विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के दौरान अलग-अलग पार्टियों के नेता | फोटो: PTI
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर केंद्र सरकार को चुनौती देने का संकल्प लिया गया। विपक्षी नेताओं ने एक सुर में सीबीएसई परिणाम में गड़बड़ी और नीट का पेपर लीक होने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया और उनसे इस्तीफे की मांग की। सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने इस बात की जोरदार पैरवी की कि गठबंधन में शामिल दलों को एक-दूसरे की आलोचना करने से बचना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में हार के बाद इस गठबंधन को लेकर उनके रुख में बदलाव आया है।
बैठक में ममता और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात भी हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले ममता ने सोनिया गांधी से करीब 10 मिनट लंबी बातचीत की। बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तर्क दिया कि यदि विपक्षी दलों को भाजपा और मोदी सरकार को सफलतापूर्वक चुनौती देनी है तो उनके बीच आपसी विश्वास और एकजुटता आवश्यक होगी।
बैठक में शामिल एक नेता ने बताया, ‘राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ के अन्य घटक एक तरफ हैं और दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस है। दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की सोमवार को हुई बैठक में आम आदमी पार्टी (आप) की अनुपस्थिति ने लगभग इस बात की पुष्टि कर दी कि वह अब विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और पार्टी के एक नेता ने एक संवाददाता सम्मेलन में भी यही बात कही।
‘आप’ के नेता एवं राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, ‘हमने कई बार स्पष्ट किया है कि आम आदमी पार्टी अब ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसकी बैठक में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।’
इसी प्रकार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने भी ऐलान किया कि वह अब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हिस्सा नहीं है और भविष्य में भाजपा विरोधी गठबंधन आकार ले सकता है।