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टाइम्स बनाएगी फिल्में, मिर्ची मार के

Last Updated- December 07, 2022 | 9:44 AM IST

टाइम्स इन्फोटेनमेंट मीडिया लिमिटेड अब फिल्म निर्माण में फिर से सक्रिय हो रही है। कंपनी की योजना अगले एक साल में अपने बैनर ‘मिर्ची मूवीज’ के तले फिल्म निर्माण पर 100 करोड़ रुपये निवेश करने की है।


‘मिर्ची मूवीज’ इस साल सात फिल्मों का निर्माण करेगी। इनमें से तीन फिल्में हिंदी में बनाई जाएंगी जबकि तमिल में दो, कन्नड़ और तेलुगू भाषा में एक-एक फिल्म बनाई जाएगी। फिलहाल कंपनी ‘हरी पुत्तर-ए कॉमेडी ऑफ टेरर्स’ नाम की फिल्म रिलीज करने की तैयारी में है।

पारिवारिक मनोरंजन फिल्म के तौर प्रचारित की जाने वाली इस फिल्म की पूरी शूटिंग ब्रिटेन में हुई है। इसके अलावा कंपनी अनुपम खेर के बैनर ‘करोलबाग प्रोडक्शंस’ के साथ मिलकर बनाई गई फिल्म ‘आलू चाट’ को रिलीज करेगी। मिर्ची मूवीज ने दो साल के बाद फिर से दौड़ लगाने का मन बनाया है।

गौरतलब है कि दो साल पहले ‘मिर्ची मूवीज’ के बैनर तले सैफ अली खान स्टारर ‘बीइंग साइरस’ का निर्माण किया था। इस फिल्म का निर्देशन होमी अदजानिया ने किया था।  प्रस्तावित योजनाओं के बाबत कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी मुनीष पुरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हमने हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में तकरीबन 15 से 18 फिल्में बनाने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि अगले 2 से 3 साल में ये फिल्में प्रदर्शित की जा सकेंगी।

उन्होंने बताया कि ‘बीइंग साइरस’ को कंपनी ने प्रयोग के तौर पर बनाया गया था और कंपनी ने इस प्रयोग के जरिये मुनाफा भी कमाया। वह बताते हैं कि हमने इस फिल्म को ओवरराइट आधार पर नहीं बेचा है। और इस फिल्म के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) अभी भी हमारे पास ही हैं।  ‘बीइंग साइरस’ कम बजट वाली फिल्म थी और कंपनी फिलहाल कम बजट वाली फिल्में बनाने की नीति पर ही काम करेगी।

दूसरी कई कंपनियां तो बहुत बड़े बजट की फिल्में बनाने के लिए आए दिन कलाकारों और निर्देशकों से करार कर रही हैं, इस बाबत पूछने पर पुरी बताते हैं कि हमने केवल उतना बजट निर्धारित किया है जितना कि हमारी फिल्मों को बनाने के लिए चाहिए। वह जवाब देते हैं कि कलाकारों और निर्देशकों को बड़ी रकम पर अनुबंधित करना ही उनका काम नहीं है बल्कि उनकी कंपनी का उद्देश्य बढ़िया मनोरंजन प्रदान करना है। उदाहरण के तौर पर वह बताते हैं कि हरी पुत्तर तकरीबन 10 से 12 करोड़ रुपये के बीच बनी है।

वह जानकारी देते हैं कि उनके बैनर की फिल्मों का बजट सामान्यत: इतना ही रहेगा। हालांकि वह यह भी बताते हैं कि उनके बैनर की दो फिल्में अपेक्षाकृत बड़े बजट वाली ही होंगी। गौरतलब है कि पिछले साल मिर्ची मूवीज ने मलयालम ब्लॉकबस्टर ‘चॉकलेट’ को अलग-अलग भाषाओं में बनाने के अधिकार हासिल किए हैं। अब यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ भाषा में बनाई जाएगी। अगर फिल्मों की बात करें तो रिलायंस और यूटीवी जैसी बड़ी कंपनियों की तुलना में मिर्ची मूवीज काफी छोटी कंपनी दिखाई पड़ती है।

रिलायंस और यूटीवी की कई बड़ी फिल्मों से अपने बैनर की तुलना के सवाल पर पुरी कहते हैं मिर्ची मूवीज तो 2008 में ही पूर्णत:फिल्म निर्माण कंपनी बनी है। इसका आकलन तीन से पांच साल बाद हमारे मुनाफे को देखकर करना चाहिए। । और आखिर में यही महत्त्वपूर्ण रह जाता है कि किसी बिजनेस के जरिये आप कितना मुनाफा बना पा रहे हैं। क्या मिर्ची मूवीज को किसी विदेशी कंपनी के सहयोग या साझेदारी की दरकार है? इस सवाल के जवाब में पुरी कहते हैं कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगा लेकिन हम इसी साल कुछ न कुछ महत्त्वपूर्ण फैसले जरूर लेंगे।

First Published - July 8, 2008 | 3:08 AM IST

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