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नैनो की बुकिंग तय करेगी सिंगुर की किस्मत!

Last Updated- December 11, 2022 | 12:26 AM IST

सिंगुर में टाटा मोटर्स की जमीन और विवादित वेंडर्स पार्क जमीन का क्या होगा यह नैनो की बुकिंग पर निर्भर करेगा।
अगर नैनो की बुकिंग पांच लाख से अधिक होती है तो कंपनी को साणंद के अलावा किसी दूसरी जगह पर एक सैटेलाइट पार्क की जरूरत होगी ताकि खरीदारों को कार पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े। इसके लिए सिंगुर एक अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि टाटा मोटर्स के पास पहले से ही यहां जमीन उपलब्ध है।
इस मामले से जुड़े वेंडरों ने बताया कि अगर नैनो की बुकिंग अच्छी खासी संख्या में होती है तो कंपनी सिंगुर में एक सैटेलाइट संयंत्र बनाने पर विचार कर सकती है। याद रहे कि नैनो की बुकिंग 25 अप्रैल को बंद होने जा रही है। सिंगुर छोड़ने के बाद टाटा मोटर्स साणंद में संयंत्र तैयार कर रही है जहां इस साल दिसंबर से उत्पादन शुरू होगा।
हालांकि इस संयंत्र की क्षमता सालाना 3.5 लाख कार बनाने की है पर इतना उत्पादन एक साथ नहीं हो सकेगा। कहने का तात्पर्य है कि संयंत्र इस क्षमता को चरणबद्ध तरीके से पा सकेगी। सूत्रों ने बताया कि शायद कंपनी ने भी इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सिंगुर में जमीन के लिए 2009-10 तक किराया देते रहने का फैसला किया है।
वेंडरों की भी कुछ ऐसी ही राय है। यानी कि कंपनी और अधिकांश वेंडर भी हाल फिलहाल में सिंगुर में राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन को लौटाने के पक्ष में नहीं हैं। टाटा मोटर्स के एक प्रवक्ता ने बताया टाटा मोटर्स को जमीन लीज पर दी गई है। टाटा नैनो संयंत्र के लिए जो उपकरण लाए गए थे, वे अब भी यहीं रखे हुए हैं।
प्रवक्ता ने बताया, ‘कंपनी जमीन से जुड़े मामलों में किसी फैसले पर पहुंचने के लिए पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के साथ बात करेगी।’ नैनो संयंत्र के लिए टाटा के एक प्रमुख वेंडर टाटा रायरसन पहले ही लीज का किराया दे चुकी है। सोना कोयो भी किराया देने की योजना बना रही है।
सोना कोयो स्टीयरिंग सिस्टम्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुरिंदर कपूर ने बताया, ‘किराया बहुत अधिक नहीं है और हमें इसे भरेंगे। हम इस पूरे मसले पर फिर से विचार विमर्श करने के लिए टाटा मोटर्स से बात कर रहे हैं। हम सिंगुर छोड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।’
ऑटोमोटिव लाइटिंग सिस्टम्स की आपूर्ति करने वाली ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज ने बताया कि टाटा मोटर्स ने उनसे इस साल का किराया देने को कहा है। ल्यूमैक्स के एक अधिकारी ने बताया, ‘हम किराया देंगे क्योंकि यह बहुत अधिक रकम नहीं है। फिलहाल हम पंतनगर संयंत्र में आपूर्ति कर रहे हैं और बाद में साणंद संयंत्र के लिए भी आपूर्ति शुरू की जाएगी।’
जब टाटा मोटर्स से यह पूछा गया कि क्या कंपनी ने वेंडरों को लीज का किराया देने के लिए कोई पत्र लिखा है, तो कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारी वेंडरों के साथ जो बात हुई है वह कंपनी का आंतरिक मसला है।’ फिलहाल टाटा मोटर्स अपनी पंतनगर इकाई से नैनो का उत्पादन कर रही है और यहां हर दिन करीब 40 से 45 कारें तैयार की जा रही हैं।
हालांकि कंपनी ने इस इकाई से हर दिन 100 कारें बनाने का लक्ष्य रखा था। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि सिंगुर के लोग इलाके में नैनो संयंत्र को देखना चाहते हैं और लोगों का यह संदेश टाटा मोटर्स तक पहुंचाया जा चुका है। इसके साथ ही एक संवाददाता सम्मेलन में रतन टाटा ने भी कहा था कि सिंगुर के जमीन का क्या किया जाएगा, इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
हालांकि कुछ वेंडर्स ऐसे भी हैं जो सिंगुर की जमीन खाली कर वहां से लौटना चाहते हैं। कम से कम दो वेंडरों के बारे में तो ऐसा निश्चित तौर पर कहा जा सकता है। एक्साइड इंडस्ट्रीज के निदेशक पवन काटके ने कहा, ‘हम ने तो सिंगुर में जमीन को अपने पास रखना चाहते हैं और न ही पूरे साल का किराया देना चाहते हैं।’ वहीं कापारो ने भी डब्ल्यूआईडीसी को कहा है कि वह सिंगुर में अपनी जमीन लौटाना चाहती है।
नैनो की बुकिंग पर निर्भर करेगा सिंगुर की जमीन का भविष्य
पांच लाख से अधिक बुकिंग होने पर दूसरे सैटेलाइट संयंत्र की होगी जरूरत
णटाटा मोटर्स के लिए सिंगुर हो सकता है बेहतर विकल्प
णणवेंडर भी पूरे साल का किराया देने को हैं तैयार
णपंतनगर इकाई से नहीं हो पा रहा लक्षित उत्पादन

First Published - April 14, 2009 | 5:59 PM IST

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