कैलिफोर्निया में ऐपल इंक के मुख्यालय के बाहर कंपनी के नामित सीईओ जॉन टर्नस और मौजूदा सीईओ टिम कुक।
ऐपल ने लंबे समय से कंपनी में हार्डवेयर प्रमुख रहे जॉन टर्नस को अपना अगला मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) नामित किया है, जो टिम कुक के बाद आईफोन विनिर्माता कंपनी का नेतृत्व करेंगे। स्टीव जॉब्स के बाद ऐपल की जिम्मेदारी संभालने वाले टिम कुक का सीईओ के रूप में लगभग 15 साल का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो जाएगा।
ऐपल ने कहा कि कुक आपूर्ति श्रृंखला के माहिर हैं और उन्होंने 15 साल तक कंपनी की कमान संभालते हुए कंपनी का बाजार मूल्यांकन 3,600 अरब डॉलर से भी अधिक तक पहुंचा दिया। कुक 1 सितंबर को सीईओ की जिम्मेदारियां जॉन टर्नस को सौंप देंगे लेकिन वह कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो स्थित इस कंपनी में कार्यकारी चेयरमैन के तौर पर जुड़े रहेंगे। इससे पहले एमेजॉन के जेफ बेजोस और नेटफ्लिक्स के रीड हेस्टिंग्स ने भी सीईओ के तौर पर अपने अत्यंत सफल कार्यकाल के समापन के बाद ऐसी ही व्यवस्था की थी।
भले ही टिम कुक इस धारणा को कभी दूर नहीं कर पाए कि उनमें जॉब्स जैसी दूरदृष्टि का अभाव है लेकिन उन्होंने आईफोन की लोकप्रियता और जॉब्स की अन्य क्रांतिकारी उपलब्धियों का लाभ उठाकर ऐपल को उन ऊंचाइयों तक पहुंचाया जो 1990 के दशक के मध्य में दिवालिया होने की कगार पर खड़ी कंपनी के लिए अकल्पनीय लगती है।
टर्नस 2001 में ऐपल से जुड़े थे और उन्होंने मैक जैसे उत्पादों को फिर से लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि उन्होंने खुद को सुर्खियों से दूर रखा है लेकिन ऐपल के आईपैड और एयरपॉड जैसे चर्चित उत्पादों को आकार देने में उनकी अहम भूमिका रही है।
नेतृत्व में यह बदलाव ऐपल के लिए ऐसे समय पर आया है जब सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में वर्षों तक शीर्ष पर रहने के बाद ऐपल ने अपना ताज एआई चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया के हाथों गंवा दिया है। इसकी वजह यह है कि निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ऐपल उस तकनीक में नयापन लाने में पीछे रह गया है जो लोगों के काम करने, कुछ नया बनाने और जानकारी पाने के तरीके को बदल रही है। आईफोन में एआई को शामिल करना टर्नस के लिए सबसे मुश्किल चुनौती हो सकती है।