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उभरते भारत की नई तस्वीर

Last Updated- December 07, 2022 | 5:02 PM IST

हर घड़ी के साथ बदलता वक्त अपने साथ कई चीजों में बदलाव लेकर आता है। एक वक्त था जब मोबाइल, लोगों का सपना हुआ करता था, लेकिन बेसिक फोन भी उनकी हकीकत नहीं बन पाता था।


देश में आज भी बहुत सारे गांवों में बेसिक फोन पहुंच भी नहीं पाया है, लेकिन मोबाइल फोनों ने वहां पर दस्तक दे दी है। कई गांव तो ऐसे ही होंगे जो अपने मोबाइल नेटवर्क का आगाज 3जी से करेंगे। यही अंतर आया है ‘लाइसेंस-कोटा राज वाले भारत’ और ‘उभरते भारत’ में। बात केवल मोबाइल या फोन तक ही नहीं सिमटी हुई है, कई और चीजें भी हैं बयां करने के लिए।

जरा याद कीजिए उन सड़कों को जिन पर ‘हिंदुस्तान मोटर्स’ की एंबेसडर और फिएट कार ही दौड़ा करती थीं। आज की उन्हीं सड़कों पर मॉडलों की गिनती करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। 1990 के दशक की शुरुआत में बजाज का स्कूटर खरीदने के लिए भी महीनों पहले बुकिंग करवानी पड़ती थी।

आज केवल एक एसएमएस के जरिये ही आप  बाइक को हासिल कर सकते हैं। पहले जहां लोन लेने के लिए को नाकों चने चबाने पड़ते थे, वहीं आज तो बैंक आपको लोन के लिए फोन कर कर के परेशान कर देते हैं। पहले जहां रकम इकट्ठा करने के लिए पैसे जमा करने पड़ते थे, वहीं आज की तारीख में बैंक आपकी मदद के लिए तुरंत तैयार हैं और आसान मासिक किश्तों पर खरीदी गई चीजों से आप अपने सपनों में आसानी से रंग भर सकते हैं।

1990 के दशक तक कलर टीवी बहुत महंगे हुए करते थे। वह भी कुछ गिनी-चुनी कंपनियों के। अब स्थिति एकदम उलट हो चुकी है। अब घर के हर कमरे में नामी गिरामी कंपनियों के टीवी आराम से मिल जाएंगे। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल टैरिफ बहुत सस्ते हैं। कुल मिलाकर ‘लाइसेंस कोटा राज वाले भारत’ ने नई करवट लेकर उभरते भारत की शक्ल अख्तियार कर ली है।

First Published - August 15, 2008 | 3:53 AM IST

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