facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

विपुल अमृतलाल शाह ये है असली किंग

Last Updated- December 07, 2022 | 7:04 PM IST

दोपहर के तीन बज चुके हैं और लंदन शहर में नॉटिंग हिल कॉर्निवल में हिस्सा लेने के लिए तकरीबन छह लाख लोग इकट्ठा हुए हैं। कॉर्निवल में जर्क चिकन, जमैकाई पैटीस और फ्राइड फिश की सुगंध महक रही है।


चारों तरफ से आने वाले ड्रमों की आवाज से कॉर्निवल गुंजायमान हो रहा है। ऐसे माहौल में हिंदी फिल्मों के एक निर्माता-निर्देशक मुस्कराए जा रहे हैं। उनकी पत्नी, बहुत ही कम समय के नोटिस पर उनके साथ इसमें शामिल हो पाई हैं। इस दौरान उनका अधिकतर वक्त कैमरों के सामने ही बीता।

यूरोप की सबसे बड़ी स्ट्रीट पार्टी का उन्होंने खूब आनंद उठाया जिसकी सुरक्षा पर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के हिसाब से 60 लाख पाउंड का खर्चा आया। वैसे विपुल अमृतलाल शाह के लिए यह कोई खास मायने नहीं रखता। क्योंकि वह इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म के निर्माता हैं।

जहां इस कॉर्निवल के आयोजन पर तकरीबन 48 करोड़ रुपये का खर्चा आया वहीं हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘सिंह इज किंग’ इससे कहीं ज्यादा रकम कमा चुकी है। वह कहते हैं, ‘दुनिया भर में अभी तक यह फिल्म 126 करोड़ रुपये कमा चुकी है।’

विपुल शाह ने अब तक जितनी भी फिल्में बनाई हैं, कमाई के मामले में ‘सिंह इज किंग’ ने उन सभी को पीछे छोड़ दिया है। अनीस बज्मी के निर्देशन वाली यह फिल्म तकरीबन 55 करोड़ रुपये के बजट में बनकर तैयार हुई थी। इसकी कहानी साधारण सी ही नजर आती है। कहानी एक सिख युवक पर आधारित है।

हीरो के ऑस्ट्रेलिया जाने पर कहानी आगे बढ़ती है। इस पूरी दौड़ भाग में हीरो अच्छा सिख होने के बारे में बातें करता रहता है और आखिर में वह जिस मकसद के लिए निकलता है, उसमें कामयाब भी हो जाता है। और हां, इस सबके बीच हीरो अपने प्यार के साथ मिस्र के मनोरम स्थलों पर कुछ बढ़िया गानों पर थिरकता भी है।

एक जानी-मानी भारतीय टेलीविजन प्रोडक्शन कंपनी ‘हैट्स ऑफ’ के जे डी मठीजिया कहते हैं, ‘जब मैंने पहली बार फिल्म की कहानी के बारे में विपुल से सुना था तो मेरी हंसी बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी।’ शाह और मठीजिया (जिनमें पहले से ही पारिवारिक संबध हैं।) दोनों ने साथ ही मुंबई के नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स ऐंड इकनॉमिक्स में साथ ही पढ़ाई की है।

उस कॉलेज में दाखिला लेने की वजह शाह कुछ यूं बताते हैं, ‘दरअसल वहां पर ड्रामा सोसायटी बहुत बढ़िया हुआ करती थी।’  फिल्म कारोबार विश्लेषक कोमल नाहटा कहते हैं, ‘इसके पहले हफ्ते में ही 25 करोड़ रुपये की कमाई हुई और पूरे देश में इसकी ओपनिंग तकरीबन 95 फीसदी के आसपास रही। केवल देश भर में ही केवल दूसरे हफ्ते में फिल्म ने 64 करोड़ रुपये की कमाई की। ‘ यह तो फिल्म के रिलीज के बाद की कहानी है।

रिलीज से पहले की बात करें तो इस फिल्म का म्यूजिक 13.5 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर टाइम्स म्यूजिक की सहायक कंपनी जंगली म्यूजिक को बेचा गया।  नाहटा का कहना है, ‘जिन वितरकों ने इंडियन फिल्म्स से फिल्म को खरीदा वे कुछ नुकसान में रहे।’ यहां यह बता दें कि विपुल शाह ने फिल्म के वितरण अधिकार पहले ही इंडियन फिल्म्स को बेच दिए थे।

सूत्र बताते हैं कि रमेश सिप्पी ने मुंबई क्षेत्र में फिल्म के वितरण अधिकार 9.5 करोड़ रुपये में खरीदे थे, उनको तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लेकिन नाहटा आखिरकार यही कहते हैं कि ‘सिंह इज किंग’ असल मायनों में विजेता है। शाह, फिलहाल तो अपनी आने वाली फिल्म लंदन ड्रीम्स के लिए लोकेशन तलाशने के काम में जुटे हैं।

सिंह इज किंग और नमस्ते लंदन की तरह आने वाली फिल्म का वितरण भी इंडियन फिल्म्स ही करेगी। बताया जा रहा है कि लंदन ड्रीम्स अभी तक की सबसे महंगी फिल्म बनने जा रही है और इसका बजट तकरीबन 100 करोड़ रुपये का है। फिल्म विश्लेषक तरण आदर्श बताते हैं कि इस फिल्म के वितरण अधिकार के लिए सौदा होना अभी बाकी है। आपको शाह की कहानी जानकर ताज्जुब जरूर होगा।

उनके पिता की पार्ले बुक डिपो नाम की किताबों की दुकान थी जो मुंबई शहर की सबसे पुरानी किताबों की दुकान थी। उनके पिता 20 साल पहले यही चाहते थे कि विपुल अपने पुश्तैनी कारोबार को आगे बढ़ाएं। लेकिन तब से अब तक विपुल शाह ने बहुत लंबा रास्ता तय किया है। वैसे उनके पूरे खानदान में किसी का भी वास्ता फिल्मों से नहीं था।

उनकी शुरुआत गुजराती थियेटर से हुई जहां उन्होंने अभिनय, निर्माण और नाटकों का निर्देशन भी किया। 19 साल की उम्र में उन्होंने अभिनय करना शुरू कर दिया था तो 21 बरस तक आते-आते अपना पहला नाटक निर्देशित भी कर लिया था। उसके बाद उन्होंने गुजराती टीवी का रुख किया।

उनका बनाया हुआ सीरियल ‘एक महल हो सपनों का’ बहुत कामयाब रहा था जिसके सोनी टीवी पर एक हजार एपिसोड प्रसारित हुए। बाद में उन्होंने फिल्मों का रास्ता अख्तियार किया। विपुल शाह की पहली फिल्म थी ‘आंखें’ जिसके निर्माता थे गौरंग दोषी। वह अपनी पहली फिल्म के इंटरवल के बाद वाले हिस्से को पसंद नहीं करते। इस फिल्म का बजट था 18 करोड़ रुपये और बॉक्स ऑफिस पर इसने 23 करोड़ रुपये की कमाई की।

उनकी दूसरी फिल्म थी ‘वक्त’। इस फिल्म को बनाया था ऐडलैब्स ने।  इस फिल्म ने केवल मुंबई में 7.5 करोड़ रुपये की कमाई की और विदेशों में चार करोड़ रुपये की कमाई की। विपुल शाह की तीसरी फिल्म थी 25 करोड़ रुपये की बजट वाली फिल्म ‘नमस्ते लंदन’। इस फिल्म ने 110 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।

शाह अपने कॉलेज के दिनों में ही थियेटर में खासी रुचि लेते थे। थियेटर के जरिए ही उनके दोस्तों का एक ग्रुप बना जिनमें शामिल थे, कामयाब टीवी निर्माता मठीजिया, लेखक आतिश कपाड़िया, अभिनेता देवेन भोजानी और परेश गनात्रा।

शाह का कहना है, ‘मुझे याद है कि मैं अपने पिता जी की किताब की दुकान पर बैठकर इंतजार किया करता था कि कोई फोन कॉल आए और वे बात करने में व्यस्त हो जाएं या ग्राहकों के साथ व्यस्त हो जाएं तो मुझे वहां से चुपचाप खिसक लेने का मौका मिले। दरअसल मैं बेहद चंचल किस्म का लड़का था।’ वह अपने कंधे को झटकाते हुए कहते हैं, ‘इसके बाद तो मैं घर सुबह तीन या चार बजे ही वापस आता था।

अक्षय कुमार ने शाह के साथ चार फिल्मों में काम किया है। उनका कहना है, ‘नमस्ते लंदन में उनके साथ काम करते वक्त मैंने यह महसूस किया कि वह न केवल एक बेहतरीन डायरेक्टर हैं बल्कि वह एक जबरदस्त निर्माता भी हैं। वास्तव में मैंने उन्हें यह सुझाव दिया कि उन्हें ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जिसमें वह केवल निर्माता की भूमिका में हों। मुझे इस बात की खुशी है कि सिंह इज किंग इसकी एक मिसाल बनी।’

तरण आदर्श का कहना है, ‘उनकी आने वाली फिल्में भी अक्सर खबरों की सुर्खियों में शुमार होने लगती है, इसी बात से उनकी सफलता का अंदाजा लग जाता है।’ शाह अगले महीने ही अपनी आनेवाली फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। लंदन ड्रीम्स नाम की इस फिल्म में अजय देवगन, सलमान खान के अलावा एक दक्षिण भारतीय अभिनेत्री असिन भी होंगी।

हालांकि इस फिल्म में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ नहीं हैं तो यह तो बेहद आश्चर्य की बात है। शाह का कहना है, ‘मुझे अब दूसरे अभिनेताओं के साथ भी काम करना है।’ शाह इस बात पर अपनी सहमति जताते हैं कि लंदन ड्रीम्स से सफलता की बहुत उम्मीदें हैं। जब उन्होंने नमस्ते लंदन में अक्षय और कैटरीना को लेने की सोची तो उनके दोस्तों ने इस बात के लिए अगाह किया था कि यह फिल्म पिट सकती है।

शाह का कहना है, ‘मुझे अपने हीरो पर पूरा भरोसा था और हमलोगों ने इस फिल्म से बड़ी सफलता भी हासिल की।’ मुंबई में उनकी प्रोडक्शन टीम तेजी से काम कर रही है। शॉट सिक्वेंस, लोकेशन, कॉस्टयूम और गाने पर जबरदस्त तरीके से काम हो रहा है। शाह का कहना है, ‘हम लोग बहुत व्यवस्थित ढंग से काम करते हैं।

दूसरे निर्देशकों की तरह मैं स्टोरीबोर्ड का इस्तेमाल नहीं करता। यही एक चीज है जिसकी मैं कोई योजना नहीं बनाता।’ गुजराती परिवार के विपुल शाह का जन्म मुंबई में ही हुआ और वह यहीं पले-बढ़े। उनके पिता जी को उनके  भविष्य को लेकर चिंता होती थी। फिलहाल वे अपनी आने वाली फिल्म नमस्ते लंदन के अलावा दूसरे प्रोजेक्ट पर भी काम करने के लिए दो साल तक व्यस्त हैं।

उनकी पत्नी शेफाली ने अमिताभ बच्चन, प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार की फिल्म वक्त में उनके साथ काम किया था। शेफाली और शाह की मुलाकात एक गुजराती फिल्म के सिलसिले में हुई थी। शाह चाहते थे कि शेफाली इस फिल्म में काम करें लेकिन वह इस फिल्म में काम नहीं करना चाहती थी। शेफाली हंसते हुए कहती हैं, ‘उनमें लोगों को अपनी बात मनवाने की खास खूबी है।

शाह कई बार असंभव चीजों को भी कर सकते है।’ शेफाली के दो बेटे हैं जिनकी उम्र 5-6 साल है। आजकल वह अपने परिवार के साथ अंधेरी के नए घर में जाने की तैयारी में जुटी हुई हैं। कॉलेज के दिनों में आतिश कपाड़िया ने शाह के साथ मिलकर नाटक लिखा था। बाद में उसमें से दो नाटकों का अनुवाद करके ही फिल्म बनी आंखें और वक्त।

शाह का ऐसा मानना है कि उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में असफलता का स्वाद चखा इसी वजह से वह हमेशा जमीन से जुड़े रहे। शाह बड़े अफसोस के साथ कहते हैं, ‘मैंने अपने पहले गुजराती नाटक के वास्ते 3 लाख रुपये जुटाने के लिए अपने पिता जी की बाइक बेच दी और चार प्रतिशत प्रति माह ब्याज की दर पर लोन भी लिया। उस नाटक का शो पूरी तरह फ्लॉप हो गया था।

मुझे वह दिन याद है जब दर्शकों की भीड़ शोर मचा रही थी और अपने पैसे वापस मांग रही थी। यह सब सचमुच बहुत भयानक था।’  शेफाली कहती हैं, ‘इस असफलता के बावजूद मैंने उन्हें कभी घबराते हुए नहीं देखा।’ नेहा धूपिया ने भी सिंह इज किंग में काम किया है। उनका कहना है, ‘वह कंजूस तो बिल्कुल भी नहीं हैं। वह हम सब की जरूरतों का पूरा ख्याल रखते हैं।’ 

शाह का कहना है कि उनकी फिल्मों को सफलता मिल रही है इसी वजह से लोग उन पर ध्यान देने लगे हैं। इन्हीं बातों के साथ वह ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट की ओर रुख करते हैं जहां उन्हें जूतों की खरीदारी करनी है। यकीनन शाह आने वाली फिल्मों के जरिए सफलता के नए मुकाम हासिल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

First Published - August 29, 2008 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट