टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियां इन दिनों अपने उत्पादों का रूप-रंग संवारने में लगी हुई हैं।
जरा 70 के दशक में बनने वाले बड़े से टेलीविजन के बारे में सोचिए। अब इस दौर में कंपनियां एलसीडी टेलीविजन बना रही हैं, जो दीवार पर किसी पेंटिंग की माफिक खूबसूरत दिखता है।
इसी तरह कंपनियां दूसरे घरेलू उत्पादों के डिजाइन को बेहतर बनाने की कवायद में लगी हैं ताकि ग्राहकों को सुविधा तो मिले ही साथ ही उत्पाद दिखने में भी बढ़िया लगें। वैसे भारतीय बाजार ‘एक्सचेंज ऑफर’ वाला बाजार बनता जा रहा है जिसमें ग्राहक अपने पुराने उत्पादों से पीछा छुड़ाकर कुछ और पैसे खर्च करके नया उत्पाद खरीद रहे हैं। ऐसे में कंपनियां इस रुझान का पूरी तरह से फायदा उठाना चाहती हैं।
वे बाजार में नई-नई तकनीकों वाले उत्पाद पेशकर लोगों को आकर्षित कर रही हैं ताकि पुराने उत्पादों से उनका मोहभंग हो और वे नए उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित हों। ऐसे में यदि नई तकनीक के साथ बेहतर डिजाइन भी मिल जाए जो काम आने के साथ-साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाए, तो यह सोने पर सुहागा।
दरअसल कंपनियां इसी फॉर्मूले पर काम कर रही हैं। वास्तव में यह वह दौर है जब ग्राहक तकनीक के साथ-साथ बढ़िया डिजाइन भी चाहता है। भला, कंपनियां इसको कैसे नजरअंदाज कर सकती हैं? वैसे इस रुझान में कुछ साल पहले ही परिवर्तन आया है। कुछ साल पहले ही इन कंपनियों ने अपने उत्पादों को अलग-अलग आकर्षक रंगों में पेश करना शुरू किया है।
द. कोरिया की जानी-मानी कंपनी एल जी ने आर्ट कूल नाम से एयरकंडीशनर की श्रंखला पेश की है। ये एसी दिखने में ऐसे लगते हैं जैसे दीवार पहर कोई खूबसूरत पेंटिंग टंगी हो। एलजी के भारत में बिक्री और विपणन के निदेशक वी. रामचंद्रन कहते हैं कि भविष्य में प्रतिस्पद्र्धा और बिक्री इस बात पर निर्भर करेगी कि आप दूसरे कैसे जुदा हैं।
उनका कहना है कि भविष्य में वे ही उत्पाद बिकेंगे जिनकी परफॉमेंस तो बढ़िया होगी, साथ ही वे दिखने में भी अच्छे लगें। कुल मिलाकर जो उत्पाद हर लिहाज से ग्राहक को अपनी ओर खींच पाएंगे, वे ही बाजार में टिक पाएंगे। उनका मानना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां ग्राहकों के मुताबिक किस तरह से उत्पाद तैयार करने में सफल रहती हैं।
एलजी ने हाल में जो नया एचडीटीवी, स्कारलेट बाजार में उतारा है वह न केवल बहुत ज्यादा स्लिम है बल्कि हर लिहाज से बेहद खूबसूरत भी है। इस टीवी में लगा विशेष सेंसर बाहरी माहौल में ढल जाता है। कुल मिलाकर इसकी आवाज और पिक्चर क्वालिटी बेजोड़ है।
डिजाइन के मामले में हिताची एलजी से भी एक कदम आगे निकलने को तैयार है। कंपनी ने ‘एच डी आर्ट’ सीरीज के तहत कुछ ही मॉडल बाजार में उतारे हैं। कंपनी ने इस सीरीज के तहत प्लाज्मा और एलसीडी दोनों तरह के टीवी बाजार में पेश किए हैं। घर और ऑफिस दोनों जगहों को ध्यान में रखकर ही इन टेलीविजनों का डिजाइन तैयार किया गया है। इन टेलीविजनों को कला का बेहतरीन नमूना भी कह दें तो कहीं से गलत नहीं होगा।
भारतीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने की कड़ी में हिताची ने जाने-माने पेंटर नीरेन सेनगुप्ता और मानव गुप्ता से विशेष गठजोड़ किया है। हिताची होम इलेक्ट्रॉनिक्स के कंट्री हेड तरुण जैन कहते हैं कि हिताची एचडीटीवी में सात सितारा होटल, एक्जीक्यूटिव लाँज और कॉर्पोरेट बोर्डरूम की पेंटिंग का प्रदर्शन ऐसा ही है जैसे किसी ने कला के छह बेहद शानदार शाहकार दीवार पर टांग रखे हों।
भला, व्हर्लपूल इस दौड़ में कैसे पीछे रह सकती है? कंपनी ने हाल ही में जितने उत्पाद बाजार में उतारे हैं, उनको देखकर कहा जा सकता है कि उनके डिजाइन को लेकर बहुत मेहनत की गई है। कंपनी ने ‘मैक्स’ नाम से जो माइक्रोवेव बाजार में उतारे हैं, वे इसकी डिजाइन की वजह से पहली नजर में छोटे से टेलीविजन के माफिक नजर आते हैं।
इनको खास तौर से भारतीय खाना पकाने के लिए तैयार किया गया है। इनमें माइक्रो तवा तो दिया ही गया है लेकिन इसकी सबसे खास बात यही है कि इसमें खाने के लिए अधिक जगह दी गई है। फिलिप्स ने भी फ्लैट टीवी की नई शृंखला बाजार में उतारी है।