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अब विज्ञापनों के जरिये होगा ‘खेल’

Last Updated- December 07, 2022 | 10:04 AM IST

राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां परवान चढ़ती जा रही हैं। अब इनके प्रचार के लिए मल्टीमीडिया विज्ञापन अभियान चलाया जाएगा।


राष्ट्रमंडल खेल संघ ने अगले तीन साल में विभिन्न माध्यमों के जरिये विज्ञापन के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार द्वारा किसी खेल आयोजन के प्रचार के लिए दी जाने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है।

मीडिया के जरिये प्रचार करने का काम जेडब्ल्यूटी, मर्केंटाइल एडवरटाइजिंग और क्वांटम कम्युनिके शंस को दिया गया गया है। जेडब्ल्यूटी के मैनेजिंग पार्टनर रोहित ओहरी कहते हैं कि हम न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएंगे बल्कि हम प्रचार अभियान को वैश्विक स्तर पर चलाएंगे। हमारा थीम ‘आइए और खेलिए (कम आउट ऐंड प्ले)’ बहुत आकर्षक है और हमें लगता है कि यह सभी का ध्यान खींचने में सफल रहेगी।

गौरतलब है कि ‘कम आउट ऐंड प्ले’ टैगलाइन को जनवरी में ही जारी किया गया था जिसके साथ-साथ ‘1000 डेज टू गो’ को भी जारी किया गया था। ओहरी का कहना है कि हम ऐसा अभियान चलाना चाहते हैं जिससे भारतीयों में खेलों के प्रति एक जज्बा पैदा हो और वे अधिक से अधिक इस आयोजन से जुड़ें। इसके अलावा विदेशियों को आकर्षित करना तो हमारे एजेंडे में है ही। ये एजेंसियां प्रचार अभियान के लिए साथ मिलकर काम करेंगी और इनके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्रिकेट की लोकप्रियता से निपटने की रहेगी।

इस अभियान के लिए शुरुआती 18 महीनों में जमीनी स्तर पर प्रचार किया जाएगा और तमाम तरह के कॉन्टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। प्रचार अभियान के जरिये स्कूली बच्चों को भी खेल से संबंधित चीजों से रूबरू कराया जाएगा और उन्हें इस आयोजन से जोड़ा जाएगा। इस साल 12 से 18 अक्टूबर के बीच पुणे में आयोजित होने वाले तीसरे युवा खेल इस लिहाज से एक ट्रायल की तरह ही होंगे। ओहरी के मुताबिक युवा खेलों के साथ ही इस अभियान का श्रीगणेश हो जाएगा और 2009 की दूसरी छमाही से न केवल भारत में बल्कि दूसरे देशों में भी यह अभियान जोर पकड़ने लगेगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल खेल पहली बार भारत में पहली बार आयोजित किए जा रहे हैं। और 1982 में एशियाड के बाद यह भारत का दूसरा बड़ा खेल आयोजन भी है। उम्मीद की जा रही है कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में तकरीबन 10,000 खिलाड़ी शिरकत करेंगे। ये एजेंसियां भारत को ऐसे स्थान के रूप में भी प्रचारित करने पर जोर देंगी जहां पर खेल देखना बहुत मनोरंजक रहेगा।

ओहरी बताते हैं कि हम भारत में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रचार अभियान चलाएंगे। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण पदक जीते थे जिनमें से 16 शूटिंग के जरिये आए थे। इस प्रदर्शन के चलते भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।

First Published - July 9, 2008 | 11:27 PM IST

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