सरकारी हस्तक्षेप हमेशा वांछित नतीजे नहीं देता। उदाहरण के लिए केंद्र सरकार ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के सात उत्पादों को प्रतिबंधित सूची में डालेगी। इस योजना को 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया और सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की लेकिन बाजार ने संभावित अनिश्चितता को […]
आगे पढ़े
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गत सप्ताह बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों दोनों के लिए उपभोक्ता ऋण जोखिम भार को 100 फीसदी से बढ़ाकर 125 फीसदी करने का निर्णय लिया है। यह समय से पहले उठाया गया कदम है। हालांकि इसमें आवास ऋण, शिक्षा ऋण, वाहन ऋण और सोने के बदले लिए गए ऋण […]
आगे पढ़े
सन 1996 के आरंभ में वित्त मंत्रालय में मेरी मुलाकात तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह से हुई। जब उनसे कहा गया कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी आर्थिक सुधारों की बात नहीं करेगी तो डॉ. सिंह ने कहा था, ‘उसके सिवा बात करने को है क्या?’ उसके बाद से हुए हर चुनाव में इस […]
आगे पढ़े
चुनाव के ठीक पहले लुभावने वादे करना भारतीय राजनीति में आम बात हो गई है। परंतु राजनीतिक दल और प्रत्याशी केवल उन वादों तक नहीं रुकते जिन्हें सरकारी खजाने से पूरा करना होता है क्योंकि शायद वे वादे चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त नहीं होते हैं। चुनाव प्रचार अभियानों में बहुत बड़े पैमाने पर धनराशि […]
आगे पढ़े
भारत में करीब 15 लाख स्कूलों का भारी भरकम नेटवर्क है जिसमें करीब 26 करोड़ छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिक्षा का अधिकार, सर्व शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन जैसी सरकारी पहलों ने स्कूली शिक्षा तक पहुंच में महत्त्वपूर्ण सुधार किया है। बहरहाल, अभी भी बड़े पैमाने पर अंत:संबंधित चुनौतियां मौजूद हैं जिनमें शिक्षण नतीजे, शिक्षकों की […]
आगे पढ़े
दीवाली के अवसर पर पड़ने वाले सप्ताहांत पर लंबी दूरी की ट्रेनों और विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर बेतहाशा भीड़ की तस्वीरों और वीडियो ने कई लोगों को स्तब्ध कर दिया। ट्रेनों के बाहर भारी भीड़ मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के भीड़-भाड़ वाले समय की याद दिलाती है। बस ये ट्रेनें उपनगरीय न होकर अलग-अलग शहरों और […]
आगे पढ़े
हिमालय के ऊपरी हिस्से में एक सुरंग के निर्माण के दौरान उसके ढह जाने से 40 श्रमिक फंस गए और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की चार धाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का यह हिस्सा उत्तरकाशी क्षेत्र में ब्रह्मखाल और यमुनोत्री के बीच स्थित है। यह मानने की पर्याप्त वजह है कि […]
आगे पढ़े
भारत में क्या घटित हो रहा है यह समझना कभी भी आसान नहीं रहा है क्योंकि यहां हमेशा विरोधाभासी कथानक मौजूद रहते हैं। एक कहानी यह है कि भारतीय कारोबार तेजी से ऐसी स्थिति में पहुंच रहे हैं जहां कुछ प्रभावशाली कारोबारी अधिकांश क्षेत्रों पर दबदबा कायम कर रहे हैं और एक तरह का आर्थिक […]
आगे पढ़े
महामारी के दौरान किए गए नीतिगत समायोजन को समाप्त करने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च 2022 के बाद नीतिगत दरों में तेज इजाफा किए जाने के बाद तमाम उभरते बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं में टैपर टैंट्रम 2.0 (केंद्रीय बैंक द्वारा परिसंपत्ति खरीद कार्यक्रम को कम करना) का डर गहरा हो गया था। बहरहाल चिंताओं के […]
आगे पढ़े
जनवरी 2022 में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में कथित तौर पर हुई अनियमितताओं तथा उसी वर्ष जून में अग्निवीर योजना के हिंसक विरोध की खबरें सबसे पहले बिहार से आई थीं। यह बात दर्शाती है कि राज्य के युवाओं में राज्य के भीतर रोजगार के अवसरों की कमी को लेकर कितना अधिक गुस्सा है। […]
आगे पढ़े