facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Ratan Tata: 86 साल के हुए भारत के रत्न Ratan Tata, जानिए उनके बारे में 10 रोचक बातें

Advertisement

बिजनेस टाइकून Ratan Tata आज 86 साल के हो गए। उनका जन्म 28 दिसंबर, 1937 को मुंबई में नवल टाटा और सूनी टाटा के घर हुआ था।

Last Updated- December 28, 2023 | 12:19 PM IST
Ratan tata image

Happy Birthday Ratan Tata: रतन नवल टाटा भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व हैं जिन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। भारत में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसने यह नाम न सुना हो।

बिजनेस टाइकून रतन टाटा (Ratan Tata) आज 86 साल के हो गए। उनका जन्म 28 दिसंबर, 1937 को मुंबई में नवल टाटा और सूनी टाटा के घर हुआ था। इंडस्ट्रिलिस्ट, उद्यमी और टाटा संस के चेयरमैन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने दान कार्यों के लिए जाने जाते हैं।

आज हम बिजनेस टाइकून रतन टाटा के बारे में कुछ दिलचस्प और ऐसे तथ्यों के बारे में बात करेंगे जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे;

1. बचपन

1937 में जन्मे रतन टाटा के पिता नवल टाटा जमशेदजी टाटा के गोद लिए हुए पोते थे। उनकी माता का नाम सूनी टाटा था। रतन टाटा Tata Group की स्थापना करने वाले जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वर्ष 1948 में जब वह सिर्फ 10 साल के थे, तब उनके माता-पिता अलग हो गए। उनकी दादी नवाजबाई टाटा ने ही पाला पोसा और बढ़ा किया।

2. अविवाहित हैं रतन टाटा

रतन टाटा अविवाहित हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके जीवन में चार बार ऐसे पल आये जब वह शादी करने के करीब थे, लेकिन अलग-अलग वजहों से शादी नहीं कर सके।

उन्होंने एक बार स्वीकार भी किया था कि जब वह लॉस एंजिल्स में काम कर रहे थे, तब एक समय ऐसा आया जब उन्हें प्यार हो गया। लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध के कारण लड़की के माता-पिता उसे भारत भेजने के विरोध में थे। जिसके बाद उन्होंने कभी शादी नहीं की।

3. बहुत पढ़े-लिखे हैं टाटा

रतन टाटा ने 8वीं कक्षा तक कैंपियन स्कूल, मुंबई से पढ़ाई की और उसके बाद मुंबई के कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल से उन्होंने पढाई की। इसके बाद रतन टाटा ने शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से पढ़ाई की और 1955 में न्यूयॉर्क शहर के रिवरडेल कंट्री स्कूल से ग्रेडुएशन की डिग्री प्राप्त की।

4. रतन टाटा की पहली नौकरी

रतन टाटा की पहली नौकरी टाटा स्टील में थी जो उन्होंने वर्ष 1961 में ली थी। उनकी पहली जिम्मेदारी ब्लास्ट फर्नेस और फावड़ा चूना पत्थर का प्रबंधन करना था।

5. विनम्र और ज़मीन से जुड़े रतन टाटा

रतन टाटा नेबहुत विनम्र स्वाभाव के है और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है। उन्होंने एक बार IBM से नौकरी के ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था और इसके बजाय वह टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर शुरुआत करके अपने पारिवारिक बिजनेस में शामिल हो गए।

6. Tata Group को बुलंदियों पर पहुंचाया

साल 1991 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन बनक उन्होंने समूह को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और ग्रुप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। यह सब उनके व्यावहारिक बिजनेस स्किल्स के कारण संभव हुआ।

उनके शानदार नेतृत्व में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू 40 गुना से ज्यादा बढ़ गया। मुनाफा भी 50 गुना से भी ज्यादा हो गया। 1991 में 5.7 बिलियन डॉलर कमाने वाली कंपनी की साल 2016 में कमाई कई गुना बढ़कर 103 बिलियन डॉलर हो गई।

7. कई कंपनियों के साथ ऐतिहासिक मर्जर में रतन टाटा का योगदान

रतन टाटा ने अपनी कंपनी के लिए कुछ ऐतिहासिक मर्जर भी किए। इनमें टाटा मोटर्स के साथ लैंड रोवर जगुआर, टाटा टी के साथ टेटली और टाटा स्टील के साथ कोरस का मर्जर शामिल है। इन सभी विलयों ने टाटा ग्रुप की अभूतपूर्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

8. वादा निभाने के पक्के हैं रतन टाटा

साल 2009 में उन्होंने देश की सबसे सस्ती कार बनाने का वादा किया था। उन्होंने ऐसी कार बनाई थी जिसे भारत का मिडल क्लास भी खरीद सके। उन्होंने अपना वादा पूरा किया और 1 लाख रुपये में टाटा नैनो (Tata Nano) लॉन्च की थी। भले ही यह गाड़ी इतनी सफलता हासिल नहीं कर पाई लेकिन रतन टाटा ने अपना वाद बखूबी निभाया।

09. पायलट भी हैं रतन टाटा

रतन टाटा को फ्लाइट और फ्लाइंग बहुत पसंद है। वह एक स्किलड पायलट हैं। रतन टाटा 2007 में F-16 फाल्कन को चलाने वाले पहले भारतीय थे।

10. कुत्तों से बहुत प्यार

जमशेदजी टाटा के दिनों से ही टाटा संस के मुख्यालय बॉम्बे हाउस में बारिश के दौरान आवारा कुत्तों को आने देने की परंपरा रही है। हाल ही में नवीनीकरण के बाद बॉम्बे हाउस में अब आवारा कुत्तों के लिए एक कुत्ताघर है। यह केनेल खिलौने, खेल क्षेत्र, पानी और भोजन जैसी सुविधाएं है।

परंपरा को जारी रखते हुए रतन टाटा को इन कुत्तों से बेहद प्यार है। उनके पास टीटो और मैक्सिमस नाम के दो पालतू कुत्ते हैं जिनकी वह बहुत प्यार से देखभाल करते हैं।

Advertisement
First Published - December 28, 2023 | 11:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement