facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Interoperability: WhatsApp और Messenger यूजर्स जल्द ही थर्ड-पार्टी ऐप्स के साथ कर सकेंगे बातचीत

Advertisement

WhatsApp third-party chat: मेटा ने DMA के अनुपालन में WhatsApp और Messenger के लिए थर्ड-पार्टी ऐप इंटरऑपरेबिलिटी की घोषणा की

Last Updated- March 07, 2024 | 7:09 PM IST
WhatsApp voice chat

मेटा ने घोषणा की है कि वह EU में डिजिटल मार्केट एक्ट (DMA) के अनुपालन के तहत थर्ड पार्टी ऐप्स को WhatsApp और Messenger के जरिए बातचीत करने की अनुमति देगा। इसका मतलब है कि थर्ड पार्टी ऐप्स के यूजर्स अगर चुनते हैं तो Messenger या WhatsApp के यूजर्स के साथ संदेश भेज और प्राप्त कर सकते हैं।

इसके लिए यूजर्स की अनुमति के अलावा, थर्ड पार्टी प्रोवाइडर्स को Messenger और WhatsApp के साथ एक समझौता साइन करना होगा और अपने ऐप और मेटा के WhatsApp या Messenger के बीच क्रॉस-प्लेटफॉर्म मैसेजिंग को चालू करने के लिए कंपनी के साथ मिलकर काम करना होगा।

मेटा ने प्रेस नोट में कहा कि वह जल्द ही थर्ड पार्टी प्रोवाइडर्स के लिए WhatsApp रेफरेंस ऑफर जारी करेगा जो यह बताएगा कि प्लेटफॉर्म के साथ इंटरऑपरेट करने के लिए क्या जरूरी होगा। इसके दूसरे प्लेटफॉर्म Messenger के लिए रेफरेंस ऑफर जल्द ही जारी किया जाएगा।

मेटा ने कहा कि कंपनी रिक्वेस्ट प्राप्त होने के तीन महीने के भीतर अन्य सेवाओं के साथ इंटरऑपरेबिलिटी चालू करने के लिए काम करेगी, जो DMA के तहत आवश्यक है। हालांकि, सार्वजनिक उपयोग के लिए फंक्शनैलिटी शुरू होने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

Also Read: SingTel ने ब्लॉक डील के जरिए Bharti Airtel की हिस्सेदारी GQG पार्टनर्स को बेची, जानें शेयर की ताजा स्थिति

साथ ही, कंपनी चाहती है कि थर्ड पार्टी ऐप्स अपने प्लेटफ़ॉर्म के साथ कम्युनिकेशन करते समय एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू करने के लिए सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग करें।

WhatsApp और Messenger एन्क्रिप्शन के लिए सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं, जो सुरक्षा के लिए आवश्यक है। यदि कोई थर्ड पार्टी ऐप सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करता है, तो उसे यह दिखाना होगा कि उसका एन्क्रिप्शन मैथड सिग्नल के समान सुरक्षा मानकों को पूरा करता है कि नहीं।

मेटा ने कहा है कि वह अन्य ऐप्स के साथ “इंटरऑपरेबिलिटी” प्रदान करने के लिए बाध्य है। इसका मतलब है कि मेटा को अन्य ऐप्स को अपने साथ काम करने की अनुमति देनी होगी, भले ही वे मेटा के सिग्नल ऐप का उपयोग न करें। हालांकि, मेटा यह गारंटी नहीं देता है कि कोई थर्ड पार्टी प्रोवाइडर्स भेजे गए या प्राप्त संदेशों के साथ क्या करता है।

Advertisement
First Published - March 7, 2024 | 7:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement