पेरिस फैशन वीक के दौरान होने वाले बेहद खास त्रनोई फेयर में भारत के सबसे मशहूर टॉप 14 फैशन डिजाइनरों को बुलावा आया है।
इन फैशन जगत की मशहूर हस्तियों में तरुण तहलियानी, रोहित बल, राजेश प्रताप सिंह, अब्राहम और ठाकुर, अनामिका खन्ना, आशीष सोनी और राकेश अग्रवाल भी शामिल हैं जो त्रनोई फेयर में शिरकत करेंगे।
पहली बार 1986 में शुरु हुए इस फेयर को काफी महत्त्वपूर्ण माना जाता है।दरअसल यह एक प्रीमियर फैशन ट्रेड शो है जो कॉर्टराइज और प्रीमियर विजन के साथ मिलकर होता है। इस फेयर में लगभग 8,000 प्रोफेशनल जुटते हैं और यहां दुनियाभर के 300 इंटरनेशनल ब्रांड भी दिखाए जाते हैं। हालांकि यहां कोई बाहरी दर्शक को आने की इजाजत नहीं है।
इस साल त्रनोई फेयर में भारत के थीम पर ही शो होने वाला है जिसे नाम दिया गया है मेड इन इंडिया। इसके लिए यहां खासतौर पर इंडियन पवेलियन बनाया जाएगा जहां भारतीय डिजाइनर अपने आकर्षक परिधानों का जलवा दिखाएंगे। इस इंडियन पवेलियन में 2 अक्टूबर से 5 अक्टूबर और फिर 2 मार्च से 5 मार्च को भारतीय डिजाइनर अपने हुनर का प्रदर्शन कर सकेंगे।
माइकल हडिडा अपने पिता के साथ 6 सालों से इस फेयर का जिम्मा संभाल रही हैं। उनका कहना है, ‘पिछले साल हमारे शो का थीम जापान से संबध्द था। इस साल हम चाहते हैं कि भारत के परिधानों, कला और शिल्प से लोगों को रूबरू कराया जाए।’ गौरतलब है कि कई सालों से भारतीय डिजाइनरों को दुनिया भर की फैशन बिरादरी से अलग होने और हाशिए पर होने की वजह से उनका मजाक उड़ाया जाता है। लंबे समय से अपने हुनर का परचम लहराने के लिए इंतजार कर रहे भारतीय फैशन डिजाइनरों के लिए त्रनोई फेयर एक बेहतर मौका साबित हो सकता है।
देश में फैशन डिजाइनर भले ही सेलिब्रिटी का दर्जा पा रहे हों लेकिन वे देश से बाहर अपने हुनर से बेहतर मौजूदगी अब तक दर्ज नहीं करा पाए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस फेयर के जरिए भारतीय फैशन जगत आधुनिक डिजाइन का केंद्र बन कर उभरेगा। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि यह हाई प्रोफाइल फेयर दुनिया के फैशन जगत के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसका फायदा भारतीय फैशन इंडस्ट्री को जरूर मिलेगा। हालांकि इस वक्त देश में फेयर में डिजाइनरों की भागीदारी करने के मसले को लेकर कई विवाद उठ रहे हैं।
फैशन इंडस्ट्री के कई सदस्यों के बीच फेयर में भागीदारी को लेकर ही टकराव की स्थिति सी बन गई है। फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई)के कुछ सदस्यों का आरोप है कि पूर्व कार्यकारी निदेशक सुमित नायर ने पक्षपात करते हुए त्रनोई के आयोजकों को अपने मन मुताबिक डिजाइनरों की एक सूची सौंप दी। इसके लिए उन्हें भी कई ईमेल भेजे गए। आखिरकार मतभेदों के मद्देनजर नायर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कुछ मशहूर डिजाइनरों ने भी एफडीसीआई फैशन वीक से अलग होने का फै सला ले लिया। इस तरह के विवादों को सुलझाने के लिए ही हडिडा को भारत आना था।
हडिडा का कहना है, ‘इस तरह के विवादों में त्रनोई के नाम को लेकर जिस तरह की चर्चाएं शुरू हुई वह बहुत गलत था।’ एफडीसीआई के प्रेसीडेंट का कहना है कि यह काउंसिल फेयर में भागीदारी के लिए किसी भी जरूरतमंद डिजाइनर की आर्थिक मदद करने के लिए तैयार है। एफडीसीआई नोडल एजेंसी की तरह काम करेगी और वह फिलहाल डिजाइनरों के लिए प्रायोजकों की उम्मीद लगाए भी बैठी है।
इस साल के अंत में एफडीसीआई द्वारा आयोजित फैशन वीक में हिस्सा लेने फिर से आएंगे। दिलचस्प बात है कि हडिडा की बातचीत काफी हुनरमंद डिजाइनर सुबोध गुप्ता से हो रही है। गुप्ता ने विदेशी ग्राहकों के लिहाज से भी काफी बेहतर डिजाइन किया है और उनके डिजाइन की बिक्री कुछ करोड़ में हो रही है। हडिडा के मुताबिक गुप्ता से बातचीत जारी है।