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छोटे राज्य सिक्किम के सामने मौजूद हैं कई बड़े मौके

Last Updated- December 11, 2022 | 6:38 PM IST

पहली बार सिक्किम का स्थापना दिवस (47वां) गत सप्ताह नयी दिल्ली में मनाया गया। यह आयोजन न्यू मोती बाग के मुक्ताकाशी मंच पर किया गया जो  आईएएस अधिकारियों की रिहायशी कॉलोनी है। यह मजेदार आयोजन था। इसमें हिम सिंह (सिंही छाम) और याक छाम नृत्य का आयोजन हुआ, सिक्किम की तीन प्रमुख भाषाओं लेप्चा, भूटिया और नेपाली में गीत गाए गए और सिक्किमी भोजन पकाया गया जिसके लिए खासतौर पर सिक्किम से विमान से सामग्री मंगायी गई थी। इस दौरान लंबे-लंबे भाषण भी हुए जिनमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय गृहमंत्री अमित शाह जैसे संदर्भ बार-बार आए। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की भारतीय जनता पार्टी के प्रति निष्ठा पर किसी तरह का संदेह नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर उन्होंने जो भाषण दिया वह इसकी गवाही है। उन्होंने कहा कि सिक्किम केंद्र सरकार का ऋणी है। हालांकि सिक्किम के सभी लोग ऐसा नहीं सोचते।
परंतु तमांग जानते हैं कि वह अप्रत्याशित प्रदर्शन कर सकते हैं। वह 2019 के विधानसभा चुनाव में पवन कुमार चामलिंग को हराकर सत्ता में आए। चामलिंग उस वक्त देश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे। वह और उनकी पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) 25 वर्षों से सत्ता में थे। चामलिंग सबसे पहले 1994 में मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने लंबे समय तक विपक्ष की लगभग अनुपस्थिति में शासन किया। फरवरी 2013 में तमांग के नेतृत्व वाले सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के रूप में विपक्ष सामने आया। तमांग को पी एस गोले के नाम से भी जाना जाता है। गोले का अतीत विचित्र है। वह एसडीएफ के संस्थापक सदस्य थे और चामलिंग की पांच में से चार सरकारों में वह मंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने एसडीएफ में बढ़ते भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए अलग दल बना लिया। चामलिंग ने 2009 में सिक्किम में सभी 32 विधानसभा सीट पर जीत हासिल की लेकिन 2014 में उन्हें एसकेएम के हाथों 10 सीट गंवानी पड़ी और वह केवल 22 सीट जीत सके। शायद उन्हें एहसास हो गया हो कि उनका पराभव हो रहा है क्योंकि गोले के पार्टी बनाने के तुरंत बाद संभवत: चामलिंग के निर्देश पर राज्य के सतर्कता विभाग ने उनके घर पर दस्तक दी। यह कार्रवाई राज्य सरकार की एक योजना के तहत लाभार्थियों को गाय देने के लिए आवंटित 9.5 लाख रुपये के दुरुपयोग की आशंका में की गई। यह जांच 2010 में चली। आरोप पत्र दाखिल हुआ और अदालत ने जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। यह रहस्य ही है कि भ्रष्टाचार का दोषी होने के बावजूद उन्हें चुनाव लडऩे की अनुमति कैसे मिली और 2018 में जेल से बाहर आने के बाद उनका स्वागत किसी नायक की तरह किया गया। ऐसा आमतौर पर राजनीतिक कैदियों के साथ होता है। उनके दल को 32 सदस्यीय विधानसभा में 17 सीट हासिल थीं यानी दो सीट का बहुमत। लेकिन पार्टी को 47 प्रतिशत मत मिले थे। दूसरी ओर चामलिंग के दल को 47.6 प्रतिशत मत मिले लेकिन उसे एसकेएम से दो सीट कम मिलीं।
सिक्किम का इतिहास जटिल है और उसके भारत में विलय के मामले में नायकों-खलनायकों में भेद करना मुश्किल है।
चामलिंग कहते हैं (शायद इसलिए कि वह खुद नेपालीभाषी हैं) सिक्किम के मूल लेप्चा निवासियों को तिब्बत की भूटिया जनजातियों ने तीन सदियों तक दबाकर रखा। उन्होंने सामंती प्रथा थोपी और लिंबस तथा तमांग जैसी अन्य जनजातियों को समान अधिकारों से वंचित किया। चामलिंग के अनुसार चोग्याल के खिलाफ बगावत दरअसल एक क्रांति थी जिसने दमनकारी काजी शासन का अंत किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद चामलिंग को अहसास हुआ कि उन्हें अपना मतदाता वर्ग तैयार करना होगा। उन्होंने अन्य नेपाली भाषी आबादी के बीच लिमबस और तमांग जातियों का आरक्षण बढ़ाने की मांग की। सिक्किम में 20 प्रतिशत आबादी भूटिया-लेप्चा और 40 फीसदी आबादी अन्य पिछड़ा वर्गों की है जिनमें नेपाली कारोबारी जाति नेवार शामिल है। लिंबस, राय और तमांग आबादी का 20 प्रतिशत हैं। जब उन्हें आरक्षण के दायरे में शामिल कर लिया गया तो वे चामलिंग के स्वाभाविक मतदाता बन गये। पीएस गोले तमांग हैं। उन्होंने चामलिंग को भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के सवालों से घेरा। चामलिंग जिन जातियों को सशक्त कर रहे थे वही उनके खिलाफ हो गईं।
गोले के अभियान में लोग जुटने लगे। सिक्किम की पहचान सुप्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया ने भी चुनाव से पहले हमरो सिक्किम नामक दल बना लिया। देश को सिक्किम में भ्रष्टाचार, नशे की लत और मानसिक बीमारियों के बारे में पता चला। राज्य की आबादी करीब 6 लाख है लेकिन बेरोगजारी ऊंचे स्तर पर है। वहां प्रति एक लाख पर 37.5 लोग आत्महत्या करते हैं जो बहुत अधिक है। सिक्किम के 10 में से 7 किशोर औषधियों का दुरुपयोग नशे में करते हैं। हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति नशे का शिकार है। हमरो सिक्किम को एक भी सीट नहीं मिली लेकिन उसने जो मुद्दे उठाए वे अब तमांग का सरदर्द हैं।
तमांग (जिनका चुनाव घोषणापत्र बताता है कि उन्होंने तीन बार विवाह किया लेकिन एक भी तलाक का उल्लेख नहीं है) को वृद्धि और विकास के मोर्चे पर चामलिंग को पछाडऩा होगा। वह कहते हैं कि सिक्किम का प्रदर्शन अच्छा है। सिक्किम 13 जल विद्युत परियोजनाओं को नकार चुका है क्योंकि इससे राज्य की पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती थी।  विकास का वैकल्पिक मॉडल प्रकृति की ओर वापसी से जुड़ा है। राज्य में रासायनिक उर्वरक इस्तेमाल नहीं किए जाते। इसके ऑर्चिड दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। प्रदेश बॉलीवुड को फिल्मों की शूटिंग के लिए आमंत्रित कर रहा है ताकि वे स्विट्जरलैंड के बजाय यहां की वादियों के नजारे कैद करें। इसके लिए एक शानदार फिल्म सिटी बनायी जा रही है। यदि तमांग सफल रहे तो सिक्किम देश के पूर्वोत्तर का सबसे प्रगतिशील राज्य बन सकता है।

First Published - May 28, 2022 | 12:15 AM IST

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