख करें। जितनी महंगाई बढेग़ी कमोडिटी जिंसों में उतना अच्छा रिटर्न मिलेगा। एग्री कमोडिटी के साथ सोना और चांदी में निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा पिछले छह सालों में सोना ने हर वर्ष 26 फीसदी की दर से रिटर्न दिया है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी सोने के दामों में और हवा भरेगी। एक बात और कि निवेश करने के पहले अपने पोर्टफोलियों को कई हिस्सों में बांट ले, एक साथ किसी भी जगह पैसा लगाना बेहतर नहीं हो सकता है। हालातों के देखते हुए 50 फीसदी कमोडिटी, 30 फीसदी शेयर बाजार (शेयर और म्युचुअल फंड),10 फीसदी रीयल इस्टेट और 10 फीसदी बैंक एफडी में निवेश कर सकते हैं। तो जोखिम कम, फायदा ज्यादा होगा।
बातचीत: सुशील मिश्रा

आम निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड ही बेहतर
राकेश बजाज, निवेश सलाहकार, बॉन अमी, कॉर्पोरेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड

आम निवेशक को विकल्प के रूप में म्यूचुअल फंड में निवेश करना ज्यादा अच्छा होगा। एक सबसे बड़ी बात कि म्यूचुअल फंड को विशेषज्ञ कंट्रोल करते हैं, जिन्हें मार्केट की अच्छी समझ होती है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए म्यूचुअल फंड में एक सिस्टेमेटिक प्लानिंग की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत निवेशक को हर महीने नियत रकम निवेश करने होते हैं। एक आम निवेशक को चाहिए कि वह सीधे मार्केट से जानकारी जुटाने की बजाए, यह देखे की इस वक्त अच्छे म्यूचुअल फंड कौन-कौन से हैं।

वे यह भी देखें की उन म्यूचुअल फंडों का ग्रोथ रेट क्या है, पिछला ट्रैक रिकॉर्ड क्या रहा है और उसका प्रदर्शन कैसा है। माना कि किसी निवेशक को म्यूचुअल फंड के बारे में अच्छी जानकारी नहीं है, तो वह पांच-सात म्यूचुअल फंडों व अच्छी कंपनियों के म्यूचुअल फंडों को देखे और उसका भती-भांति अध्ययन करे। हालांकि निवेशक अच्छे निवेश सलाहकार की मदद से भी म्यूचुअल फंडों में निवेश कर सकते हैं। इस वक्त बैंकों और शेयर बाजार में निवेश करना बेहतर विकल्प नहीं हो सकता है।

जहां मुद्रास्फीति की दर सातवें आसमान पर है और वहां सिर्फ 10 फीसदी के हिसाब से एफडी पर रिटर्न मिलता हो, तो वह घाटे का ही सौदा साबित होगा। म्युचुअल फंड में निवेश के अलावा निवेशक ‘यूनिट लिंक इंश्योरेंस’ में पैसा लगा सकते हैं। यूनिट लिंक इंश्योरेंस एक प्लान है, जिसमें सिक्यूरिटिज और इंवेस्टमेंट को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाती है।
बातचीत: पवन कुमार सिन्हा

…और यह है अगला मुद्दा

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First Published - July 14, 2008 | 12:26 AM IST

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