राजस्थान में जयपुर और उदयपुर के बीच एक बेहद खूबसूरत महल पड़ता है। आस-पास के लोगों की मानें तो वह महल भुतिया है, लेकिन फिर भी हमने वहां से गुजरने का फैसला किया।
हमारी नई चमचमाती होंडा अकॉर्ड का इंजन पूरी ताकत के साथ गड़गड़ा रहा है। जैसे ही हम गियर बदलते यह गड़गड़ाहट और भी बढ़ जाती थी। जयपुर से उदयपुर को जाती शानदार सड़क पर इस शानदार कार में मेरे साथ थे मेरे अजीज दोस्त और ऑटो इंडिया के एग्जीक्यूटिव एडीटर बॉब रूपानी। वह भी अपने पूरे रंग में थे।
बॉब के साथ ड्राइव करने हमेशा से मजेदार रहा है। एक दिन पहले तो मैं यह जानकर सकते में आ गया था कि मुझे किसी और के साथ कार ड्राइव करनी है। इस गलतफहमी की असल वजह थी, होंडा के पब्लिक रिलेशन अधिकारियों के बीच कम्युनिकेशन गैप। मुझे भरोसा दिलाया गया कि मैं कार में मेरे साथ बॉब तो होंगे ही होंगे।
आप सोच रहे होंगे कि मैं बॉब को इतनी अहमियत क्यों दे रहा हूं?
दरअसल, जिन जगहों को हम यूं ही नजरअंदाज कर देते हैं, उनकी खूबसूरती के बारे में मुझे नहीं लगता किसी और के पास बॉब से ज्यादा जानकारी होगी। रैली ड्राइवर रह चुके आज की तारीख में काफी आराम से सड़क पर कार चलते हैं। और जब उनकी कार की रफ्तार तेज होती है, तो जब तक आप स्पीडोमीटर की ओर न देखें तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि आप कितनी तेज कार चला रहे हैं।
जब भी मैं कार के भीतर बोर होने लगेंगे, तभी मुझे बॉब की आवाज सुनाई दी, ‘तुम्हें पता है बिजॉय….?’ मैं समझ गया कि आंखों पर हाथ मलकर अपनी नींद भगाने का वक्त आ गया है। देखिए, बातों-बातों में तो मैं आपको यह बताने ही भूल गया कि बॉब राजस्थान को सड़कों भटकने वाले आवारा ऊंटों से भी ज्यादा अच्छी तरह से पहचानते हैं।
जहां तक मेरी बात है, मुझे बड़ी कारें, छोटी कारों से कहीं ज्यादा अच्छी लगती हैं। उनकी राइड क्वालिटी काफी अच्छी होती है। वे काफी दमदार होती हैं और साथ ही साथ वे छोटी कारों से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी होती हैं। इन सभी मानकों पर होंडा की यह नई एकॉर्ड बिलकुल खरी उतरती है। यह सचमुच काफी बड़ी कार है।
कम से कम अपने पुराने मॉडल से तो यह कहीं ज्यादा सुरक्षित है। अंदर बैठने पर बिलकुल ऐसा लगता है, जैसे आप एस-क्लास मर्सीडीज या 7सिरीज बीएमडब्लू में बैठे हुए हैं। ना केवल इसमें काफी जगह है, बल्कि इसकी सीट्स भी काफी आरामदेह है। ऐसे ही तो ये अमेरिका में होंडा की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार नहीं बन गई है न।
टिक-टॉक परफेक्शन
उस दिन सुबहृ-सुबह हम लोग जयपुर से निकले थे। उस मैन्युअल होंडा एकॉर्ड कार को मैं ड्राइव कर रहा था। ट्रैफिक काफी अस्त-व्यस्त सा था, लेकिन सड़क पर गाड़ियों की भीड़ नहीं थी। इसका मतलब यह कि हम जल्द ही छह लेन वाले एक्सप्रेस वे पर पहुंच गए। वैसे, शहर में भी कुछेक ‘राक्षसाकार’ स्पीडब्रेकरों को छोड़ दें तो यह कार जबरदस्त तरीके से चली।
गियरबॉक्स तो बिलकुल होंडा का वही पुराना – एकदम टिक-टॉक परफेक्शन वाला ही है। हालांकि, इसके लिए आपको जरूरत होगी हाथों और आंखों के बीच जबरदस्त को-ऑर्डिनेशन की। वैसे, आपको बता दूं कि हमारे दोस्त बॉब ने जाड़ों के मौसम में इस महल में जाने का प्लान बनाया था। हाल ही में रिनोवेट हुआ वह महल अब एक अच्छा-खासा होटल बन चुका है।
वह इस वक्त एक किताब लिख रहे हैं, जब यह बात होटल मालिकों को पता चली तो उन्होंने बॉब से वहीं रुकने का अनुरोध किया।होंडा ने हम पत्रकारों की पैनी नजरों का सामना करने के लिए चार अकॉर्ड का इंतजाम किया था। वैसे, इस तेज रफ्तार बेड़े में दो पुरानी अकॉर्ड भी थी, जिसे पिछले साल ही फेसलिफ्ट ही मिला था।वैसे कहने को तो ये अकॉर्ड अचानक पुरानी हो गई हैं, लेकिन मैं अब भी इनसे अपनी आंखे नहीं हटा पा रहा हूं।
क्यूट कार
दूसरी तरफ, नई कार बड़ी दिखने के साथ-साथ किनारों पर काफी खूबसूरत भी दिखती है। इस कार के अगले हिस्से को काफी हद क्यूट बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही, नई ऑडी कारों की तरह इसे भी काफी ऊंचा बनाया गया, यानी यह आपके वेस्टलाइन से ज्यादा ऊपर तक रहेगी। गौर से इस कार को देखें तो इस पर बीएमडब्लू और मर्सिडीज बेंज की कारों का असर साफ दिखता है।
इसकी चमक बिल्कुल मर्सीडीज की नई सी-क्लास की तरह लगती है। वैसे, कार के पिछले हिस्से को देखकर बिलकुल भी खुशी नहीं होती। इसमें तो एलईडी लाइट्स भी नहीं लगी हुई हैं। इसे देखकर ऐसा लगता है, जैसे होंडा ने जानबूझकर ऐसा किया है ताकि वो इसका इस्तेमाल तीन-चार साल के बाद नया मॉडल लॉन्च करने में कर सके।
बॉब शाम तक उस होटल में पहुंच पाए थे। होटल में भीड़भाड़ नहीं थी। रिस्पेशन पर खड़े आदमी को देखकर तो ऐसा लग रहा था कि वो घंटों से बॉब का इंतजार कर रहा था। बॉब ने उससे पूछा, ‘क्या मुझे गार्डन के सामने वाला कमरा मिल सकता है?’ उस आदमी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘आप जो कमरा चाहें ले सकते हैं। आप हमारे होटल में एकलौते मेहमान हैं।’ यह सुनकर तो बॉब की कंपकपी छूट गई।
कमियां तो हैं
होंडा काफी स्मार्ट कार कंपनी है। वह जान चुकी है कि भारत में ज्यादातर अकॉर्ड को उसके मालिक नहीं, ड्राइवर चलाते हैं। इसका मतलब यह है कि इस कार में ड्राइवर के लिए कोई स्टीयरिंग व्हील कंट्रोल नहीं मिलेगा।
हालांकि, पिछली सीट पर बैठे लोग-बाग अपनी मर्जी से बैठे-बैठे ही गाने चेंज कर सकेंगे। मैं इस बात को नहीं समझ पाया गियर बदलने के लिए मशहूर पैडल स्फिटर्स तो आपको इस कार में मिल जाएंगे, फिर स्टीयरिंग कंट्रोल्स क्यों नहीं है। मुझे तो यही लगता है कि अकॉर्ड ऑटोमेटिक उन लोगों के लिए लॉन्च की गई है, जो ड्राइविंग को इंजॉय करते हैं और उन्हें स्टीयरिंग कंट्रोल्स से कोई ऐतराज नहीं है।
सुजुकी की एसएक्स 4 और स्विफ्ट में तो इन कंट्रोल्स के मजे उठाए जा सकते हैं। मेरे मानिए तो यह लग्जरी से ज्यादा लोगों की सुरक्षा के लिए ज्यादा जरूरी है। वैसे, नई अकॉर्ड में ड्राइवर सीट को इलेक्ट्रोनिकली एडजस्ट किया जा सकता है, जबकि दूसरे सीट्स को नहीं। स्टीयरिंग को आप अपने हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं। इस एसी भी जबरदस्त काम करता है।
रेगिस्तान की तपती गर्मी के बावजूद हमें कार में जरा सी भी गर्मी का एहसास नहीं हुआ। इसका केबिन भी काफी अच्छी तरीके से बनाया गया है। इसमें लेग रूम भी काफी ज्यादा है। बॉब को जो शख्स उनके रूम तक ले गया था, उसने उनसे अनुरोध किया कि वे आधे घंटे में खाना खाने के लिए रेस्तरां में आ जाएं।
बॉब का रूम काफी बड़ा था और ऊपर लटका था छह ब्लेड वाला फंखा। बॉब ने बालकोनी का दरवाजा खोला और गार्डन की तरफ देखा। बगीचा में सन्नाटा था, लेकिन उससे आगे फैला हुआ अथाह रेगिस्तान। बॉब ने जल्दी-जल्दी में हाथ मुंह धोया और पहुंच गए रेस्तरां में।
जबर्दस्त इंजन
होंडा के नए अकॉर्ड में इस वक्त आप उसके नए वी6 मोटर का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। लेकिन इसके 2400सीसी के फोर सिलेंडर इंजन को कतई कमजोर नहीं कहा जा सकता। इस 22.2 किलो इंजन में है 180बीएचपी की ताकत। जैसे-जैसे ट्रैफिक कम हो रहा था, मैं इंजन को टेस्ट करने के लिए उतावला हो रहा था। होंडा की यह नई कार काफी वजनी है, लेकिन फिर भी इसका मैन्युल गियर का जोश तेज रफ्तार में ठंडा नहीं पड़ता। इस बात का गवाह खुद मैं हूं।
वैसे, ऑटोमैटिक सिस्टम का रिस्पॉन्स कम से कम मुझे तो ठीक नहीं लगा। वैसे, एक बात और तय हो गई कि होंडा को शोर से काफी मोहब्बत है। कई लोगों को इससे काफी दिक्कत होती है, लेकिन मुझे तो यह काफी पसंद है। बॉब रेस्तरां में बचे खानों को देखकर हैरान था। सौभाग्य से वहां पर बचे खानों को खाने के लिए ज्यादा लोग नहीं थे। दरअसल वहां पर कोई नहीं था।
बॉब को पहले से ही ड्रिंक की तलब हो रही थी और अकेले खाने के बारे में सोचकर वह काफी परेशान था, लेकिन उसके पास कोई विकल्प नहीं था। वह रेस्तरां के दरवाजे पर मैनेजर की भावभंगिमा देख रहा था। उसका धैर्य जवाब दे रहा था। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो वह बहुत हड़बड़ी में है। हालांकि, खाना बहुत स्वादिष्ट था, लेकिन बॉब की भूख खत्म हो चुकी थी।
आरामदेह सवारी
अपेक्षाकृत ऊंचा दिखने के बावजूद फ्लैट डोर डिजाइन और रीयर फ्लो कवर की वजह से नया अकॉर्ड ज्यादा स्लिपरी है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि खराब सड़कों पर यह कार उतनी ही आसानी से सफर तय करती है। इस कार में आप चाहे आगे बैठकर सवारी करें या पीछे, आपको कहीं भी तकलीफ महसूस नहीं होगी।
ड्राइव के दूसरे चरण में हम मेवार हिल्स का सफर तय कर रहे थे और इसके मद्देनजर इसके हैंडल की पड़ताल करने का यह काफी मुफीद मौका था। इस कार की स्टीयरिंग पुराने कारों की स्टियरिंग से काफी अलग है और इसके जरिये हर परिस्थति में संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इसके अलावा कार की आगे वाली सीट को काफी हद तक अपने मनमुताबिक आरामदेह बनाया जा सकता है।
हालांकि कार के अगले पहियों को खासकर पहाड़ी इलाकों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है, लेकिन अगर कार की स्टीयिरंग सही हाथों में हो तो आड़ी-तिरछी सड़कों पर भी इसे चलाने में कोई असुविधा नहीं होगी। इसके अलावा सुरक्षा फीचरों के बारे में भी कोई समझौता नहीं किया गया है।
कार कुल छह एयरबैग से लैस है, जिनमें साइड कर्टन एयरबैग भी शामिल है। अकॉर्ड परिपक्व हो चुका है, लेकिन कैसे? इस बारे में हमें पता करना था। मोमबत्तियां किसने जलाईं? कमरे में घुसते में उनके मन में यह सवाल कौंधा।
कॉरिडोर के रास्ते में ही वह जेनरेटर बंद होने की आवाज सुन चुके थे और संभावित अंधेरे के बारे में सोच ही रहे थे कि गलियारा में बत्ती बुझने से पहले नई रोशनी जल गई। कमरे में अब नेपथलीन की गोलियों की महक के बदले सिगरेट के धुएं की गंध आ रही थी। पंखा भी बंद होने के कगार पर था और इसके मद्देनजर बॉब ने बालकनी को दरवाजा खुला छोड़ देने का फैसला किया। इस दौरान उन्हें कुछ आवाज सुनाई पड़ी। दरअसल कोई टॉयलेट में फ्लश चला रहा था।
आखिरी फैसला
कुल मिलाकर कहें तो नया अकॉर्ड हर मायने में एक बेहतर कार है। साइज के हिसाब से भी यह ठीक है और हमारी सड़कों को बेहतर तरीके से हैंडल कर सकता है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इसकी कीमत सीआरवी कैटगिरी से कम होगी। हालांकि इसका नकारात्मक पक्ष इसकी आवाज और लुक है।
होंडा की मुश्किल यह है कि वह बेस्ट सेलिंग कारों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और लोग नए कारों में अपनी पुरानी कार की छवि ढूंढते हैं और अगर आपको इसमें निराशा हाथ लगती है, तो इसका मतलब यह निकाला जाना चाहिए कि लोग ज्यादा आरामदेह नई कार के साथ सामंजस्य स्थापित नहीं कर पा रहे हैं।
बॉब की नींद खुली तो उन्हें ऐसा लग रहा था मानो कोई शख्स उन्हें बेड से नीचे गिराने की कोशिश कर रहा है। वह पसीने से तरबतर थे और चारों ओर उन्हें ठहाकों की गूंज सुनाई दे रही थी। वह खांस और हांफ रहे थे। हालांकि बैग को उठाकर कॉरिडोर तक भागने के लिए उनमें अब भी ताकत बची थी।
अचानक बॉब की बात से मेरी नींद टूटी। उसने मुझे झकझोरा, ‘अरे उठो! यहां से तुम वह महल देख सकते हो।’ अकॉर्ड पहाड़ियों पर खड़ी थी और मैं वहां गुबंद पर फहरा रहे झंडे को देख सकता था।