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अब महिलाओं को लुभा रही हैं गेमिंग कंपनियां

Last Updated- December 07, 2022 | 7:45 AM IST

भारत में गेमिंग कंपनियां अब महिलाओं को आकर्षित करने में जुटी हैं। गौरतलब है कि  भारत में तकरीबन 1.2 करोड़ महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करती हैं।


कुल भारतीयों द्वारा इंटरनेट के उपयोग के लिहाज से यह संख्या एक तिहाई बैठती है। भारत में ऑनलाइन कैजुअल गेमिंग बाजार 2010 तक 10 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।

दुनिया भर में पहले ही गेमिंग का बाजार 2.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस श्रेणी में 2010 तक महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर दोगुनी हो जाएगी।

मुंबई की ‘गेम्स टु विन’ के सीईओ आलोक केजरीवाल कहते हैं कि दुनिया भर में इंटरनेट उपभोक्ताओं में महिलाओं की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हो रहा है। उनका कहना है कि महिलाएं सबसे महत्त्वपूर्ण ग्राहक साबित हो रही हैं क्योंकि घर पर बड़ी खरीद के फैसले अमूमन वही लेती हैं। ऑनलाइन गेमिंग को विज्ञापनों का बहुत सहारा होता है ऐसे में यदि विज्ञापनों के जरिये महिलाओं को लुभाना है तो गेम भी उनके मुताबिक ही बनाने होंगे।

केजरीवाल का कहना हे कि गेम्म टु विन, आभास (इंटयूशन) के आधार पर गेम तैयार कर रही है जिससे महिलाएं इनको आराम से खेल सकें। इसको खेलने के लिए किसी तरह के दिशा निर्देश पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। गेम टु विन ने महिलाओं को लुभाने के लिहाज से 60 गेम तैयार किए हैं जिनके लिए कंपनी को 4 करोड़ रुपये की रकम भी खर्चनी पड़ी।

हैदराबाद की ‘सेवन सीज टेक्नोलॉजिज’ के प्रबंध निदेशक मारुति शंकर का मानना है कि भारत में महिलाएं परिवार में सबसे प्रभावशाली सदस्यों में होती हैं, ऐसे में अगर किसी बात के लिए उनकी सहमति मिल जाती है तो समझिए कि पूरे परिवार की सहमति मिल गई। उनका कहना है कि यदि मम्मी किसी गेम से खुश है तो वह बच्चों को भी उस गेम को खेलने से नहीं रोकेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी महिलाओं और बच्चों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा से जुड़े हुए और माइंड गेम भी तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी ने अपने दो पोर्टलों ऑनलाइनगेम्स डॉट कॉम और नियोडिलाइट डॉट कॉम पर महिलाओं को ध्यान में रखते हुए 50 के करीब गेम लॉन्च किए हैं। लिनियरलगेम्स डॉट कॉम के 14 लाख सब्सक्राइबरों में से 30 फीसदी महिलाएं हैं।

एफएक्सएल लैब्स के संस्थापक और चेयरमैन शशि रेड्डी कहते हैं कि आज की भारतीय नारी के मनोरंजन के लिए गेमिंग एक नया माध्यम बन गया है। इसकी वजह वह लोगों के अधिक कामकाजी होने को मानते हैं। वह मानते हैं कि लोग थकान और तनाव को दूर करने के लिए गेमिंग का सहारा ले रहे हैं। वह बताते हैं कि कुछ गेम तो महिलाओं को घंटो तक उनसे जोड़े रखते हैं।

उनका मानना है कि महिलाएं अब टेलीविजन धारावाहिकों से ऊब चुकी हैं। उनका कहना है कि,’अब भारतीय महिलाएं मनोरंजन के लिए नये माध्यमों को आजमाने में नहीं हिचक रही हैं। भारतीय ऑडियंस के करीब आने के लिए हमने बॉलीवुड तारिका मलाइका अरोड़ा खान को चुना है और अपने गेम ‘अग्नि-द क्वीन ऑफ डार्कनेस’ के  लिए उनको ब्रांड एंबेसेडर भी बनाया है।’ कुछ महीने पहले ही शुरू हुआ यह गेम एक मां और बेटे की कहानी के इर्द गिर्द तैयार किया गया है।

इस गेम को न केवल महिलाओं बल्कि पुरुषों को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके अलावा इस गेम में कई और दिलचस्प पजल्स भी हैं जिनको बेहद पसंद किया जा रहा है। उनका कहना है कि महिलाओं के लिए खास तौर पर गेम तैयार करने को अलग नजरिये से नहीं देखना चाहिए। रेड्डी का कहना है कि इस पूरी कवायद का मकसद बस इतना है कि ऑडिएंस को अपने साथ जोड़ा जाए।

वह जानकारी देते हैं कि उनके अगले दो गेम मुख्य रूप से महिला चरित्रों पर ही आधारित होंगे और जल्द ही लॉन्च होंगे। रिलायंस एंटरटेनमेंट के ‘जंप गेम्स’ के सीईओ सलिल भार्गव कहते है कि मोबाइल पर गेम खेलना भी महिलाओं को भा रहा है। स्ट्रेटजी, शब्द आधारित, आर्केड और पजल जैसे गेम महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।

First Published - June 26, 2008 | 11:27 PM IST

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