मोबाइल की अग्रणी कंपनी नोकिया अगले कुछ महीनों में अपने म्यूजिक फोन की कीमत में कटौती करने वाली है।
भारत में भी मोबाइल हैंडसेट बनाने वाले नोकिया के एमपी3 तकनीक से लैस लगभग 14.6 करोड़ मोबाइल फोनों की बिक्री हुई है। उम्मीद है कि कंपनी की म्यूजिक फोन सिरीज की कीमत 3 हजार तक हो जाएगी।
इस वक्त एक्सप्रेस म्यूजिक फोन खुदरा कीमत 5 हजार रुपये है। हालांकि कंपनी, एन सिरीज के अत्याधुनिक मल्टीमीडिया फोनों की कीमत में कोई कटौती नहीं करेगी। जीटीएम(प्रोग्राम पोर्टफोलियो ऐंड कैटेगरीज), नोकिया इंडिया के प्रमुख रघुवेश सारूप का कहना है, ‘हम दुनिया में म्यूजिक उपकरणों को मुहैया कराने वालों में सबसे बड़े हैं। अब इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी के रूप में हमारी नई पहचान है।
अब नोकिया फोनों में एमपी3 अप्लीकेशंस और म्यूजिक मिक्सर जैसी सुविधाएं भी होंगी ताकि मोबाइल में डाउनलोड किया जा सके और ऑनलाइन रहा जा सके।’ ए. आर. रहमान, बिग म्यूजिक और नोकिया ने पहले ही नोकिया एक्सप्रेस म्यूजिक मिक्सर अप्लीकेशन लांन्च किया है। यह ऑनलाइन म्यूजिक मिक्सर है जिसमें रहमान की आने वाली फिल्म ‘अदा… ए वे ऑफ लाइफ’ के दो ट्रैक का रिमिक्स बनाया जा सकता है।
सारूप के मुताबिक नोकिया की रणनीति अपने उचित दाम वाले म्यूजिक फोन के जरिए अपने ग्राहकों को लुभाना है। इसे नोकिया म्यूजिकस्टोर को लॉन्च भी करना है। घरेलू बाजार में मोबाइल म्यूजिक डाउनलोड का कारोबार 160-180 करोड़ रुपये आंका गया है। इसका लक्ष्य 40 प्रतिशत की चक्रीय वार्षिक वृद्धि दर को पाना है। इसके लिए नोकिया जैसी कंपनी की इनबिल्ट म्यूजिक एप्लीकेशन वाले हैंडसेट को भी शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पिछले 18 महीनों में म्यूजिक इंडस्ट्री को 50 से 60 करोड़ रुपये बतौर रॉयल्टी दी गई। कुछ विशेष सेवाओं के लिए मसलन गानों को डाउनलोड करने, म्यूजिक वीडियो और रिंगटोन से सेवा प्रदाता को 20 से 25 प्रतिशत का मुनाफा मिलता है।
प्राइसवाटरहाउसकूपर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारतीय लोगों ने मोबाइल फोन के जरिए ज्यादा म्यूजिक खरीदा है। उम्मीद की जा रही है कि 2009 तक मोबाइल के जरिए पहले से लगभग नौ गुना ज्यादा संगीत खरीदा जाएगा।