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प्रमुख स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्ट टीवी ब्रांड खो रहे बाजार हिस्सेदारी

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स्मार्टवॉच, टीडब्ल्यूएस और नेकबैंड जैसे एएसपी वाले उपकरणों में बड़े ब्रांडों का दबदबा बढ़ रहा है

Last Updated- December 27, 2023 | 11:08 PM IST
Apple iPhone exports

स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में प्रमुख पांच ब्रांड सामूहिक रूप से अपना बाजार गंवा रहे हैं या साल 2022 की तुलना में इस कैलेंडर वर्ष में अपना दबदबा दोबारा हासिल नहीं कर पाए हैं।

हालांकि, काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार स्मार्टवॉच, ट्रू वायरलेस स्टीरियो (टीडब्ल्यूएस) इयरफोन और नेकबैंड जैसे ‘औसत बिक्री मूल्य’ (एएसपी) वाले उपकरणों के मामले में बड़े ब्रांडों के लिए समेकन का समय आ गया है, क्योंकि वे बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

स्मार्टफोन की बिक्री में प्रमुख पांच ब्रांडों की हिस्सेदारी साल 2022 के 80 प्रतिशत से गिरकर इस साल के अनुमान के अनुसार 73 प्रतिशत रह गई है, जबकि कुल बाजार में दो प्रतिशत तक की गिरावट आई है।

इसलिए तीन प्रमुख ब्रांड – सैमसंग, श्याओमी और रियलमी ने बाजार हिस्सेदारी गंवा दी है। ओपो पिछले साल के समान स्तर पर बरकरार है। केवल वीवो में एक प्रतिशत का इजाफा देखा गया है।

टैबलेट के मामले में भी शीर्ष पांच ब्रांडों में गिरावट देखी गई है, जो साल 2022 के 87 प्रतिशत से घटकर साल 2023 में 83 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बाजार के अग्रणी ब्रांड सैमसंग की तरफ से तेज गिरावट आई है। इसकी बाजार हिस्सेदारी में 10 प्रतिशत अंकों की खासी गिरावट आई है। ऐपल, लावा और रियलमी लाभ पाने वाले रहे हैं।

यहां तक कि स्मार्ट टीवी के बाजार में भी रुझान बड़े ब्रांडों से हटकर छोटे या क्षेत्रीय ब्रांडों के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियों (जैसे एमेजॉन) द्वारा निर्मित ब्रांडों की ओर चला गया है। यह बड़ा बदलाव है। शीर्ष पांच ब्रांड के अलावा अन्य ब्रांडों की हिस्सेदारी साल 2021 में 43.2 प्रतिशत थी, जो साल 2022 में बढ़कर 57 प्रतिशत हो गई और साल 2023 में केवल एक प्रतिशत अंक कम हुई।

हालांकि बारीकी से देखें, तो ऐसा मुख्य रूप से टीसीएल की वजह से हुआ। इसने साल 2023 में दो प्रतिशत अंकों की बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जबकि श्याओमी, सैमसंग, एलजी और वनप्लस ने या तो बाजार हिस्सेदारी गंवा दी या फिर पिछले साल के समान स्तर पर रहने में कामयाब रहे।

इस रुझान के बारे में काउंटरपॉइंट की वरिष्ठ विश्लेषक अंशिका जैन ने कहा ‘स्मार्टफोन के मामले में एएसपी बढ़ रहा है क्योंकि प्रीमियम श्रेणी में इजाफा देखा गया है और शीर्ष ब्रांडों को मध्य स्तर वाले ब्रांडों की वृद्धि के कारण बाजार हिस्सेदारी में गिरावट का सामना करना पड़ा है।

इसके अलावा शीर्ष ब्रांडों के मामले में अतिरिक्त स्टॉक ने शिपमेंट को प्रभावित किया है, जिससे अन्य ब्रांडों की तरफ से प्रतिस्पर्धा बढ़ी। जैसे-जैसे प्रीमियम का चलन बढ़ेगा, स्मार्टफोन और टैबलेट में शीर्ष पांच ब्रांड की हिस्सेदारी कमजोर होती रहेगी।

अलबत्ता अन्य श्रेणियों में रुझान अलग होगा। उन्होंने कहा कि नेकबैंड, टीडब्ल्यूएस और स्मार्टवॉच जैसे कम एएसपी वाली श्रेणी के मामले में समेकन होता देखा गया है। इन शुरुआती स्तर वाले उत्पादों में रिप्लेसमेंट चक्र छोटा और मांग अधिक होती है।

शुरुआती स्तर के उत्पादों की स्थिर शिपमेंट की वजह से प्रमुख ब्रांड किफायती पेशकशों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अधिक बाजार हिस्सेदारी हासिल करते रहेंगे।

यही वजह है कि स्मार्टवॉच के मामले में शीर्ष पांच ब्रांडों (नॉइज, फायर बोल्ट, बोट, सैमसंग और पेब्ले ) की बाजार हिस्सेदारी पिछले साल के 77 प्रतिशत से बढ़कर साल 2023 में 80 प्रतिशत हो गई। टीडब्ल्यूएस के इयरफोन बाजार में, जहां बोट (41 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ) का दबदबा है, शीर्ष पांच ब्रांड ने साल 2023 में अपनी हिस्सेदारी पिछले साल के 66 प्रतिशत से बढ़कर 69 प्रतिशत तक होते देखी है।

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First Published - December 27, 2023 | 11:08 PM IST

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