facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

किरायेदारी के नियमन की तैयारी

Last Updated- December 14, 2022 | 8:24 PM IST

अब उतर प्रदेश में किरायेदारों से लेकर मकान मालिकों को कानूनी संरक्षण मिलेगा। मकान मालिक न तो मनमाने तरीके से किराया बढ़ा सकेंगे और न ही किरायेदार बिना भुगतान रह सकेंगे।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किराएदारी को लेकर एक नया कानून लाने जा रही है। नए कानून के तहत मकान मालिक और किराएदार दोनों के हित सुरक्षित होंगे और उन्हें कानूनी संरक्षण मिल सकेगा। नया कानून लागू होने के बाद मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया भी नहीं बढ़ा पाएंगे और न ही बिना किराया चुकाए किराएदार रह सकेंगे।
इसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश लाने जा रही है। आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है, जल्द इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
नए कानून के प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने किया जा चुका है और इसे सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। किराएदारी कानून के लागू हो जाने के साथ प्रदेश में सरकार एक किराया प्राधिकरण का गठन भी करेगी।
आवास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नए कानून के मुताबिक सभी तरह की आवासीय संपत्तियों पर 5 फीसदी और गैर-आवासीय पर 7 फीसदी सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा। अभी प्रदेश में मकान मालिक व किराएदार के बीच होने वाले अनुबंध में ज्यादातर में सालाना 10 फीसदी किराया बढ़ाने की शर्त रखी जाती है। अब किराएदारों को साल दर साल बढऩे वाले मनमाने किराए से निजात मिलेगी।
नए कानून में किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले स्थल की देखभाल करनी होगी। किराए की संपत्ति में होनी वाली टूट-फूट की जिम्मेदारी किराएदार की होगी।
कानून में प्रावधान होगा कि अगर किराएदार दो महीने तक किराया नहीं दे पाएगा तो मकान मालिक उसे हटा सकेगा। साथ ही अब नए कानून के प्रावधानों के मुताबिक किराएदार घर में बिना पूछे तोडफ़ोड़ भी नहीं कर पाएगा न ही कोई स्थाई या अस्थाई निर्माण कर सकेगा।
नए कानून के लागू हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश में बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख पाएगा। साथ ही मकान मालिक को किराएदार की जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी। नए कानून के तहत किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा।
किराया प्राधिकरण ही संपत्ति में किराएदारी से संबंधित किसी विवाद का निपटारा करेगा।

मुंबई में आवास पंजीकरण 9 साल के उच्च स्तर
महाराष्ट्र सरकार के स्टांप शुल्क में कटौती करने और ऊंची त्योहारी मांग के चलते मुंबई में नवंबर में 9,301 आवासों का पंजीकरण हुआ है। संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक के अनुसार यह पिछले नौ साल का उच्च स्तर है और सालाना आधार पर 67 प्रतिशत की वृद्धि है। नाइट फ्रैंक ने एक बयान में कहा, ‘नवंबर 2020 में 9,301 मकानों का पंजीकरण हुआ है। यह मुंबई में पिछले नौ साल में नवंबर के महीने में सबसे अधिक आवासों का पंजीकरण है।’ नवंबर में आवासों का पंजीकरण मासिक आधार पर 17 प्रतिशत और सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़ा है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘मुंबई में बिक्री तेज करने में स्टांप शुल्क में सीमित अवधि के लिए की गई कटौती ने अहम भूमिका है।’ भाषा

First Published - December 9, 2020 | 11:24 PM IST

संबंधित पोस्ट