मंदी में जहां अधिकांश उत्पादन इकाइयों को अपने पंख समेटने पड़ रहे हैं, वहीं पंजाब के राजपुरा में ओम इंजीनियरिंग विस्तार की योजनाएं बना रही है।
कंपनी चपाती बनाने के कारोबार से जुड़ी हुई है। कंपनी पहले बिस्कुट बनाती थी पर तीन साल पहले ही उसने देश के साथ-साथ विदेशों से चपाती की भारी मांग को देखते हुए इसका उत्पादन शुरू किया था।
कंपनी के निदेशक विद्या सागर ने बताया कि ग्राहकों की ओर से भारी मांग को देखते हुए ही कंपनी ने चपाती बनाने वाले संयंत्र की क्षमता प्रति घंटा 10,000 चपाती से बढ़ाकर 40,000 चपाती कर दी थी।
उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई क्षमता के साथ कंपनी का पहला संयंत्र अप्रैल के अंत से काम करना शुरू कर देगा। पहले इस संयंत्र में हर घंटे 20 किलो एलपीजी की खपत होगी जबकि, पुराने संयंत्र में हर घंटे 8 किलो एलपीजी की खपत होती थी।