मैं हर रोज 30 किलोमीटर ड्राइव करके काम पर जाती हूं। इस तरह मेरी कार में बहुत ज्यादा ईंधन की खपत होती है और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें इस वक्त हमें बहुत परेशान करती हैं।
बल्कि यूं कहें कि बेहद दुख होता है। खासतौर पर तब जब हमें टै्रफिक जाम में फंसे रहना पड़ता है। मैंने खुद भी अपने ज्यादातर सहयोगियों की तरह ही बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन के बारे में नहीं सोचा था। दरअसल इस तरह की ई बाइक या ई कार में आपको अपने एक्सटेंशन कॉर्ड को चार्ज करना होता है जो आपके घर की बिजली सप्लाई से जुड़ा होता है।
मेरे कहने का मतलब यह है कि क्या मैं गंभीरता से इलेक्ट्रिक बाइक या कार के बारे में सोचूंगा जिसमें स्पीड और दूरी या फिर दोनों को लेकर दिक्कतें आती हो? मुझे दिमागी तौर पर पूरी तरह से इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि इस तरह की गाड़ी के साथ ऐसा भी हो सकता है कि रास्ते के बीच में ही आपको इलेक्ट्रिक चार्ज की जरूरत पड़ जाए या फिर यह हो सकता है कि आपको एक ऐसा मेकेनिक ढूंढना पड़ जाए जो इलेक्ट्रिक गाड़ी को चलाना जानता हो।
इस हफ्ते मुझे भी इलेक्ट्रिक स्कूटर से रूबरू होने का मौका मिला। इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने वाले लोगों ने इसके बारे में मुझे बताया था। हालांकि मैं पूरी तरह से इसके बारे में आश्वस्त नहीं हूं, अब तो बिल्कुल भी नहीं। मैं इस विचार से बिल्कुल अलग नहीं हूं, इसकी वजह यह है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे हालात में इलेक्ट्रिक गाड़ी परिवार के लिए अतिरिक्त विकल्प हो सकती है। इलेक्ट्रिक कार बनाने वाले निर्माता इस बात को बखूबी बताते हैं कि यह आपके लिए किस तरह से सस्ती है और यह बैटरी से चलने वाली गाड़ी है।
इस बात पर कौन तर्क कर सकता है कि इस तरह के दुपहिया वाहन में 4 से 5 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है और कार के लिए 40 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आता है। पेट्रोल कार में दस गुना ज्यादा खर्च आता है। पहली बार आप जब इलेक्ट्रिक कार खरीदें तो उसकी कीमत ज्यादा लग सकती है। लेकिन कुछ सालों में जब आपको ईंधन की बचत का अहसास होगा और आपके कार खरीदने का फायदा भी समझ में आएगा। इसी वजह से इस तरह के वाहनों में उपभोक्ताओं की रुचि बढ़ रही है। देश भर में इन वाहनों के लिए वितरण नेटवर्क बनाया जाएगा।
मिसाल के तौर पर ब्रिटेन की अल्ट्रा मोटर ने हाल ही में झारखंड, उड़ीसा, बिहार और छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर के डीलरों के लिए विज्ञापन दिया था। आश्चर्य की बात यह है कि इसे कई इच्छुक ग्राहकों के फोन भी मिले जो स्कूटर खरीदना चाहते थे। इसमें ईंधन का खर्च तो कम लगता ही है इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो इसकी स्पीड कम होने से भी बेहद खुश हैं। इस तरह की कुछ गाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेने की जरूरत ही नहीं होती।
आप अपने युवा बच्चों के लिए गिफ्ट दे सकते हैं जिनका इस्तेमाल वे टयूशन के जाने के लिए कर सकते हैं और आपको तब इस बात की बिल्कुल चिंता नहीं करनी होगी कि वे सड़क पर तेज गाड़ी चला रहे होंगे। इसके अलावा आपको तो यह पता ही है कि आप भीड़भाड़ वाले इलाके में बहुत तेजी से नहीं जा सकते। यह एक आदर्श गाड़ी हो सकती है जिसमें आप मजे से ड्राइव करते हुए नजदीक के स्टोर में जा सकते हैं। अगर आप पर्यावरण के लिए खासे चिंतित हैं तो आपके लिए यह बेहतर विकल्प होगा।
मैंने हीरो इलेक्ट्रिक की ई बाइक ऑप्टिमा चलाई। अल्ट्रा मोटर हीरो इलेक्ट्रिक का पार्टनर हुआ करता था जब तक कि इसने बिक्री करनी शुरू नहीं की थी। सबसे पहली चीज ने मुझे ज्यादा प्रभावित किया वह इस ई बाइक की शांति थी। इस स्कूटर में आवाज न के बराबर होती है। हालांकि इसके वायर कॉर्ड को हर रात चार्ज करना आपके लिए बोरियत भरा काम लग सकता है। यह कंपनी हर एक जगह चार्जिंग स्टेशन बनाना चाहती है। गाड़ी की बैटरी बनाने वाले लोगों का दावा है कि बहुत कम समय में आपका स्कूटर चार्ज हो सकता है।
जब आप किसी मॉल में कॉफी की चुस्की ले रहे हों या ऑफिस में हो। इसमें चुनौती की बात यह है कि टैंक को भरने के मुकाबले आपका चार्जिंग भी बेहद आसान हो। हीरो इलेक्ट्रिक मुख्य अधिकारी सोहिन्दर गिल का कहना है, ‘हीरो फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसके अंतर्गत एनसीआर क्षेत्र में बैटरी स्वैप स्टेशन के तौर पर कुछ बूथ चलाए जाएंगे जहां आप डिस्चार्ज बैटरी को बदल कर चार्ज बैटरी को पा सकते हैं। हालांकि इस समय हम ऐसे दौर से गुजर रहे है जब हमें बैटरी वाले वाहनों के बारे में सोचना पड़ेगा। आज कच्चे तेल की कीमत 145 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।
क्या यह पेट्रोल और डीजल से दौड़ती अर्थव्यवस्था के अंत की शुरूआत है, आज सभी अर्थशास्त्रियों के बीच ताजा मुद्दा यही है।’ गिल का कहना है कि जब तक कोई ठोस विकल्प मौजूद न हो तब तक यह बढ़ोतरी तो होती ही रहेगी। महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा के मुख्य तकनीकी अधिकारी अरूण जौरा भी इस बात से सहमत हैं। वह एक ऐसी कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं जो नई अगली पीढ़ी की गाड़ी के लिए तकनीकों की खोज कर रहे हैं। इन गाड़ियों का बड़ा बाजार भी होगा। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी।
उनका कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 33 डॉलर प्रति बैरल हो या अगर मैं कोई सुविधाजनक और सस्ते विकल्प मुहैया कराऊं तो ग्राहक इसके लिए जरूर तैयार होंगे। इलेक्ट्रिक बाइक के बाजार में अब खासी तेजी आ रही है। हालांकि अभी तक चार्जिंग स्टेशन के लिए बुनियादी ढांचा नहीं बन पाया है लेकिन फिर भी पिछले साल 1,10,000 बाइक बेची गई थी। इस साल इसके दुगने होने की संभावना है, यानी इस साल लगभग 2,40,000 बाइक की बिक्री की संभावना है। इसकी वजह यह है कि इसमें अल्ट्रा, हीरो, टीवीएस और इलेक्ट्रोथर्म जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हो रही हैं।
हालांकि इस संख्या में कमी बढ़ोतरी की गुंजाइश भी है क्योंकि इस तरह के इलेक्ट्रिक स्कूटर में रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती। इस समय देश में कितनी चीनी इलेक्ट्रिक बाइक आ रही हैं इसका कोई अंदाजा तो फिलहाल नहीं है। अगर कार में देखें तो बाजार में ई कार के सेक्शन में रेवा ही एकमात्र विकल्प है और इसने 30,000 कारों के साथ इसकी क्षमता में पांच गुना विस्तार हुआ है। एक साल पहले ये कार तो हाशिए पर थीं। रेवा के उपाध्यक्ष और मुख्य तकनीकी अधिकारी चेतन कुमार मैनी खुशी के साथ कहते हैं कि सभी गाड़ियां एक साथ अब मार्केट में आ रही हैं।
केंद्र सरकार और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय पूरे ई कार और बाइक की चेन, ग्राहकों, वाहन निर्माताओं बैटरी बनाने वालों, बैटरी स्वैपिंग प्वाइंट और चार्जिंग स्टेशन को ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए योजना पर काम कर रहा है। राज्य सरकार भी इसके लिए जागरूक हो रही है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की बेस प्राइस पर 15 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा कर चुकी है और रोड टैक्स के रिफंड और रजिस्टे्रशन चार्ज के अलावा वैट में भी 12.5 प्रतिशत छूट की बात की गई है।
इस उद्योग के बड़े खिलाड़ी इस बाजार में अपना हिस्सा बनाने की तैयारी में जुट चुके हैं। पिछले महीने में मंत्रालय की बैठक में इस ई कार और बाइक की प्रमुख कंपनियों की मौजूदगी से यह साफ होता है। इस मीटिंग का उद्देश्य ही बैटरी से चलने वाली गाड़ियों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए था। चीन का उदाहरण देते हुए मैनी कहती हैं कि, ‘गाड़ियों की बैटरी के विकास में सरकार की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण है।’ दुनिया में अगर कहीं सबसे अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं तो वह चीन है।
वहीं दूसरी ओर इजरायली सरकार भी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख कर रही है जिसके लिए बैटरी रीचार्ज स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन को बनाने की भी तैयारी है। इलेक्ट्रिक कारों को बनाने का जिम्मा रेनो-निसान को सौंपा गया है। वहीं डेनमार्क भी इलेक्ट्रिक ग्रिड की ओर नजरें टिकाए हुए है। बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को प्रमोट करने के लिए जर्मनी में स्टटगर्ट अल्ट्रा मोटर के साथ साझेदारी की तैयारी में है। भारत में पहले लीड-एसिड वाली बैटरियों का इस्तेमाल किया जाता था, पर अब इसकी जगह हल्की और जल्दी चार्ज होने वाली लीथियम-आयन बैटरियों ने ले ली है।
लीथियम-आयन युक्त बैटरियों को ही हमारे फोन में इस्तेमाल किया जाता है। इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स सोसाइटी के महानिदेशक दिलीप चिनॉय कहते हैं, ‘राष्ट्रीय स्तर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों और हाइब्रिड के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।’ अगर इन गाड़ियों के इस्तेमाल को राष्ट्रीय मिशन बना कर देखा जाए तो लागत में कमी को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उम्मीद है कि अगर मैं इन कारों का इस्तेमाल करना शुरू करूंगा तो सरकार मुझे इसकी खरीद के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी। आखिर मेरी इलेक्ट्रिक कार इस धरती पर से प्रदूषण कम करने में योगदान जो देगी।
उपभोक्ताओं के संदेह और वाहन निर्माताओं के जवाब
अगर इलेक्ट्रिक कारों में कोई गड़बड़ी होती है तो उसे ठीक कराने के लिए दिक्कतें आएंगी क्योंकि इन कारों के लिए अधिक संख्या में सर्विस स्टेशन नहीं हैं।
इलेक्ट्रिक कारों में खराबी आए ऐसा कम ही होता है। आपको आखिर कितनी बार अपना पंखा ठीक कराना पड़ता है, शायद बहुत कम।
अगर बहुत लंबा ट्रैफिक जाम लगा हो तो बैटरी काम करना बंद कर देती है।
अगर बैटरी को पूरा चार्ज किया गया हो तो यह कई किलोमीटर की यात्रा में भी कोई परेशानी नहीं देती, हां इतना जरूर है कि आप कई घंटों तक एसी न चला रहे हों।
इन गाड़ियों की कीमत काफी अधिक है।
अगर बैटरी को बदलने के खर्चे को जोड़ भी दें तो भी डीजल या पेट्रोल की कीमत से इन कारों की कीमत काफी कम है।
बैटरी को चार्ज करने में काफी परेशानी आती है, खासतौर पर उन लोगों को जो ऊंची इमारतों में रहते हैं।
नहीं ऐसा नहीं है। इलेक्ट्रिक मीटर से तार जोड़कर इन कारों में लगी बैटरी को चार्ज किया जा सकता है। आमतौर पर इलेक्ट्रिक मीटर ग्राउंड फ्लोर पर ही लगे होते हैं। साथ ही रियल एस्टेट डेवलपर्स अब भविष्य की जरूरतों का ध्यान रखते हुए आवासों में बैटरी चार्जिंगस्वैपिंग उपकरण लगाने की तैयारी में हैं। इनसे काम औश्र भी आसान हो जाएगा।
भारतीय सड़कों पर पानी जाम पाया जाना आम है और इससे बैटरी के साथ साथ कार को भी नुकसान पहुंचता है।
इन कारों का पानी में भी टेस्ट किया जा चुका है। ये तब भी काम करती रहती हैं। वास्तव में तो पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों की तुलना में पानी में यही कारें ज्यादा सुरक्षित रहती हैं।
कुछ राज्य इन कारों का पंजीयन नहीं करते।
इस समस्या को सुलझाने के लिए हम काम कर रहे हैं। पर कुछ गाड़ियां ऐसी भी हैं जिनके लिए न तो पंजीयन की जरूरत होती है और न ही नंबर प्लेट की, जैसे कि हीरो-इलेक्ट्रिक की ऑप्टिमा। गाड़ी चलाने वाले को इसके लिए लाइसेंस की भी आवश्यकता नहीं होती। ये गाड़ियां युवा छात्रों के लिए आदर्श होंगी।
क्या पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें की वजह से ग्राहक इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर खींच रहे हैं।
इसकी कई वजहें हैं। एक तो पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतें, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का अपेक्षाकृत सस्ता होना और पर्यावरण संबंधी मुद्दे।
रेवा कार
मॉडल-तीन, रेवा स्टैंडर्ड, रेवा एसी, रेवा क्लास
दाम- 2.99 लाख रुपए से 3.78 लाख रुपए।
रेंज-पूरी तरह चार्ज हो तो 80 किमी (बिना एसी)
अधिकतम गति-65 से 80 किमी प्रति घंटा
पहली बिक्री- जून 2001 से
अभी कितने वाहन-2500(आधे यूरोप में)
तीन निर्माता-रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी भारत के मैनी समूह और अमेरिका की एईवी एलएलसी का साझा उपक्रम।
प्रस्तावित-नई पीढ़ी की रेवा। इसकी रेंज 200 किमी। स्पीड- 120 किमी प्रति घंटा।
यो बाइक
मॉडल- छह। यो स्मार्ट, यो स्पिन, यो टफ, यो ट्रस्ट, यो ट्रेंड, यो स्पीड।
दाम- 14,500 से 35,500 रुपये।
रेंज- एक बार चार्ज करने पर 40 से 70 किमी।
अधिकतम गति- 25 से 45 किमी प्रति घंटा।
पहली बिक्री- फरवरी, 2006।
अब तक बिकी- पांच लाख से ज्यादा।
निर्माता- 200 निर्माता। इलेक्ट्रोथर्म इंडिया, अहमदाबाद।
प्रस्तावित- ज्यादा पावर के टू व्हीलर।
अल्ट्रा
मॉडल- दो। वेलोसिटी, मैराथन।
दाम- 30,000 से 34,000 रुपये (दिल्ली में 20 फीसदी कम)।
रेंज- एक बार चार्ज करने पर 50 से 100 किमी।
स्पीड- 25 से 40 किमी प्रति घंटा।
पहली बिक्री- अकटूबर 2007।
निर्माता- 140 निर्माता। अल्ट्रा मोटर इंडिया।
प्रस्तावित- नए मॉडल, इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर।
हीरो इलेक्ट्रिक
मॉडल- चार। ऑप्टिमा, मैक्सी, हाई-मोटो, एडवांटा।
दाम- 15,170 से 24,600 रुपये।
रेंज- प्रति बैटरी चार्ज पर 50 से 70 किमी।
अधिकतम गति- 25 से 45 किमी प्रति घंटा।
पहली बिक्री- फरवरी, 2007।
अभी कितने वाहन- 35,000।
निर्माता- 170 निर्माता। हीरो एक्सपोर्ट की हीरो इलेक्ट्रिक।
प्रस्तावित- ज्यादा स्पीड और ज्यादा रेंज की बाइक, इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर।
टीवीएस मोटर
मॉडल- स्कूटी टीन्ज।
दाम- 29,990 रुपये।
रेंज- 40 किमी।
अधिकतम गति- 40 किमी प्रति घंटा।
अब तक बिकी- 3000