उपभोक्ताओं को लेकर चलाए जा रहे प्रचार अभियानों ने अब बढ़िया नतीजे देने शुरू कर दिए हैं। कंपनियों के लिए यह अच्छी खबर है कि उपभोक्ता इस तरह के अभियानों में खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
कंप्यूटर चिप बनाने वाली जानी मानी कंपनी इंटेल ने हाल ही में ‘मैक्स योर मूव’ नाम से एक सफल कैंपेन चलाया है। इस अभियान के जरिये लोगों ने अपनी झेंप मिटाई और कैमरे के सामने खूब थिरके। इसमें, पहले तो लोगों को कैमरे के सामने नचा कर वीडियो बनाए गए और फिर कंपनी के माइक्रोपोसेर्स के जरिये उन वीडियोज को बेहतर बनाया गया।
इससे जुड़े हुए लोगों के परिचय वाले वीडियो को यूटयूब वेबसाइट पर भी लगाया गया। लोगों पर भी धीरे-धीरे इसका बुखार चढ़ता गया जब लोगों ने इन वीडियो को शेयर करना शुरू कर दिया। इस कैंपेन को 13 शहरों के बड़े-बड़े मॉल्स में चलाया गया। इस कैंपेन को मिली भारी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तकरीबन 1,05,841 वीडियो को देखा गया और 1,980 वीडियो को अपलोड किया गया।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के कैंपेन यूं भी सफल हो रहे हैं क्योंकि इसमें भाग लेने वाले लोगों को भी इनके जरिये कुछ प्रसिद्धि मिल जाती है। मुद्रा से जुड़े जय डी कोस्टा कहते हैं, ‘इस तरह के कैंपेन सफल हो रहे हैं। इस तरह उपभोक्ता, ब्रांडों को अपने तरीकों से प्रभावित कर रहे हैं। अगर वे किसी ब्रांड का उपयोग कर रहे हैं तो उसके साथ जुड़ना भी पसंद कर रहे हैं।’
इस तरह के सफल अभियानों में फ्रिटो ले का ‘चला चेंज का चक्कर’ भी बहुत सफल रहा था। रियलिटी शोज की सफलता भी इस बात पर मुहर लगाती है। इंटेल का कैंपेन डी कोस्टा की कंपनी ‘किडस्टफ’ ने ही चलाया था। पेप्सी भी इसी तरह का कैंपेन चला रही है जिसमें लोग अपनी पसंद की रिंगटोन बना सकते हैं। ऐसा ही एक और अभियान रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है।
दरअसल इस तरह के कैंपेन पश्चिमी देशों में खासे सफल और लोकप्रिय रहे हैं। इसमें उपभोक्ता हमेशा नये आइडिया देते रहते हैं। ऐसे अभियानों ने विज्ञापन जगत का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। उपभोक्ता भी इसमें शामिल होकर अपने आपको उस उत्पाद से जुड़ा हुआ मानने लगते हैं। इस लिहाज से कंपनियों के लिए यह बहुत ही फायदेमंद है।
केपीएमजी में एसोसिएट डायरेक्टर (स्ट्रेटिजिक एंड कमर्शियल इंटेलिजेंस ट्रांसमिशन सर्विसेज) दुष्यंत सिंह कहते हैं, ‘जब विज्ञापनों पर होने वाले खर्च में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है ऐसे में इस तरह के अभियान उद्योग जगत के लिए फायदेमंद ही हैं। इसके जरिये मिलने वाले रेस्पाँस से भी कंपनियों को स्थिति का अंदाजा लगाना भी आसान रहता है।’
माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प भी अपने एक्सबॉस 360 के उपभोक्ताओं को नये वीडियो गेम बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। कंपनी अपने ग्राहकों द्वारा बनाए गए गेम्स को अपनी ऑनलाइन सर्विस एक्स बॉस लाइव सर्विस पर इसी साल शुरू करेगी और अपने राजस्व में भी हिस्सेदारी देगी।