नई बातों को स्वीकार करने के कई तरीके होते हैं। वैसे इसको स्वीकार कराने के माध्यमों में बॉलीवुड भी कभी पीछे नहीं रहा।
अब गांवों में आए क्रांतिकारी बदलावों पर एक फिल्म जल्दी ही सिल्वर स्क्रीन पर आने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के एक प्रोफेसर महोदय का अहम योगदान है, जिनके किए गए कुछ कामों को फिल्म में जगह दी गई है।
दरअसल बात कुछ इस तरह है कि आमिर खान और करीना कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘इडियट’ की कहानी कुछ इसी तरह की है। इसकी कहानी में आईआईएम-अहमदाबाद के प्रोफेसर अनिल गुप्ता ने सहयोग किया है। इस फिल्म को विधु विनोद चोपड़ा बना रहे हैं जबकि निर्देशन की कमान मुन्नाभाई फेम राजकुमार हिरानी के हाथों में है। अनिल गुप्ता, सोसायटी फॉर रिसर्च एंड इनिशिएटिव्स फॉर सस्टेनबल टेक्नोलोजीज ऐंड इंस्टीटयूट (सृष्टि) के नाम से एक गैर सरकारी संगठन भी चलाते हैं।
यह फिल्म शिक्षा व्यवस्था पर आधारित है और कहानी परंपरागत चीजों की बजाय नई चीजों पर आधारित है। विधु विनोद चोपड़ा के खेमे से आई खबरों पर भरोसा करें तो फिल्म के लिए इस तरह के दृश्य शूट भी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक गुप्ता की आधुनिक गांव की जो परिकल्पना है उसको साकार करने के लिए किए गए उनके प्रयासों को कहानी में शामिल किया गया है।
इसमें पहले से चली आ रही धारणा कि पैसा ही सबसे बड़ा है, को गलत साबित करने की कोशिश की गई है। लेकिन इसको साबित करना भी कोई कम मुश्किल काम नहीं था। गुप्ता ने गांव में किए गए कुछ नए कामों को दुनिया के सामने बताने का फैसला किया। उनको लगा कि इसके लिए फिल्म ही सबसे बेहतर विकल्प है। गुप्ता का कहना है कि फिल्म की कहानी कुछ नए क्रांतिकारी परिवर्तनों पर आधारित है।
उनका कहना है कि फिल्म के जरिये बताया गया है कि जिन लोगों को समाज मूर्ख समझता है, वह वास्तव में मूर्ख नहीं होते। और वे कई बार अपने किए गए कामों से समाज की इस धारणा को तोड़ने में कामयाब भी होते हैं, इसी को फिल्म में दिखाया गया है।
वह बताते हैं कि प्रोडक्शन हाउस ने हमारे किए गए कामों के बारे में पढ़ा और उसके बाद उनको अपनी फिल्म में शामिल करने के लिए हमसे संपर्क किया। इसमें जो भी खोजा गया है वह ‘सृष्टि’ ने ही खोजा है। इसमें देश भर में आयोजित की गई शोध यात्राएं भी शामिल हैं जिसमें गांव के लोगों द्वारा खोजी गई नई चीजों के बारे में बताया गया।